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मेेला ककोड़ा में मुख्य मार्ग होगा फोरलेन, बनेंगे दो बाईपास
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बदायूं/कादरचौक। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार मेले में जाम की समस्या न रहे, इसके लिए प्रशासन द्वारा मेला परिसर में मुख्य मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है, साथ ही दो बाईपास भी बनवाए जा रहे हैं। इसके लिए समतलीकरण का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मेले के मुख्य मार्ग का काम पूरा कर लिया जाएगा।
रात-दिन खादर इलाके में जेसीबी चल रही है। मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य मजदूर जल्द से जल्द पूरा करने में लगे हैं। ताकि मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक गति मिल सके। मेले में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए आने-जाने के मार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को घाट तक पहुंचने में किसी भी तरह के जाम का सामना न करना पड़े। वहीं फोरलेन के अलावा प्रशासन ने इस बार दो बाईपास भी बनाने का फैसला लिया है, ताकि अगर फोरलेन पर किसी कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो लोग इन बाईपास का उपयोग कर सकें।
दरअसल, जिला पंचायत की ओर से लगने वाले मिनी कुंभ ककोड़ा मेले का भव्य बनाने के लिए अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए मेला परिसर में पहुंचकर अधिकारी खुद मेले की व्यवस्थाओं को देख आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।
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मेला ककोड़ा में लगने आ रहे आगरा से टेंट
खादर इलाके में जल्द ही तंबुओं का शहर बसने वाला है। इस बार तंबुओं का शहर बसाने के लिए आगरा के टेंट कारोबारी से संपर्क किया है, जिसके बाद ठेकेदार अपना टेंट लेकर मेला स्थल पर पहुंचने लगे हैं। इधर मेला परिसर में श्रद्धालुओं के अलावा वीआईपी और अधिकारियों के ठहरने के लिए नगर बसाए जाएंगे। इनमें शौचालय, लाइट, पानी, आदि की व्यवस्था रहेगी। मेला परिसर में ही सांस्कृतिक मंच तैयार किया जा रहा है। रोजाना रंगमंच से स्कूली बच्चों और बाहर के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पतेल बेचकर मिल रहा रोजगार
मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के लिए कच्ची सड़कों का निर्माण हो रहा है। इससे आसपास के ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। कच्ची सड़क के निर्माण में काम आने वाली पतेल ग्रामीण काटकर ला रहे हैं और उन्हें बेचकर पैसे कमा रहे हैं।
किसान काट रहे कच्ची फसल
मिनी कुंभ की तैयारी जोरों पर हैं। मेला परिसर में लगातार मजदूर काम करने में जुटे हैं। जिला पंचायत की तरफ से मेले के लिए जो जमीन चयनित की गई है। वहां किसानाें ने धान की खेती कर रखी है। अब मेले का समय नजदीक है, तो किसानों को मजबूरी में कच्ची ही फसल काटनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
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रात-दिन खादर इलाके में जेसीबी चल रही है। मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य मजदूर जल्द से जल्द पूरा करने में लगे हैं। ताकि मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक गति मिल सके। मेले में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए आने-जाने के मार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को घाट तक पहुंचने में किसी भी तरह के जाम का सामना न करना पड़े। वहीं फोरलेन के अलावा प्रशासन ने इस बार दो बाईपास भी बनाने का फैसला लिया है, ताकि अगर फोरलेन पर किसी कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो लोग इन बाईपास का उपयोग कर सकें।
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दरअसल, जिला पंचायत की ओर से लगने वाले मिनी कुंभ ककोड़ा मेले का भव्य बनाने के लिए अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए मेला परिसर में पहुंचकर अधिकारी खुद मेले की व्यवस्थाओं को देख आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं।
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मेला ककोड़ा में लगने आ रहे आगरा से टेंट
खादर इलाके में जल्द ही तंबुओं का शहर बसने वाला है। इस बार तंबुओं का शहर बसाने के लिए आगरा के टेंट कारोबारी से संपर्क किया है, जिसके बाद ठेकेदार अपना टेंट लेकर मेला स्थल पर पहुंचने लगे हैं। इधर मेला परिसर में श्रद्धालुओं के अलावा वीआईपी और अधिकारियों के ठहरने के लिए नगर बसाए जाएंगे। इनमें शौचालय, लाइट, पानी, आदि की व्यवस्था रहेगी। मेला परिसर में ही सांस्कृतिक मंच तैयार किया जा रहा है। रोजाना रंगमंच से स्कूली बच्चों और बाहर के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पतेल बेचकर मिल रहा रोजगार
मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के लिए कच्ची सड़कों का निर्माण हो रहा है। इससे आसपास के ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। कच्ची सड़क के निर्माण में काम आने वाली पतेल ग्रामीण काटकर ला रहे हैं और उन्हें बेचकर पैसे कमा रहे हैं।
किसान काट रहे कच्ची फसल
मिनी कुंभ की तैयारी जोरों पर हैं। मेला परिसर में लगातार मजदूर काम करने में जुटे हैं। जिला पंचायत की तरफ से मेले के लिए जो जमीन चयनित की गई है। वहां किसानाें ने धान की खेती कर रखी है। अब मेले का समय नजदीक है, तो किसानों को मजबूरी में कच्ची ही फसल काटनी पड़ रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।