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दातागंज-बरेली रोड पर लगाया जाम

Fri, 13 Aug 2021 12:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:35 AM IST
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Civic Amenities
बरेली-दातागंज रोड पर लगा जाम, मौजूद भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
दातागंज (बदायूं)। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गई गांवों में बिजली ठप होने से नाराज ग्रामीण बृहस्पतिवार दोपहर सड़क पर उतर आए। उन्होंने बरेली-दातागंज मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम चार घंटे बाद शाम छह बजे वरिष्ठ अधिकारियों के 15 दिन में व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के आश्वासन पर जाम खत्म हो सका। इस दौरान कई किमी तक वाहन फंसे रहे।
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कोतवाली क्षेत्र के समरेर इलाके में कई दिनों से बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। किसान खेतों में सिंचाई करने तक को तरस गए हैं। उनकी फसलें सूख रहीं हैं। लोगों के मोबाइल तक चार्ज नहीं हो रहे हैं। ये अव्यवस्था एक-दो गांव में नहीं बल्कि 35-40 गांवों में है।
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कई शिकायत करने के बावजूद जब व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आसपास के कई गांवों के लोग बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे सड़क पर उतर आए। उन्होंने दातागंज-बरेली रोड पर वौरा गांव के नजदीक जाम लगा दिया। सूचना पर दातागंज, हजरतपुर, मूसाझाग और आसपास थानों की पुलिस बुला ली गई लेकिन ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। देर शाम तक जाम लग रहा। इस दौरान कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीण भी सड़क पर बैठे रहे। वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। शाम छह बजे एसडीएम व सीओ दातागंज ने बिजली अधिकारियों के साथ पहुंचकर आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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जाम में कई घंटों तक परेशान रहे लोग
दातागंज बरेली मार्ग पर दोपहर से शाम तक तगड़ा जाम लगा रहा। इसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। उनमें सवार लोगों को काफी दिक्कत हुई। सबसे ज्यादा दिक्कत वाहनों में सवार छोटे बच्चों को हुई।
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जाम में एंबुुलेंस भी फंसीं
बरेली-दातागंज मार्ग पर लगे जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं। बताया जा रहा है कि कुछ एंबुलेंस में मरीज भी थे और कुछ एंबुलेंस मरीजों को लेने जा रहीं थीं। जाम खुलने पर इन्हें निकाला जा सका।
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बुधवार-शनिवार को ठप कर दी जाती है सप्लाई
समरेर विद्युत उपकेंद्र से करीब 35-40 गांवों को सप्लाई जाती है। समरेर में बुधवार और शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। यहां पर तार काफी नीचे लटक रहे हैं। इससे दोनों दिन सप्लाई बंद रहती है। इससे ग्रामीण और ज्यादा नाराज हैं। बाकी दिन भी ठीक से सप्लाई नहीं मिलती। लो वोल्टेज आती है। किसानों के ट्यूबवेल चलना तो दूर उनके मोबाइल तक चार्ज नहीं होते।
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सुखौरा से आगे की काट देते हैं लाइन
अक्सर इस इलाके में वोल्टेज ठीक करने के लिए सुखौरा से आगे की लाइन काट दी जाती है। आगे की लाइन कटने से उससे पीछे के गांव में वोल्टेज बढ़ जाते हैं लेकिन उससे आगे 20-25 गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं।
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समरेर उपकेंद्र पर नहीं रहते कर्मचारी
इस समय समरेर विद्युत उपकेंद्र का बुरा हाल है। अक्सर यहां कोई कर्मचारी नहीं रहता, जो आसपास के ग्रामीणों की समस्या को सुन सके और उसका समाधान कर सके।
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गुस्साए ग्रामीणों ने एक दिन पहले घेरा था कर्मचारी
एक दिन पहले कोतवाली क्षेत्र के नेता झुकसा गांव में लोगों ने कर्मचारी दिनेश को घेर लिया था। उसके साथ मारपीट भी की थी। गनीमत रही कि कर्मचारी किसी तरह उनसे बचकर भागने में सफल रहा।
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दातागंज एसडीएम और सीओ ने मौके पर ग्रामीणों से बात की। बिजली अधिकारी भी आ गए थे। उन्होंने बताया है कि पंद्रह दिन में व्यवस्था सही कर ली जाएगी। हमने बिजली अधिकारियों से भी कहा है कि वह अपनी व्यवस्था में सुधार लाएं। शाम छह बजे जाम खुलवा दिया गया। ग्रामीण अपने घरों को चले गए।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
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बिजली कटौती, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में ग्रामीणों का गुस्सा बृहस्पतिवार को फूट गया।
-सूरजपाल, गांव सराय पस्तौर
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क्षेत्र में फसलों की सिंचाई पूरी तरह से नलकूपों पर निर्भर है। लो वोल्टेट, कटौती और ओवरलोडिंग के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे। फसलें बर्बाद हो रही हैं। शिकायतों पर भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।
-अमित कुमार, गांव सुखौरा
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क्षेत्र के ग्रामीण और किसान लंबे समय से सब स्टेशन की स्थापना की मांग कर रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि वायदा तो करते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में लोगों के पास अपनी बात मजबूती से रखने का जरिया आंदोलन ही है।

-गिरीश पाल सिंह, गढ़ाह
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सिंचाई न होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। कोई सुनने वाला नहीं। लो वोल्टेज और बिजली कटौती नई समस्या नहीं है। किसान परेशान है। पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-अजयपाल, गांव सुखौरा
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