{"_id":"5dc1c9a08ebc3e5b5d748621","slug":"civic-amenities-badaun-news-bly3828814169","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा जल रहा, प्रदूषण फैल रहा..यहां न कोई सुनने वाला, न कोई देखने वाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा जल रहा, प्रदूषण फैल रहा..यहां न कोई सुनने वाला, न कोई देखने वाला
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बदायूं। भले ही निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केेंद्र और राज्य सरकारों को कड़ी फटकार लगाई हो, लेकिन यहां इसका कितना असर होगा, यह सबको पता है। जिले की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों का बुरा हाल है जहां कूड़े का निस्तारण उसे उठाकर नहीं, बल्कि जलाकर किया जा रहा है। शहर में ही कूड़े के ढेरों में आग लगाकर हवा को जहरीला बनाया जा रहा है, लेकिन कोई देखने-सुनने वाला नहीं है।
प्रदूषण के कारण हवा जहरीली होती जा रही है। दिल्ली और एनसीआर इलाके तो गैस चैंबर बनते जा रहे हैं। बढ़ रहे प्रदूषण का एक कारण कूड़े को जलाया जाना भी है। जिला प्रशासन भले ही लगातार सभी नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दे रहा हो कि जिले में कहीं पर भी कूड़ा नहीं जलाया जाएगा, लेकिन तमाम जगहों पर कूड़े को जलाकर हवा को जहरीला बनाया जा रहा है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
कूड़ेदान में ही लगा दी जाती है आग
बदायूं। शहर में कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन शहर में कूड़ा उठता कम है, जलता ज्यादा है। कई जगहों पर तो कूड़ेदान के अंदर ही आग लगाकर कूड़ा जला दिया जाता है। मंगलवार रात को कश्मीरी चौक से इंद्रा चौक रोड पर सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने की बजाय कूड़ेदान में मौजूद कूड़े में आग लगा दी। इसके अलावा बुधवार को शहर के मोहल्ला कूंचा पांडा समेत जोगीपुरा आदि जगहों पर भी कूड़ा जलता नजर आया।
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कोल्हू और भट्ठे भी कर रहे वायु प्रदूषण
शहर से निकलकर कई मार्गों पर कोल्हू और ईंट भट्ठे हैं जो वायु को जमकर प्रदूषित कर रहे हैं। शहर के आसपास ही लगभग 25-30 भट्ठे और दर्जनों कोल्हू हैं। इनसे उठने वाला काला धुआं भी हवा को जहरीला कर रहा है। अधिकारी आते हैं, निर्देश देते हैं और चले जाते हैं, पर स्थायी निदान करने का कोई प्रयास नहीं करता।
राख को झाड़ू मारकर उड़ा देते हैं कर्मचारी
वजीरगंज। नगर पंचायत क्षेत्र में रोजाना सड़क की सफाई तो की जाती हैं, लेकिन अधिकतर कूड़े को उठाने के स्थान पर वहीं पर एकत्र कर आग के हवाले कर दिया जाता है। ऐसे में जब कूड़ा पूरी तरह से जलकर राख हो जाता है। तब दोबारा जाकर कर्मचारी जली हुई राख पर झाड़ू मारकर इधर उधर उड़ा देते हैं। सुबह के समय तो यह नजारा आम होता है।
कूड़ा जलाने से निकलती हैं खतरनाक गैसें
जलते कूड़े से कार्बन डाई ऑक्साइड व कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है। दोनों ही गैसें स्वास्थ्य की दृष्टि से जहरीली मानी जाती हैं। वातावरण में इन गैसों की अधिकता से सांस की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है, जबकि टायर, प्लास्टिक से बनीं वस्तुएं आदि जलाने से उठने वाला धुआं कैंसर का कारण बनता है। इससे त्वचा व आंखों की एलर्जी भी हो सकती है।
संतुलित आहार और संतुलित पर्यावरण लोगों की जरूरत हैं, लोगों को ये समझाना चाहिए। इसको लेकर ध्यान रखें कि वे खुद कूड़ा न जलायें और न किसी को जलाने दें। अगर पालिका कर्मचारी कहीं पर कूड़ा जला रहा हैं, तो तुरंत अवगत करायें, ताकि उस पर कार्रवाई की जा सके।
-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
