{"_id":"60d8cdb48ebc3ee2215b51e8","slug":"civic-amenities-badaun-news-bly451269781","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहसवान के दो गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहसवान के दो गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/ सहसवान/ उसहैत। गंगा में जलस्तर घटने के साथ कई स्थानों पर कटान तेज हो गया है। सहसवान इलाके के वीर सहाय नगला और खागी नगला गांवों में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं, जिससे कई एकड़ भूमि गंगा में समा गई है। दूसरी ओर उसहैत, जटा और अहमदनगर बछौरा में कटान का खतरा बना हुआ है।
पिछले सप्ताह गंगा में नरौरा बैराज से कई दिन लगातार दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके बाद उसहैत, सहसवान, कछला के 15 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। कई गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है। इससे सड़ांध आने लगी है। अब नरौरा बांध से गंगा में काफी कम पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन कटान बढ़ गया है। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 34948 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान कछला में गंगा का मीटरगेज 161.50 पर आ गया है। जलस्तर कम होने से सहसवान के तटवर्ती गांव खागी नगला और वीर सहाय नगला में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं।
उधर, उसहैत के जमीदाराना बांध के अंदर बसे गांव अहमदनगर बछौरा में हालात अब भी खराब हैं। जटा गांव में भी कटान का खतरा है। अहमनगर बछौरा में गंगा गांव के नजदीक पहुंच गई हैं। कटान कब शुरू हो जाए इसको लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि गंगा अपने फाट में हैं। फाटों में ही कटान हो रहा है। हालात पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
अभी तो मामूली बारिश हुई है तब यह हाल हो गया। आगे बारिश का सीजन तो अब शुरू होने वाला है। आने वाले दिनों में गंगा इससे कहीं ज्यादा उफान पर होंगी। फिलहाल जल स्तर सामान्य है। - प्रहलाद, उसहैत
आमतौर पर गंगा में उफान जुलाई के आखिर में आता है। इस बार जून में ही ज्यादा बारिश हो गई, जिससे यह हालात पैदा हो गए हैं। आने वाले दिनों में गंगा में ज्यादा उफान आएगा और कटान भी होगा। - कल्यान, उसहैत
गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। अब तक बाढ़ खंड ने यहां कटान रोकने के ठोस उपाय नहीं किए हैं। ऐसा ही रहा तो काफी जमीन गंगा में समा जाएगी। - छविराम, सहसवान
बाढ़ में काफी समस्या हुई थी। गांव में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अब कटान हो रहा है। फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कटान के कारण जमीन भी गंगा में समा रही है। - लालाराम, सहसवान
कुछ स्थानों पर मामूली कटान हो रहा है, लेकिन गंगा अपने फाटों में हैं। स्थिति सामान्य है। निगरानी की जा रही है। अगर कहीं कटान होता है तो उसे रोकने की पहले से तैयारी कर ली गई है। - जयंती प्रसाद, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
विज्ञापन
पिछले सप्ताह गंगा में नरौरा बैराज से कई दिन लगातार दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके बाद उसहैत, सहसवान, कछला के 15 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। कई गांवों में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है। इससे सड़ांध आने लगी है। अब नरौरा बांध से गंगा में काफी कम पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन कटान बढ़ गया है। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 34948 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान कछला में गंगा का मीटरगेज 161.50 पर आ गया है। जलस्तर कम होने से सहसवान के तटवर्ती गांव खागी नगला और वीर सहाय नगला में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं।
विज्ञापन
उधर, उसहैत के जमीदाराना बांध के अंदर बसे गांव अहमदनगर बछौरा में हालात अब भी खराब हैं। जटा गांव में भी कटान का खतरा है। अहमनगर बछौरा में गंगा गांव के नजदीक पहुंच गई हैं। कटान कब शुरू हो जाए इसको लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि गंगा अपने फाट में हैं। फाटों में ही कटान हो रहा है। हालात पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
अभी तो मामूली बारिश हुई है तब यह हाल हो गया। आगे बारिश का सीजन तो अब शुरू होने वाला है। आने वाले दिनों में गंगा इससे कहीं ज्यादा उफान पर होंगी। फिलहाल जल स्तर सामान्य है। - प्रहलाद, उसहैत
आमतौर पर गंगा में उफान जुलाई के आखिर में आता है। इस बार जून में ही ज्यादा बारिश हो गई, जिससे यह हालात पैदा हो गए हैं। आने वाले दिनों में गंगा में ज्यादा उफान आएगा और कटान भी होगा। - कल्यान, उसहैत
गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। अब तक बाढ़ खंड ने यहां कटान रोकने के ठोस उपाय नहीं किए हैं। ऐसा ही रहा तो काफी जमीन गंगा में समा जाएगी। - छविराम, सहसवान
बाढ़ में काफी समस्या हुई थी। गांव में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अब कटान हो रहा है। फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कटान के कारण जमीन भी गंगा में समा रही है। - लालाराम, सहसवान
कुछ स्थानों पर मामूली कटान हो रहा है, लेकिन गंगा अपने फाटों में हैं। स्थिति सामान्य है। निगरानी की जा रही है। अगर कहीं कटान होता है तो उसे रोकने की पहले से तैयारी कर ली गई है। - जयंती प्रसाद, सहायक अभियंता बाढ़ खंड