{"_id":"5f21bce08ebc3e63b956efff","slug":"civic-amenities-badaun-news-bly4144857177","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिसौली में अधिवक्ता से मारपीट, विरोध में प्रदर्शन, हाईवे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिसौली में अधिवक्ता से मारपीट, विरोध में प्रदर्शन, हाईवे जाम
विज्ञापन
बिसौली कोतवाली के बाहर लगी भीड़ को समझाती पुलिस। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसौली (बदायूं)। कस्बे में एक अधिवक्ता से मारपीट के बाद हंगामा हो गया। दर्जनों अधिवक्ता मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दरी बिछाकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। हाईवे पर जाम लग गया। शाम को पुलिस ने पांच नामजद समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। तब जाकर मामला शांत हुआ।
बिसौली के प्रेमनगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता प्राणभ्रत शर्मा पुत्र रामवीर शर्मा का आरोप है कि मंगलवार को कुछ लड़के उनके प्लॉट की दीवार फांद गए थे। इस पर उनके पिता रामवीर शर्मा की इनसे कहासुनी व गाली-गलौज हुई। आरोप है कि प्राणभ्रत शर्मा बुधवार सुबह करीब 11 बजे कचहरी जा रहे थे। तभी कुछ लोगों ने रास्ते उन्हें घेरकर मारपीट की। जेब से दो हजार रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। फिर वह कई अधिवक्ताओं के साथ सीओ राघवेंद्र सिंह राठौर से मिले व कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट दर्ज न होने पर शाम को बार एसोसिएशन के दर्जनों अधिवक्ता कोतवाली के सामने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर धरने पर बैठ गए। आसपास के थानों की पुलिस भी वहां पहुंच गई। शाम करीब साढ़े छह बजे अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने मनी सक्सेना, शहबाज, उत्कर्ष, मंथन और सचिन समेत चार अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। तब कहीं अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त किया। इस मामले में दूसरे पक्ष के सचिन का कहना है कि मंगलवार को गाली गलौज हुई थी। उन्होंने अपने बेटे मंथन समेत अन्य बच्चों को डांटा था और खुद माफी मांगी थी। बुधवार को जो मारपीट हुई, इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्हें एक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिवक्ता ने मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब मारपीट हुई या नहीं या किसने की, ये सब विवेचना का विषय है। बाकी कार्रवाई जांच के बाद होगी। - राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ बिसौली
विज्ञापन
विज्ञापन
बिसौली के प्रेमनगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता प्राणभ्रत शर्मा पुत्र रामवीर शर्मा का आरोप है कि मंगलवार को कुछ लड़के उनके प्लॉट की दीवार फांद गए थे। इस पर उनके पिता रामवीर शर्मा की इनसे कहासुनी व गाली-गलौज हुई। आरोप है कि प्राणभ्रत शर्मा बुधवार सुबह करीब 11 बजे कचहरी जा रहे थे। तभी कुछ लोगों ने रास्ते उन्हें घेरकर मारपीट की। जेब से दो हजार रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। फिर वह कई अधिवक्ताओं के साथ सीओ राघवेंद्र सिंह राठौर से मिले व कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट दर्ज न होने पर शाम को बार एसोसिएशन के दर्जनों अधिवक्ता कोतवाली के सामने मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर धरने पर बैठ गए। आसपास के थानों की पुलिस भी वहां पहुंच गई। शाम करीब साढ़े छह बजे अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने मनी सक्सेना, शहबाज, उत्कर्ष, मंथन और सचिन समेत चार अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। तब कहीं अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त किया। इस मामले में दूसरे पक्ष के सचिन का कहना है कि मंगलवार को गाली गलौज हुई थी। उन्होंने अपने बेटे मंथन समेत अन्य बच्चों को डांटा था और खुद माफी मांगी थी। बुधवार को जो मारपीट हुई, इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्हें एक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिवक्ता ने मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब मारपीट हुई या नहीं या किसने की, ये सब विवेचना का विषय है। बाकी कार्रवाई जांच के बाद होगी। - राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ बिसौली
विज्ञापन