{"_id":"5e04f9868ebc3e8812751497","slug":"civcamenities-badaun-news-bly3896109120","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलविदा-19--- बस आश्वासन मिलते रहे, न बना बाईपास का पुल और न मझिया रोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलविदा-19--- बस आश्वासन मिलते रहे, न बना बाईपास का पुल और न मझिया रोड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। शहर के अस्त-व्यस्त ट्रैफिक और जाम की समस्या के निदान के लिए मझिया रोड और बाईपास बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उझानी-बरेली रोड को जोड़ने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास से बाईपास निकाला गया। इस बाईपास के पूरा होने के बाद में अधिकांश ट्रैफिक यहां से होकर निकाला जाना था, लेकिन इसके बीच में पुल नहीं बनने की वजह बाईपास आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। लोगों को उम्मीद थी कि 2019 में ये पूरा हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यही हाल मझिया रोड का है। इधर से निकलने वाले लोगों को सड़क टूटी होने के कारण दिक्कतों का सामना पूरी साल करना पड़ा। इस मार्ग का निर्माण न होने की वजह से बरेली, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद आदि जगहों से आने वाले भारी वाहन आज भी शहर के अंदर से होकर जा रहे हैं।
अधूरा पड़ा बाईपास, लोगों को आने जाने में हो रही दिक्कत
-उझानी से बरेली रोड को जोड़ने वाले बाईपास का निर्माण सपा शासन काल के दौरान हुआ था। सवा आठ किलोमीटर के इस बाईपास के निर्माण के लिए शासन से 110 करोड़ रुपये प्रस्तावित हुए थे। किस्तों में धनराशि मिलने के बाद में लोक निर्माण विभाग द्वारा इसका निर्माण कराया गया। विभाग ने इस साल की शुरुआत में ही बाईपास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया था, लेकिन सोतनदी पर पुल नहीं बन पाने के कारण ये बाईपास बनने के बाद भी अधूरा रह गया। जिसकी वजह से अधिकांश बड़े वाहन शहर के अंदर ही आ रहे हैं। इसकी वजह से रोजाना शहर में दिन में कई दफा जाम की स्थिति बनी रहती है।
उम्मीद- 2020
शहर विधायक/ राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता द्वारा सोतनदी पुल बनवाने को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा था। जिसके बाद में शासन ने बाईपास के बीच में बनने वाले सोतनदी के पुल के लिए इसी साल 10 दिसंबर को 16 करोड़ सात लाख 37 हजार रुपये पास कर दिया। इस पुल का निर्माण सेतु निगम के द्वारा कराया जाएगा। इसके लिए पहली किश्त के रूप में छह करोड़ 42 लाख 94 हजार 800 रुपये दे भी दिए गए हैं। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि नए साल में लोगों को अधूरे बाईपास से मुक्ति मिल जाए और वाहन इस पर फर्राटा भर सकें।
विज्ञापन
सड़क बनी तालाब, अक्सर धंस जाते हैं ट्रक और भारी वाहन
-शहर के अंदर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक रखने के लिए प्रशासन द्वारा पिछले चार साल से मझिया रोड से भारी वाहनों को गुजारा जा रहा था। बदायूं-फर्रखाबाद मार्ग से दातागंज मार्ग को जोड़ने वाला 3.525 किलोमीटर लंबे मझिया रोड पर भारी वाहन गुजरने की वजह से रोड पूरी तरह से टूट गई है। हालात ये है कि यहां पर बिना बरसात के सड़क पर जलभराव रहता है। ऐसे में आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया, तब इसको लेकर स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कहीं जाकर प्रशासन नींद से जागा। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उसके बाद में विभाग ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा दिया। वहां से प्रस्ताव मंजूर भी हो गया, लेकिन इसे अभी तक नहीं बनाया गया। ऐसे में मुरादाबाद फर्रुखाबाद मार्ग पर दौड़ने वाले वाहन आज भी शहर के अंदर से ही होकर जा रहे हैं, जिससे शहर के मेन चौराहों पर अक्सर जाम की समस्या रहती है।
