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Budaun News: जिला अस्पताल की एनआरसी में बच्चे की मौत, हंगामा
Tue, 02 May 2023 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 02 May 2023 01:19 AM IST
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01बीडीएन30- एनआरसी के बाहर खड़े दंपती। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल की एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती मासूम की इलाज के अभाव में मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले की सूचना पर पहुंचे सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर उनको शांत कराया। इसके बाद वह बच्चे का शव लेकर चले गए।
शनिवार को हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बघौरा निवासी करतार सिंह की पांच महीने की पुत्री अनन्या को जिला अस्पताल के एनआरसी में भर्ती कराया गया था। बताते हैं कि अनन्या कुपोषण का शिकार थी। उसका वजन काफी कम था। शनिवार को डॉक्टर ने बच्ची को देखा और उसका इलाज शुरू किया। शनिवार को एनआरसी में भर्ती होने के बाद उसकी हालत में सुधार आया, लेकिन रविवार को उसकी हालत फिर से बिगड़ने लगी।
रविवार को डॉक्टर उसको देखने नहीं आए तो वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स से उन्होंने डॉक्टर को बुलाने को कहा तो उसने कह दिया कि रविवार को अवकाश की वजह से डॉक्टर नहीं आए हैं। इधर, बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन नर्स ने इमरजेंसी से डॉक्टर को नहीं बुलाया। स्टाफ नर्स अपने हिसाब से ही उसका इलाज करती रही। रविवार रात करीब दो बजे बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद मृतका के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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बच्ची एनआरसी में भर्ती थी। वहां किसी को जरूरत होती है तो इमरजेंसी में डॉक्टर मरीज को देखते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित डॉक्टर को बुलाया जाता है। बच्ची के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की थी, उनको समझाया गया तो वह मान गए। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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शनिवार को हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव बघौरा निवासी करतार सिंह की पांच महीने की पुत्री अनन्या को जिला अस्पताल के एनआरसी में भर्ती कराया गया था। बताते हैं कि अनन्या कुपोषण का शिकार थी। उसका वजन काफी कम था। शनिवार को डॉक्टर ने बच्ची को देखा और उसका इलाज शुरू किया। शनिवार को एनआरसी में भर्ती होने के बाद उसकी हालत में सुधार आया, लेकिन रविवार को उसकी हालत फिर से बिगड़ने लगी।
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रविवार को डॉक्टर उसको देखने नहीं आए तो वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स से उन्होंने डॉक्टर को बुलाने को कहा तो उसने कह दिया कि रविवार को अवकाश की वजह से डॉक्टर नहीं आए हैं। इधर, बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन नर्स ने इमरजेंसी से डॉक्टर को नहीं बुलाया। स्टाफ नर्स अपने हिसाब से ही उसका इलाज करती रही। रविवार रात करीब दो बजे बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद मृतका के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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बच्ची एनआरसी में भर्ती थी। वहां किसी को जरूरत होती है तो इमरजेंसी में डॉक्टर मरीज को देखते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित डॉक्टर को बुलाया जाता है। बच्ची के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की थी, उनको समझाया गया तो वह मान गए। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल