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कमल वाले तालाब को भी नहीं छोड़ा भूमाफिया ने

Fri, 20 Sep 2019 02:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 02:26 AM IST
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Civic Amenities
दातागंज (बदायूं)। ग्राम पंचायत कांसी में कभी काफी अधिक रकबे में फैला कमल तालाब लगभग विलुप्त हो गया है। हालांकि कुछ जगह पानी में खिले हुए कमल के फूल तालाब होने का अहसास आज भी कराते हैं लेकिन इसके अधिकतर भाग पर खेती दिखाई देती है। यह तालाब अपनी जगह से ही नहीं बल्कि सरकारी अभिलेखों में भी लापता हो गया है। लगभग आधा दर्जन गांव की सीमा से होकर गुजरने वाले इस तालाब में खिले हुए कमल के फूल कभी अलौकिक छठा बिखेरते थे, परंतु आज पूरे रकबे में खेती हो रही है।
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तहसील क्षेत्र के ग्राम कांसी का कमल वाला तालाब आकर्षण का केंद्र होने के अलावा दर्जनों गांव में सिंचाई, कमल ककड़ी (भसीड़े) की सब्जी, दावत आदि समारोह में पत्तल की जगह कमल के पत्तों का उपयोग के लिए भी पहचाना जाता था। इस तालाब के पानी से कांसी कूड़ा पालिया, अंगदपुर और कुठिया आदि गांव लाभांवित होते थे। धीरे-धीरे इस तालाब पर लोगों ने कब्जा जमाना शुरू कर दिया और तालाब को पाट कर खेती करने लगे। कुछ स्थान पर तालाब की गहराई अधिक थी, वहां तालाब नहीं पट पाया। वहीं गड्ढों के स्वरूप में तालाब होने और खिले हुए कमल के फूल तालाब का अहसास कराते हैं। क्षेत्रीय लेखपाल डोरीलाल ने बताया की ग्राम पंचायत कांसी में क्रमश: सात बीघा, चार बीघा और डेढ़ बीघा के सरकारी तालाब कागजों में दर्ज हैं, लेकिन कमल वाले तालाब का कोई जिक्र अभिलेखों में नहीं है। इधर, क्षेत्र के बुजुर्गों ने बताया कि तालाब हड़पने का खेल चकबंदी के दौरान किया गया। उसी समय लोगों ने चकबंदी अधिकारियों से मिलकर पूरा तालाब हड़प लिया।
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आश्चर्यचकित हैं गांव के लोग
कांसी के लोग गांव में सात बीघा रकबे का सरकारी तालाब होने की बात सुनकर आश्चर्य चकित हैं। वर्तमान में गड्ढे के रूप में गांव के दक्षिण में एक छोटा सा तालाब मौजूद है। बाकी तालाब कहां हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
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प्रमाण मिलने पर होगी कब्जाधारकों पर कार्रवाई
चकबंदी से पहले के अभिलेख निकलवाकर तालाब की वस्तुस्थिति की जानकारी ली जाएगी और स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। प्रमाण मिलता है तो तालाब पुरानी स्थिति में लाया जाएगा। कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-केबी सिंह, एसडीएम, दातागंज
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