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अवैध निर्माण तोड़ने के एक साल बाद भी नहीं हटा मलबा
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जिला प्रशासन की ओर से तोड़ा स्थाई अतिक्रमण, वहां पर पड़ा मलवा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कचहरी से लालपुल जाने वाले रोड किनारे लोगों ने कब्जा कर वहां पर निर्माण करा लिया था, इसके बाद जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर अवैध निर्माण तोड़ दिया। कुछ मलबे को मौके से हटा दिया तो बाकी बचा मलबा आज तक नहीं हटाया जा सका है। ऐसे में साल भर बाद भी यह रोड चौड़ा नहीं हो सका है।
तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने एक साल पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार की निगरानी में अभियान चलाया गया। ऐसे में लावेला चौक, गद्दी चौक समेत कचहरी से लालपुल तिराहे की ओर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। इसमें प्रशासन की ओर से स्थायी अतिक्रमण को तोड़ने के बाद मौके से कुछ मलबा हटा दिया गया तो बाकी बचे मलबे को हटाने के लिए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से वक्त मांगा। यह और बात है कि एक साल गुजरने के बाद भी आज तक मलबा नहीं हट सका है। इसकी वजह से जिला प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण का भी कोई फायदा लोगों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालात ये है कि आज भी लोगों को दिन में यहां पर जाम से जूझना पड़ जाता है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बिजली के पोल भी नहीं हट सके
पावर कॉरपोरेशन की ओर से पहले बिजली के खंभे लगाए गए थे। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद किनारे लगे पोल अब सड़क के बीच में आ गए हैं। इन्हें आज तक नहीं हटाया गया है। यह भी परेशानी की वजह बन रहे हैं। अक्सर इनकी वजह से सड़क हादसे हो जाते हैं।
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चामुंडा चौक के पास में स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया था। साथ ही तुरंत ही मलबा भी हटवाया गया था। कुछ लोगों ने मलबा खुद ही हटाने की बात कही थी। अगर लोगों ने उसे नहीं हटाया है तो उसे हटवाया जाएगा।
- अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने एक साल पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार की निगरानी में अभियान चलाया गया। ऐसे में लावेला चौक, गद्दी चौक समेत कचहरी से लालपुल तिराहे की ओर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। इसमें प्रशासन की ओर से स्थायी अतिक्रमण को तोड़ने के बाद मौके से कुछ मलबा हटा दिया गया तो बाकी बचे मलबे को हटाने के लिए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से वक्त मांगा। यह और बात है कि एक साल गुजरने के बाद भी आज तक मलबा नहीं हट सका है। इसकी वजह से जिला प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण का भी कोई फायदा लोगों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालात ये है कि आज भी लोगों को दिन में यहां पर जाम से जूझना पड़ जाता है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बिजली के पोल भी नहीं हट सके
पावर कॉरपोरेशन की ओर से पहले बिजली के खंभे लगाए गए थे। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद किनारे लगे पोल अब सड़क के बीच में आ गए हैं। इन्हें आज तक नहीं हटाया गया है। यह भी परेशानी की वजह बन रहे हैं। अक्सर इनकी वजह से सड़क हादसे हो जाते हैं।
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चामुंडा चौक के पास में स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया था। साथ ही तुरंत ही मलबा भी हटवाया गया था। कुछ लोगों ने मलबा खुद ही हटाने की बात कही थी। अगर लोगों ने उसे नहीं हटाया है तो उसे हटवाया जाएगा।
- अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट