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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पीसी शर्मा की जमानत याचिका
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बदायूं। डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में आरोपी पीसी शर्मा की जमानत अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी पीसी शर्मा को अप्रैल 2017 में जमानत दे दी थी। साधना शर्मा की बहन विपर्णा गौड़ ने पीसी शर्मा की जमानत खारिज करने को लेकर अर्जी दी थी। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मार्च 2020 में पीसी की जमानत निरस्त कर दी थी। दो जुलाई को पुलिस ने पीसी शर्मा को जेल भेज दिया था।
डीजीसी साधना शर्मा की 13 मई 2016 में उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह काम निपटाकर उझानी स्थित अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में उनकी स्कूटी को टवेरा गाड़ी ने टक्कर मारी थी। इससे साधना शर्मा की मौत हो गई। विवेचना में पीसी शर्मा, उसकी पत्नी कमलेश शर्मा, मृतका की बहन श्रद्धा गुप्ता, बहनोई श्रवण गुप्ता समेत 11 नाम प्रकाश में आए थे। मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की जमानत हाईकोर्ट से 26 अप्रैल 2017 को मंजूर हो गई थी। इसके खिलाफ वादिनी मृतका साधना शर्मा की बहन विपर्णा गौड़ ने पीसी शर्मा की जमानत खारिज कराने को हाईकोर्ट में बेल कैंसिलेशन अर्जी दी थी। मामले में विपर्णा ने खुद बहस करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के समक्ष अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने छह मार्च 2020 को पीसी शर्मा की जमानत निरस्त कर दी।
हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के बाद विपर्णा ने प्रथम सत्र न्यायाधीश आर.के सिंह के कोर्ट में पीसी शर्मा के नाम वारंट जारी करने का प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने विगत 23 जून को पीसी शर्मा के नाम गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बाद भी पीसी शर्मा की गिरफ्तारी न होने पर विपर्णा ने डीजी कंट्रोल के यहां लिखित और मौखिक शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने दो जुलाई 2020 को पीसी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विपर्णा के अनुसार हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के खिलाफ पीसी शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में एसपीएल याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई के बाद 31 जुलाई को जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की तीन सदस्यीय पीठ ने पीसी शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है।
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डीजीसी साधना शर्मा की 13 मई 2016 में उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह काम निपटाकर उझानी स्थित अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में उनकी स्कूटी को टवेरा गाड़ी ने टक्कर मारी थी। इससे साधना शर्मा की मौत हो गई। विवेचना में पीसी शर्मा, उसकी पत्नी कमलेश शर्मा, मृतका की बहन श्रद्धा गुप्ता, बहनोई श्रवण गुप्ता समेत 11 नाम प्रकाश में आए थे। मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की जमानत हाईकोर्ट से 26 अप्रैल 2017 को मंजूर हो गई थी। इसके खिलाफ वादिनी मृतका साधना शर्मा की बहन विपर्णा गौड़ ने पीसी शर्मा की जमानत खारिज कराने को हाईकोर्ट में बेल कैंसिलेशन अर्जी दी थी। मामले में विपर्णा ने खुद बहस करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के समक्ष अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने छह मार्च 2020 को पीसी शर्मा की जमानत निरस्त कर दी।
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हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के बाद विपर्णा ने प्रथम सत्र न्यायाधीश आर.के सिंह के कोर्ट में पीसी शर्मा के नाम वारंट जारी करने का प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने विगत 23 जून को पीसी शर्मा के नाम गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बाद भी पीसी शर्मा की गिरफ्तारी न होने पर विपर्णा ने डीजी कंट्रोल के यहां लिखित और मौखिक शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने दो जुलाई 2020 को पीसी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विपर्णा के अनुसार हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के खिलाफ पीसी शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में एसपीएल याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई के बाद 31 जुलाई को जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की तीन सदस्यीय पीठ ने पीसी शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है।
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