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सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफिया भाजपा नेता पर चार्जशीट
सार
वजीरगंज कस्बे में रामलीला मैदान समेत कई सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर उन्हें बेचने वाले भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय पर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है। इसकी शिकायत सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने भी मुख्यमंत्री से की थी, लेकिन सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। - महेश चंद्र गुप्ता, शहर विधायक एवं पूर्व मंत्रीराहुल वार्ष्णेय कभी पार्टी में किसी पद पर तो नहीं रहे हैं और भाजपा का कार्यकर्ता कोई भी हो सकता है।
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भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। वजीरगंज कस्बे में रामलीला मैदान समेत कई सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर उन्हें बेचने वाले भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय पर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है। 25 मई को उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज कराए गए थे। तब से थाना पुलिस उनकी विवेचना कर रही थी।
खुद को एक विधायक का प्रतिनिधि बताने वाले राहुल वार्ष्णेय ने वर्ष 2018 में कस्बे के खेल व रामलीला मैदान में 22 दुकानें बनवाकर करोड़ों रुपये में बेच दी थीं। इसके अलावा भी उसने तमाम सरकारी जमीन और तालाबों पर कब्जा करके बेच दिया। इसकी शिकायत सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने भी मुख्यमंत्री से की थी, लेकिन सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हाल ही में जब मुख्यमंत्री ने सरकारी जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया। इ
सके बाद ईओ संदीप मिश्रा ने राहुल वार्ष्णेय समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके अलावा सात मामले लेखपाल सज्जाद हुसैन ने राहुल के अलावा पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराए थे। मुकदमे दर्ज होने के बाद जून में राहुल को भूमाफिया घोषित कर दिया गया। उसके नाम एक पिस्टल थी। उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। थाना वजीरगंज पुलिस इन मामलों की विवेचना कर रही थी। इस दौरान सभी मामलों में वह दोषी पाया गया। अब तमाम सुबूतों के आधार पर पुलिस ने भूमाफिया राहुल वार्ष्णेय पर चार्जशीट लगा दी है। इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि इन मुकदमों में नामजद राहुल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लग गई है।
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इन जमीनों को कब्जा करके बेचा गया
खेल/रामलीला मैदान के अलावा कस्बे में गाटा संख्या 1357 जो चकमार्ग के नाम से दर्ज है, उस पर दुकानों का निर्माण कराया गया। गाटा संख्या 648 तालाब के नाम से दर्ज है। गाटा संख्या 293 बंजर भूमि, गाटा संख्या 1423 तालाब, गाटा संख्या 1425 तालाब, गाटा संख्या 290 जो गांव की आबादी के नाम से दर्ज है। यहां भी मकान बनवाकर बेच दिए गए।
ये हैं नामजद
वजीरगंज थाने में राहुल वार्ष्णेय समेत 20 लोगों के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज कराए गए। चार मामलों में अकेले राहुल ही नामजद है। पांचवें मामले में राहुल, विमलेश और शैलेश आरोपी हैं। छठे मामले में राहुल और विकास, सातवें मामले में राहुल, संजीव और मुजम्मिल नामजद हैं। आठवें मामले में राहुल, सौरभ मिनोचा, मुरली मनोहर गुप्ता, रिंकू वार्ष्णेय, सुनील अग्रवाल, लल्ला बाबू गुप्ता, कपिल गुप्ता, सागर वार्ष्णेय, कुलदीप सिंह, विनय वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, भानु शर्मा, सन्नी मिनोचा और पवन किशोर के खिलाफ मुकदमा कराया गया।
माननीय की कोठी पर पहुंचा भूमाफिया, बोला- मेरा कॅरियर चौपट कर दिया
बदायूं। चार्जशीट लगने की जानकारी होने पर भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय शहर में एक माननीय की कोठी पर पहुंच गया। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उसे उम्मीद थी कि माननीय उसे बचा लेेंगे। बताते हैं कि उसने माननीय से शिकायत की कि कोई मदद नहीं की गई। इस पर माननीय ने संबंधित दरोगा को भी कोठी पर बुला लिया लेकिन दरोगा ने उच्चाधिकारियों का दबाव बताकर पल्ला झाड़ लिया। बाद में वह तिलमिलाकर चला गया।
