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लोकायुक्त को भेजी कछला नगर पंचायत की जांच रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:57 PM IST
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अध्यक्ष पर लगाए गए थे विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप
एसडीएम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम कर चुकी है जांच
कछला नगर पंचायत के विकास कार्य लोकायुक्त जांच के घेरे में आ गए हैं। मामला लोकायुक्त के संज्ञान में पहुंचा तो एसडीएम सदर की देखरेख में तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य समेत टेंडर प्रक्रिया के रिकार्ड को परखा। शिकायतकर्ता के बयान भी लिए गए। एडीएम (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को भेज दी है।
कसबे के ही अनिल यादव ने नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी लौनिया चौहान पर विकास कार्यों में मनमानी और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि नाला, सड़क, कार्यालय भवन निर्माण समेत टेंडर प्रक्रिया में मानक और पारदर्शिता के बजाय धांधली की गई। लोकायुक्त ने जांच का आदेश किया तो पिछले महीने तत्कालीन एसडीएम (सदर) जंग बहादुर सिंह, पीडब्ल्यूडी (निर्माण खंड) के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार और शिक्षा विभाग में वरिष्ठ लिपिक महिमा चंद्र ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एसडीएम ने टीम के सदस्यों के साथ आरोपों को लेकर नगर पंचायत कार्यालय का रिकॉर्ड भी देखा। जांच टीम के सामने शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज हुए। जांच करने वाले एसडीएम जंग बहादुर सिंह का हालांकि गैर जनपद तबादला हो चुका है लेकिन उन्होंने कार्यमुक्त होने से पहले ही रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव को रिपोर्ट दे दी। हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष के पति जगदीश सिंह लौनिया चौहान का कहना है कि विकास कार्यों में ऐसी कोई खामी नहीं थी जो जांच में दोषी साबित कर पाए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष का पक्ष भी नहीं जाना गया।
अभी बाकी है लिपिकों की भूमिका की जांच
उझानी। कछला नगर पंचायत अध्यक्ष की लोकायुक्त जांच के बाद एसडीएम सदर रहे जंग बहादुर सिंह ने जो रिपोर्ट एडीएम को सौंपी थी, उसमें लिपिकों की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया। बाद में एडीएम ने लिपिकों के मुद्दे पर भी जांच टीम के मुखिया से रिपोर्ट मांग ली। सूत्रों की मानें तो अभी इस पर जांच होनी बाकी है।
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एसडीएम की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय टीम की ओर से मिली जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई थी। जांच रिपोर्ट लोकायुक्त कार्यालय के लिए भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई भी लोकायुक्त के स्तर से तय होगी।
- अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम, प्रशासन
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एसडीएम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम कर चुकी है जांच
कछला नगर पंचायत के विकास कार्य लोकायुक्त जांच के घेरे में आ गए हैं। मामला लोकायुक्त के संज्ञान में पहुंचा तो एसडीएम सदर की देखरेख में तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य समेत टेंडर प्रक्रिया के रिकार्ड को परखा। शिकायतकर्ता के बयान भी लिए गए। एडीएम (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को भेज दी है।
कसबे के ही अनिल यादव ने नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी लौनिया चौहान पर विकास कार्यों में मनमानी और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि नाला, सड़क, कार्यालय भवन निर्माण समेत टेंडर प्रक्रिया में मानक और पारदर्शिता के बजाय धांधली की गई। लोकायुक्त ने जांच का आदेश किया तो पिछले महीने तत्कालीन एसडीएम (सदर) जंग बहादुर सिंह, पीडब्ल्यूडी (निर्माण खंड) के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार और शिक्षा विभाग में वरिष्ठ लिपिक महिमा चंद्र ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एसडीएम ने टीम के सदस्यों के साथ आरोपों को लेकर नगर पंचायत कार्यालय का रिकॉर्ड भी देखा। जांच टीम के सामने शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज हुए। जांच करने वाले एसडीएम जंग बहादुर सिंह का हालांकि गैर जनपद तबादला हो चुका है लेकिन उन्होंने कार्यमुक्त होने से पहले ही रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव को रिपोर्ट दे दी। हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष के पति जगदीश सिंह लौनिया चौहान का कहना है कि विकास कार्यों में ऐसी कोई खामी नहीं थी जो जांच में दोषी साबित कर पाए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष का पक्ष भी नहीं जाना गया।
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अभी बाकी है लिपिकों की भूमिका की जांच
उझानी। कछला नगर पंचायत अध्यक्ष की लोकायुक्त जांच के बाद एसडीएम सदर रहे जंग बहादुर सिंह ने जो रिपोर्ट एडीएम को सौंपी थी, उसमें लिपिकों की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया। बाद में एडीएम ने लिपिकों के मुद्दे पर भी जांच टीम के मुखिया से रिपोर्ट मांग ली। सूत्रों की मानें तो अभी इस पर जांच होनी बाकी है।
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एसडीएम की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय टीम की ओर से मिली जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई थी। जांच रिपोर्ट लोकायुक्त कार्यालय के लिए भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई भी लोकायुक्त के स्तर से तय होगी।
- अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम, प्रशासन