उम्मीद- 2020
बदायूं से दातागंज रोड को जाने वाली साढ़े तीन किलोमीटर लंबे बदायूं-मझिया रोड का शीघ्र ही कायाकल्प होने की उम्मीद है। इसके लिए शासन द्वारा आठ करोड़ 61 लाख रुपये पास कर दिया गया है, साथ ही पहली किस्त के रूप में लोक निर्माण विभाग को चार करोड़ 30 लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। ऐसे में विभाग द्वारा जल्द ही इस रोड पर काम शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि अगले साल जनता को इसकी सौगात मिल सकती है।
विज्ञापन
अधूरा पड़ा बाईपास, लोगों को आने जाने में हो रही दिक्कत
-उझानी से बरेली रोड को जोड़ने वाले बाईपास का निर्माण सपा शासन काल के दौरान हुआ था। सवा आठ किलोमीटर के इस बाईपास के निर्माण के लिए शासन से 110 करोड़ रुपये प्रस्तावित हुए थे। किस्तों में धनराशि मिलने के बाद में लोक निर्माण विभाग द्वारा इसका निर्माण कराया गया। विभाग ने इस साल की शुरुआत में ही बाईपास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया था, लेकिन सोतनदी पर पुल नहीं बन पाने के कारण ये बाईपास बनने के बाद भी अधूरा रह गया। जिसकी वजह से अधिकांश बड़े वाहन शहर के अंदर ही आ रहे हैं। इसकी वजह से रोजाना शहर में दिन में कई दफा जाम की स्थिति बनी रहती है।
विज्ञापन
उम्मीद- 2020
शहर विधायक/ राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता द्वारा सोतनदी पुल बनवाने को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा था। जिसके बाद में शासन ने बाईपास के बीच में बनने वाले सोतनदी के पुल के लिए इसी साल 10 दिसंबर को 16 करोड़ सात लाख 37 हजार रुपये पास कर दिया। इस पुल का निर्माण सेतु निगम के द्वारा कराया जाएगा। इसके लिए पहली किश्त के रूप में छह करोड़ 42 लाख 94 हजार 800 रुपये दे भी दिए गए हैं। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि नए साल में लोगों को अधूरे बाईपास से मुक्ति मिल जाए और वाहन इस पर फर्राटा भर सकें।
विज्ञापन
सड़क बनी तालाब, अक्सर धंस जाते हैं ट्रक और भारी वाहन
-शहर के अंदर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक रखने के लिए प्रशासन द्वारा पिछले चार साल से मझिया रोड से भारी वाहनों को गुजारा जा रहा था। बदायूं-फर्रखाबाद मार्ग से दातागंज मार्ग को जोड़ने वाला 3.525 किलोमीटर लंबे मझिया रोड पर भारी वाहन गुजरने की वजह से रोड पूरी तरह से टूट गई है। हालात ये है कि यहां पर बिना बरसात के सड़क पर जलभराव रहता है। ऐसे में आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया, तब इसको लेकर स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कहीं जाकर प्रशासन नींद से जागा। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उसके बाद में विभाग ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा दिया। वहां से प्रस्ताव मंजूर भी हो गया, लेकिन इसे अभी तक नहीं बनाया गया। ऐसे में मुरादाबाद फर्रुखाबाद मार्ग पर दौड़ने वाले वाहन आज भी शहर के अंदर से ही होकर जा रहे हैं, जिससे शहर के मेन चौराहों पर अक्सर जाम की समस्या रहती है।
उम्मीद- 2020
बदायूं से दातागंज रोड को जाने वाली साढ़े तीन किलोमीटर लंबे बदायूं-मझिया रोड का शीघ्र ही कायाकल्प होने की उम्मीद है। इसके लिए शासन द्वारा आठ करोड़ 61 लाख रुपये पास कर दिया गया है, साथ ही पहली किस्त के रूप में लोक निर्माण विभाग को चार करोड़ 30 लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। ऐसे में विभाग द्वारा जल्द ही इस रोड पर काम शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि अगले साल जनता को इसकी सौगात मिल सकती है।