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विंटर डायरिया और निमोनिया की चपेट में आने लगे बच्चे

Sat, 18 Dec 2021 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:26 AM IST
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Children started falling prey to winter diarrhea and pneumonia
निजी डॉक्टर के यहां भर्ती बच्चे के साथ आसमीन। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। बढ़ती सर्दी में खासकर पांच वर्ष तक के बच्चों की मुसीबत बढ़ने लगी है। विंटर डायरिया और निमोनिया की चपेट में वे आने लगे हैं। बड़ी समस्या यह है कि जिला अस्पताल में इन दिनों कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में अभिभावकों को निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि सर्दियों के मौसम में बच्चों को विंटर या कोल्ड डायरिया और निमोनिया से सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। खासकर पांच वर्ष तक के बच्चों को लेकर ज्यादा सावधानी की जरूरत है। मां को चाहिए कि बच्चों के हावभाव पर नजर रखें। बार-बार दस्त, शिशु की मल त्याग की स्थिति सामान्य न होने। अगर सांस तेज चलने और घरघराहट की आवाज होने, शरीर शिथिल रहने, बार-बार दस्त आने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेने में कोई कोताही न बरतें।
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होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सुशील गुप्ता का कहना है कि विंटर डायरिया के दौरान पेट में दर्द मरोड़ के साथ पतले दस्त और उल्टी के साथ बुखार के लक्षण दिखते हैं। सर्दियों में मौसम में बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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ये बोलीं-माताएं
शहर के एक निजी डॉक्टर के यहां डेढ़ साल के बच्चे का इलाज करा रहीं इस्लामगंज की नीलम ने बताया कि बच्चे को लगातार दस्त हो रहे थे। इसके साथ ही उसको बुखार भी आ रहा था। घरेलू उपायों से लाभ न होने पर जिला अस्पताल ले गए। वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। इसके बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में विंटर डायरिया और निमोनिया निकला है। अब बच्चे की स्थिति में काफी सुधार है। सहसवान की आसमीन ने बताया कि दो दिन से चार साल का बच्चा भर्ती है। उसको लगातार पतले दस्त हो रहे थे। सहसवान सीएचसी और जिला अस्पताल में डॉक्टर के न मिलने पर निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया है।
इसलिए होता है विंटर डायरिया
- बच्चों की खुले में मालिश करना और गीले स्थान पर रखना।
- सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाने में लापरवाही।
- ठंड के मौसम में कम पानी पीने से।
- बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण।
- बासी भोजन एवं बाहर का खाना खाने से।
बचाव
- सर्दी, जुकाम या बुखार होने पर स्वयं दवाइयां न दें।
- ठंडा पानी पिलाने से बचें।
- हल्का गुनगुना पानी पीना अच्छा होता है।
- बच्चे को अच्छी तरह ऊनी कपड़े पहनाएं।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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डॉक्टरों की बात
सर्दी के मौसम में विंटर डायरिया और निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए मां को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। छह माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराएं। बच्चे को गर्म कपड़ों में रखें घर से बाहर न निकालें। गर्म पानी पिलाएं। बच्चे को को छूने और भोजन कराने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। बच्चों के शरीर, सिर और पैरों को पूरी तरह से ढक कर रखें। अगर मालिश करनी है तो कमरे में या फिर धूप में इस तरह करें कि उसको हवा न लगे।

- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
अगर बच्चे को विंटर डायरिया होता है तो गुनगुना पानी पिलाएं। नमक चीनी का घोल, नारियल पानी, पतली दाल का पानी दें। विंटर डायरिया के दौरान पेट में मरोड़ होता है। काफी अभिभावक घरेलू इलाज चालू कर देते हैं यह खतरनाक हो सकता है। विंटर डायरिया या निमोनिया होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर दवाइयां देनी चाहिए। सर्दी के मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों को घर के बाहर न ले जाएं और उनके सिर, पैर समेत पूरा शरीर सही ढंग से ढक कर रखें।
- डॉ सुशील गुप्ता, अध्यक्ष, होम्योपैथिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया, बदायूं इकाई
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