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जिला अस्पताल में परिवार से बिछड़ा मासूम, पुलिस ने मिलाया
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बदायूं। जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक मासूम बालक अपने परिवार वालों से बिछड़ गया। वह अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते हुए रो रहा था। उसे देखकर होमगार्ड और पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत से उसके परिवार वालों को तलाश किया। फिर बाद में उन्हें सौंप दिया।
करीब डेढ़ वर्षीय बालक ग्राम अभियासा निवासी दयाराम का था। शुक्रवार को दयाराम की पत्नी कमलेश अपने बेटे के साथ रिश्तेदार को देखने जिला अस्पताल आई थी। बताते हैं कि कमलेश रिश्तेदार के पास वार्ड में बैठी थी। उसी दौरान उसका बेटा वार्ड से निकलकर अस्पताल के बाहर सड़क पर पहुंच गया। बालक अकेला था और इधर-उधर भटक रहा था। ये देखकर होमगार्ड उसके पास पहुंचे। बच्चा इतना छोटा था कि वह अपना और अपने परिवार वालों का नाम पता नहीं बता सका। होमगार्ड और पुलिस कर्मी उसे लेकर अस्पताल में घूमते रहे। करीब दो घंटे बाद जब कमलेश ने अपने बेटे को देखा तो वह बदहवास हालत में दौड़ती हुई गेट पर पहुंची। जहां होमगार्ड बच्चेे के साथ उसके परिवार वालों के आने का इंतजार कर रहे थे। बाद में उन्होंने बच्चेे को कमलेश को दे दिया। उसने बताया कि बालक एक रिश्तेदार के साथ बाहर निकल गया था।
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करीब डेढ़ वर्षीय बालक ग्राम अभियासा निवासी दयाराम का था। शुक्रवार को दयाराम की पत्नी कमलेश अपने बेटे के साथ रिश्तेदार को देखने जिला अस्पताल आई थी। बताते हैं कि कमलेश रिश्तेदार के पास वार्ड में बैठी थी। उसी दौरान उसका बेटा वार्ड से निकलकर अस्पताल के बाहर सड़क पर पहुंच गया। बालक अकेला था और इधर-उधर भटक रहा था। ये देखकर होमगार्ड उसके पास पहुंचे। बच्चा इतना छोटा था कि वह अपना और अपने परिवार वालों का नाम पता नहीं बता सका। होमगार्ड और पुलिस कर्मी उसे लेकर अस्पताल में घूमते रहे। करीब दो घंटे बाद जब कमलेश ने अपने बेटे को देखा तो वह बदहवास हालत में दौड़ती हुई गेट पर पहुंची। जहां होमगार्ड बच्चेे के साथ उसके परिवार वालों के आने का इंतजार कर रहे थे। बाद में उन्होंने बच्चेे को कमलेश को दे दिया। उसने बताया कि बालक एक रिश्तेदार के साथ बाहर निकल गया था।
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