एसडीएम व ईओ को निर्देशित किया है वे अपने-अपने क्षेत्र में ध्यान रखें कि कहीं पर पराली या कूड़ा न जलाया जाए। अगर कोई व्यक्ति कूड़ा जलाता है, तो समझाया जाए, न मानें तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। अगर कर्मचारी कूड़ा जला रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी ईओ की होगी, ऐसे में उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-कुमार प्रशांत, डीएम
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प्रदूषण के कारण हवा जहरीली होती जा रही है। दिल्ली और एनसीआर इलाके तो गैस चैंबर बनते जा रहे हैं। बढ़ रहे प्रदूषण का एक कारण कूड़े को जलाया जाना भी है। जिला प्रशासन भले ही लगातार सभी नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दे रहा हो कि जिले में कहीं पर भी कूड़ा नहीं जलाया जाएगा, लेकिन तमाम जगहों पर कूड़े को जलाकर हवा को जहरीला बनाया जा रहा है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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कूड़ेदान में ही लगा दी जाती है आग
बदायूं। शहर में कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन शहर में कूड़ा उठता कम है, जलता ज्यादा है। कई जगहों पर तो कूड़ेदान के अंदर ही आग लगाकर कूड़ा जला दिया जाता है। मंगलवार रात को कश्मीरी चौक से इंद्रा चौक रोड पर सफाई कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने की बजाय कूड़ेदान में मौजूद कूड़े में आग लगा दी। इसके अलावा बुधवार को शहर के मोहल्ला कूंचा पांडा समेत जोगीपुरा आदि जगहों पर भी कूड़ा जलता नजर आया।
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कोल्हू और भट्ठे भी कर रहे वायु प्रदूषण
शहर से निकलकर कई मार्गों पर कोल्हू और ईंट भट्ठे हैं जो वायु को जमकर प्रदूषित कर रहे हैं। शहर के आसपास ही लगभग 25-30 भट्ठे और दर्जनों कोल्हू हैं। इनसे उठने वाला काला धुआं भी हवा को जहरीला कर रहा है। अधिकारी आते हैं, निर्देश देते हैं और चले जाते हैं, पर स्थायी निदान करने का कोई प्रयास नहीं करता।
राख को झाड़ू मारकर उड़ा देते हैं कर्मचारी
वजीरगंज। नगर पंचायत क्षेत्र में रोजाना सड़क की सफाई तो की जाती हैं, लेकिन अधिकतर कूड़े को उठाने के स्थान पर वहीं पर एकत्र कर आग के हवाले कर दिया जाता है। ऐसे में जब कूड़ा पूरी तरह से जलकर राख हो जाता है। तब दोबारा जाकर कर्मचारी जली हुई राख पर झाड़ू मारकर इधर उधर उड़ा देते हैं। सुबह के समय तो यह नजारा आम होता है।
कूड़ा जलाने से निकलती हैं खतरनाक गैसें
जलते कूड़े से कार्बन डाई ऑक्साइड व कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है। दोनों ही गैसें स्वास्थ्य की दृष्टि से जहरीली मानी जाती हैं। वातावरण में इन गैसों की अधिकता से सांस की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है, जबकि टायर, प्लास्टिक से बनीं वस्तुएं आदि जलाने से उठने वाला धुआं कैंसर का कारण बनता है। इससे त्वचा व आंखों की एलर्जी भी हो सकती है।
संतुलित आहार और संतुलित पर्यावरण लोगों की जरूरत हैं, लोगों को ये समझाना चाहिए। इसको लेकर ध्यान रखें कि वे खुद कूड़ा न जलायें और न किसी को जलाने दें। अगर पालिका कर्मचारी कहीं पर कूड़ा जला रहा हैं, तो तुरंत अवगत करायें, ताकि उस पर कार्रवाई की जा सके।
-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
एसडीएम व ईओ को निर्देशित किया है वे अपने-अपने क्षेत्र में ध्यान रखें कि कहीं पर पराली या कूड़ा न जलाया जाए। अगर कोई व्यक्ति कूड़ा जलाता है, तो समझाया जाए, न मानें तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। अगर कर्मचारी कूड़ा जला रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी ईओ की होगी, ऐसे में उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-कुमार प्रशांत, डीएम