Budaun: कछला रेलवे स्टेशन से पीएसी जवान का बैग चोरी, सौ कारतूस होने की चर्चा, मारपीट कर पूछताछ करने का आरोप
दुकानदारों के मुताबिक तीन दिन पहले पीएसी के जवान रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। तभी उनका एक बैग चोरी हो गया। बैग चोरी होने के समय पीएसी के जवानों को पता नहीं चला लेकिन बाद में जब उन्होंने बैग गायब देखा तो उनके होश उड़ गए।
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कछला रेलवे स्टेशन पर तैनात पीएसी के जवानों का एक बैग चोरी हो गया। चर्चा है कि उसमें सौ कारतूस थे। पीएसी के जवानों ने पुलिस को सूचना तो नहीं दी लेकिन बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद ही आसपास के पांच दुकानदारों को राधेलाल इंटर कॉलेज में बने कैंप कार्यालय ले जाकर पूछताछ की। दुकानदारों ने जवानों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
सावन में कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कछला रेलवे स्टेशन पर 43 वीं वाहिनी एटा की एक प्लाटून पीएसी को लगाया गया है। पीएसी के जवानों का कैंप कार्यालय राधेलाल इंटर कॉलेज में है। वे ड्यूटी करके इंटर कॉलेज में जाकर विश्राम करते हैं। दुकानदारों के मुताबिक तीन दिन पहले पीएसी के जवान रेलवे स्टेशन पर तैनात थे। तभी उनका एक बैग चोरी हो गया। बैग चोरी होने के समय पीएसी के जवानों को पता नहीं चला लेकिन बाद में जब उन्होंने बैग गायब देखा तो उनके होश उड़ गए। जवानों ने आसपास के दुकानदारों पर बैग चोरी करने की आशंका जताई। इसके बाद उन्होंने एक-एक करके दुकानदारों को कैंप कार्यालय ले जाकर खुद ही पूछताछ शुरू कर दी।
दुकानदारों का आरोप है कि पीएसी के जवानों ने उनसे पूछताछ करने के लिए केवल मारपीट ही नहीं की बल्कि एक बाल्टी में पानी भरकर उसमें उनका सिर डुबोया गया। इससे उन्हें सांस लेना तक दूभर हो गया। जवान उनसे बैग के बारे में पूछ रहे थे। उसमें सौ कारतूस रखे थे।
एक दुकानदार पप्पू का कहना है कि जिस समय उनका बैग चोरी हुआ, उस दौरान वह हरिद्वार से आया था। वह रेलवे स्टेशन की ओर भी नहीं गया था। इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई। उसकी उंगली मरोड़ दी गई, जिससे उसका पूरा हाथ सूज गया। पप्पू ने बताया उसके अलावा नन्हे, अनिल, फूल सिंह आदि से भी इसी तरह पूछताछ की गई है। अनिल ने भी आरोप लगाया है कि उससे पानी में सिर डुबोकर पूछताछ की गई। फिलहाल पीएसी के जवानों का बैग नहीं मिला है। जवान उसे तलाश कर रहे हैं।
अधिकारियों से मामला छिपा गए जवान
कछला रेलवे स्टेशन पर प्रसाद आदि बेचने वाले दुकानदारों के साथ जिन जवानों ने मारपीट की है, उन जवानों ने अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंच गई है। इससे तमाम अधिकारी आकर मामले की गोपनीय रूप से छानबीन भी कर चुके हैं लेकिन अभी तक यह मामला उजागर नहीं किया है। फिलहाल पीएसी के जवान मामले को छिपाने में लगे हैं।
कछला रेलवे स्टेशन पर तैनात पीएसी ने कोतवाली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है। हमने इस संबंध में इंस्पेक्टर उझानी से भी बात की। उन्होंने भी कोई सूचना मिलने से इन्कार किया है। कछला पर तैनात पीएसी, जीआरपी की ओर से लगाई गई है।
- शक्ति सिंह, सीओ उझानी
बैग चोरी के संबंध में हमें कोई जानकरी नहीं है। कछला रेलवे स्टेशन पर 43 वीं वाहिनी एटा पीएसी तैनात है। हमारी रोजाना प्लाटून कमांडर से बात हो रही है। उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं बताई है।
- संजय कुमार सिंह, एसओ जीआरपी
हमारा कैंप कार्यालय राधेलाल इंटर कॉलेज में है। मेरा कमरा कुछ दूर है और जवानों का कमरा दूसरी ओर है। वहीं पर मैस है। हमारे सभी अधिकारियों ने आकर कारतूस चेक किए हैं। हमारा कोई कारतूस चोरी नहीं हुआ है। अगर किसी जवान ने दुकानदारों से पूछताछ की है तो मैं इसका पता लगाता हूं।
- हरवेंद्र सिंह, प्लाटून कमांडर, 43 वीं वाहिनी एटा