राहुल वार्ष्णेय पूर्व में हमारे प्रतिनिधि रहे हैं, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया था। उन्होंने नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। अब उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है, इसमें हम कुछ नहीं कह सकते। कानून तो कानून है। उसका सबको पालन करना पड़ता है। मैं 18 सितंबर से लखनऊ में था। वह हमारे यहां नहीं आए थे। - महेश चंद्र गुप्ता, शहर विधायक एवं पूर्व मंत्री
राहुल वार्ष्णेय कभी पार्टी में किसी पद पर तो नहीं रहे हैं और भाजपा का कार्यकर्ता कोई भी हो सकता है। - राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
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खुद को एक विधायक का प्रतिनिधि बताने वाले राहुल वार्ष्णेय ने वर्ष 2018 में कस्बे के खेल व रामलीला मैदान में 22 दुकानें बनवाकर करोड़ों रुपये में बेच दी थीं। इसके अलावा भी उसने तमाम सरकारी जमीन और तालाबों पर कब्जा करके बेच दिया। इसकी शिकायत सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने भी मुख्यमंत्री से की थी, लेकिन सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हाल ही में जब मुख्यमंत्री ने सरकारी जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया। इ
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सके बाद ईओ संदीप मिश्रा ने राहुल वार्ष्णेय समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके अलावा सात मामले लेखपाल सज्जाद हुसैन ने राहुल के अलावा पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराए थे। मुकदमे दर्ज होने के बाद जून में राहुल को भूमाफिया घोषित कर दिया गया। उसके नाम एक पिस्टल थी। उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। थाना वजीरगंज पुलिस इन मामलों की विवेचना कर रही थी। इस दौरान सभी मामलों में वह दोषी पाया गया। अब तमाम सुबूतों के आधार पर पुलिस ने भूमाफिया राहुल वार्ष्णेय पर चार्जशीट लगा दी है। इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि इन मुकदमों में नामजद राहुल समेत सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लग गई है।
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इन जमीनों को कब्जा करके बेचा गया
खेल/रामलीला मैदान के अलावा कस्बे में गाटा संख्या 1357 जो चकमार्ग के नाम से दर्ज है, उस पर दुकानों का निर्माण कराया गया। गाटा संख्या 648 तालाब के नाम से दर्ज है। गाटा संख्या 293 बंजर भूमि, गाटा संख्या 1423 तालाब, गाटा संख्या 1425 तालाब, गाटा संख्या 290 जो गांव की आबादी के नाम से दर्ज है। यहां भी मकान बनवाकर बेच दिए गए।
ये हैं नामजद
वजीरगंज थाने में राहुल वार्ष्णेय समेत 20 लोगों के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज कराए गए। चार मामलों में अकेले राहुल ही नामजद है। पांचवें मामले में राहुल, विमलेश और शैलेश आरोपी हैं। छठे मामले में राहुल और विकास, सातवें मामले में राहुल, संजीव और मुजम्मिल नामजद हैं। आठवें मामले में राहुल, सौरभ मिनोचा, मुरली मनोहर गुप्ता, रिंकू वार्ष्णेय, सुनील अग्रवाल, लल्ला बाबू गुप्ता, कपिल गुप्ता, सागर वार्ष्णेय, कुलदीप सिंह, विनय वार्ष्णेय, अमित वार्ष्णेय, नीरज वार्ष्णेय, भानु शर्मा, सन्नी मिनोचा और पवन किशोर के खिलाफ मुकदमा कराया गया।
माननीय की कोठी पर पहुंचा भूमाफिया, बोला- मेरा कॅरियर चौपट कर दिया
बदायूं। चार्जशीट लगने की जानकारी होने पर भूमाफिया भाजपा नेता राहुल वार्ष्णेय शहर में एक माननीय की कोठी पर पहुंच गया। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उसे उम्मीद थी कि माननीय उसे बचा लेेंगे। बताते हैं कि उसने माननीय से शिकायत की कि कोई मदद नहीं की गई। इस पर माननीय ने संबंधित दरोगा को भी कोठी पर बुला लिया लेकिन दरोगा ने उच्चाधिकारियों का दबाव बताकर पल्ला झाड़ लिया। बाद में वह तिलमिलाकर चला गया।
राहुल वार्ष्णेय पूर्व में हमारे प्रतिनिधि रहे हैं, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया था। उन्होंने नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। अब उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है, इसमें हम कुछ नहीं कह सकते। कानून तो कानून है। उसका सबको पालन करना पड़ता है। मैं 18 सितंबर से लखनऊ में था। वह हमारे यहां नहीं आए थे। - महेश चंद्र गुप्ता, शहर विधायक एवं पूर्व मंत्री
राहुल वार्ष्णेय कभी पार्टी में किसी पद पर तो नहीं रहे हैं और भाजपा का कार्यकर्ता कोई भी हो सकता है। - राजीव गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा