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Budaun News: घर आकर पेपर का मिलान किया, आंसू छलके, फिर लगा लिया मौत को गले
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(02 बीडीएन-21)पोस्मार्टम हाउस पर मृतक राघव के परिजन।संवाद
- घरवालों से बोला- तैयारी पूरे नंबरों की थी, लेकिन 40 नंबर का ही हो पाया पर्चा
- म्याऊं में पेपर खराब होने पर इंटरमीडिएट के छात्र की आत्महत्या का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कस्बा म्याऊं में पेपर खराब होने की आशंका के चलते मौत को गले लगाने वाला इंटरमीडिएट का छात्र राघव पढ़ाई में काफी तेज बताया जाता है। इस बात पर उसके परिवार वाले भी गर्व करते थे। किसी को यह नहीं पता था कि मामूली बात पर वह तनाव में आकर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
बुधवार को वह घर से हंसी-खुशी पेपर देने गया था। घर लौटा तो पेपर का मिलान किया। इसके बाद उसके आंसू छलकने लगे। बोला कि मेरा पेपर खराब हो गया है। परिजन उसकी इस बात को इस तरह नहीं समझ पाए कि वह कोई आत्मघाती कदम उठा लेगा। जब उसकी हालत बिगड़ी तो परिजनों के होश उड़ गए। पूछने पर वह कुछ नहीं बता पा रहा था। उसके मुंह से जब झाग निकले तो परिजन अनहोनी को समझ गए। इसके बाद आनन-फानन में उसको जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर क्राइम उरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि छात्र की मौत की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम कराकर उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
धार्मिक प्रवृति का था राघव, रोजाना करता था पूजा-पाठ
परिजनों के अनुसार, राघव धार्मिक प्रवृति का था। नियमित पूजा-पाठ करने से ही उसकी दिनचर्या शुरू होती थी। इसके बाद ही वह कुछ खाता और फिर स्कूल जाता था। इस बात का जिक्र उसकी मौत के बाद उसके परिजनों के अलावा आसपास के लोग भी कर रहे थे। सरल व्यवहार के चलते सभी उससे बेहद स्नेह करते थे। किसी के यहां कोई धार्मिक आयोजन होता तो वह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था।
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98 प्रतिशत अंक लाने की थी तैयारी
राघव ने हाईस्कूल की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से पास की थी। वह सभी से कहता था कि इंटर में वह 98 प्रतिशत अंक लाएगा। इसी हिसाब से वह तैयारी कर रहा था। ऐसे में उसका फिजिक्स पेपर खराब हुआ तो उसने अपने घरवालों से कहा कि वह अपनी तैयारी के हिसाब से पेपर हल नहीं कर पाया। उसने पेपर का मिलान करके कहा कि उसकी तैैयारी 70 नंबर की थी, लेकिन 40 नंबरों का ही पेपर सही हुआ है।
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- म्याऊं में पेपर खराब होने पर इंटरमीडिएट के छात्र की आत्महत्या का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कस्बा म्याऊं में पेपर खराब होने की आशंका के चलते मौत को गले लगाने वाला इंटरमीडिएट का छात्र राघव पढ़ाई में काफी तेज बताया जाता है। इस बात पर उसके परिवार वाले भी गर्व करते थे। किसी को यह नहीं पता था कि मामूली बात पर वह तनाव में आकर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
बुधवार को वह घर से हंसी-खुशी पेपर देने गया था। घर लौटा तो पेपर का मिलान किया। इसके बाद उसके आंसू छलकने लगे। बोला कि मेरा पेपर खराब हो गया है। परिजन उसकी इस बात को इस तरह नहीं समझ पाए कि वह कोई आत्मघाती कदम उठा लेगा। जब उसकी हालत बिगड़ी तो परिजनों के होश उड़ गए। पूछने पर वह कुछ नहीं बता पा रहा था। उसके मुंह से जब झाग निकले तो परिजन अनहोनी को समझ गए। इसके बाद आनन-फानन में उसको जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर क्राइम उरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि छात्र की मौत की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम कराकर उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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धार्मिक प्रवृति का था राघव, रोजाना करता था पूजा-पाठ
परिजनों के अनुसार, राघव धार्मिक प्रवृति का था। नियमित पूजा-पाठ करने से ही उसकी दिनचर्या शुरू होती थी। इसके बाद ही वह कुछ खाता और फिर स्कूल जाता था। इस बात का जिक्र उसकी मौत के बाद उसके परिजनों के अलावा आसपास के लोग भी कर रहे थे। सरल व्यवहार के चलते सभी उससे बेहद स्नेह करते थे। किसी के यहां कोई धार्मिक आयोजन होता तो वह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था।
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98 प्रतिशत अंक लाने की थी तैयारी
राघव ने हाईस्कूल की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से पास की थी। वह सभी से कहता था कि इंटर में वह 98 प्रतिशत अंक लाएगा। इसी हिसाब से वह तैयारी कर रहा था। ऐसे में उसका फिजिक्स पेपर खराब हुआ तो उसने अपने घरवालों से कहा कि वह अपनी तैयारी के हिसाब से पेपर हल नहीं कर पाया। उसने पेपर का मिलान करके कहा कि उसकी तैैयारी 70 नंबर की थी, लेकिन 40 नंबरों का ही पेपर सही हुआ है।