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छठ पूजा : नहाय-खाय के बाद खरना, निर्जल उपवास शुरू
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पुलिस लाइन में पूजा करतीं रंभा सिंह और पूनम सिंह। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। नहाय-खाय के बाद मंगलवार को छठ पूजा में खरना की परंपरा निभाई गई। इसके साथ ही निर्जल उपवास भी शुरू हो गया। बुधवार को डूबते और बृहस्पतिवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का समापन हो जाएगा।
पूर्वांचल और बिहार, झारखंड राज्यों में छठ पूजा का विशेष महत्व है। छठ पूजा में खरना का विशेष महत्व है। खरना के साथ उपवास और छठ पूजा का प्रसाद बनाने का काम शुरू हो गया है। मान्यता है कि खरना के दिन मन को पूरी तरह से पवित्र रखा जाना चाहिए।
सोमवार को नहाए-खाए के दौरान पूर्वांचल के परिवारों ने घरों में चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल का भोजन किया था। खरना के साथ प्रसाद बनाने का काम शुरू हो गया। बुधवार को डूबते और बृहस्पतिवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात ही उपवास के बाद अन्न ग्रहण किया जाएगा। छठ पूजा में खरना के साथ ही 36 घंटों तक निर्जल उपवास शुरू हो जाता है।
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बिहार के रहने वाले जितेंद्र कुमार और पूर्वांचल के प्रवीन पारस ने बताया कि चार दिनों चलने वाले छठ महापर्व के पहले दिन चने की दाल, कद्दू भात, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन अस्ताचलगामी और चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न हो जाता है। बृहस्पतिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा।
इधर, आरआई पंकज सिंह के परिवार ने भी छठ पूजा का पर्व मनाया। पंकज मूल रूप से गोरखपुर के निवासी हैं। पुलिस लाइन स्थित उनके आवास पर पत्नी रंभा सिंह व भाभी पूनम सिंह ने पर्व मनाया।
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छठ पूजा पर सार्वजानिक अवकाश आज
बदायूं। शासन के निर्देश पर देर रात डीएम दीपा रंजन ने छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए सार्वजानिक अवकाश घोषित किया है। इसके तहत बुधवार को जिले में सार्वजानिक अवकाश रहेगा। हालांकि इस दौरान बैंक, वित्तीय संस्थान, ट्रेजरी खुली रहेगी। संवाद
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पूर्वांचल और बिहार, झारखंड राज्यों में छठ पूजा का विशेष महत्व है। छठ पूजा में खरना का विशेष महत्व है। खरना के साथ उपवास और छठ पूजा का प्रसाद बनाने का काम शुरू हो गया है। मान्यता है कि खरना के दिन मन को पूरी तरह से पवित्र रखा जाना चाहिए।
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सोमवार को नहाए-खाए के दौरान पूर्वांचल के परिवारों ने घरों में चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल का भोजन किया था। खरना के साथ प्रसाद बनाने का काम शुरू हो गया। बुधवार को डूबते और बृहस्पतिवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात ही उपवास के बाद अन्न ग्रहण किया जाएगा। छठ पूजा में खरना के साथ ही 36 घंटों तक निर्जल उपवास शुरू हो जाता है।
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बिहार के रहने वाले जितेंद्र कुमार और पूर्वांचल के प्रवीन पारस ने बताया कि चार दिनों चलने वाले छठ महापर्व के पहले दिन चने की दाल, कद्दू भात, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन अस्ताचलगामी और चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न हो जाता है। बृहस्पतिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा।
इधर, आरआई पंकज सिंह के परिवार ने भी छठ पूजा का पर्व मनाया। पंकज मूल रूप से गोरखपुर के निवासी हैं। पुलिस लाइन स्थित उनके आवास पर पत्नी रंभा सिंह व भाभी पूनम सिंह ने पर्व मनाया।
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छठ पूजा पर सार्वजानिक अवकाश आज
बदायूं। शासन के निर्देश पर देर रात डीएम दीपा रंजन ने छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए सार्वजानिक अवकाश घोषित किया है। इसके तहत बुधवार को जिले में सार्वजानिक अवकाश रहेगा। हालांकि इस दौरान बैंक, वित्तीय संस्थान, ट्रेजरी खुली रहेगी। संवाद