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Budaun News: रामगंगा में भाई-बहन डूबे, बहन की मौत
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दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना में रविवार शाम करीब चार बजे भाई-बहन रामगंगा में नहाते समय डूब गए। ग्रामीणों ने 10 साल के अमित को बचा लिया, लेकिन उसकी 12 वर्षीय बहन क्रांति को नहीं बचा पाए। परिवार वाले उसे गंगा से निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने क्रांति को मृत घोषित कर दिया। दोनों भाई-बहन बरेली के हाफिजगंज के रहने वाले हैं। वह 15 दिन पहले ही अपनी ननिहाल आए थे। परिवार वाले बालिका के शव को अपने घर ले गए हैं।
बरेली के हाफिजगंज निवासी रमेश की कोतवाली क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना में ससुराल है। रमेश 15 दिन पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ नौनी टिकन्ना गांव आए थे। परिवार वालों के मुताबिक, रमेश के ससुर बाबू खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने गंगा किनारे कटरी में पालेज कर रखी है।
दो दिन पहले उनके माता-पिता घर लौट गए, लेकिन अमित (10) और क्रांति (12) अपने नाना के घर ही रुक गए। वह रविवार शाम करीब चार बजे पालेज पर गए थे। उन्होंने खरबूजा-तरबूज खाया और वहीं नजदीक में बह रही रामगंगा में नहाने के लिए घुस गए। इसी दौरान दोनों भाई-बहन गंगा में डूब गए। यह देखकर नजदीक में फसल की रखवाली कर रहे किसान दौड़कर पहुंचे और उन्हें बचाने के लिए रामगंगा में कूद गए। उन्होंने अमित को तुरंत बाहर निकाल लिया, लेकिन क्रांति को तलाश करने में समय लग गया। उसे करीब 15-20 मिनट बाद राम गंगा से बाहर निकाला जा सका। परिवार वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
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बरेली के हाफिजगंज निवासी रमेश की कोतवाली क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना में ससुराल है। रमेश 15 दिन पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ नौनी टिकन्ना गांव आए थे। परिवार वालों के मुताबिक, रमेश के ससुर बाबू खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने गंगा किनारे कटरी में पालेज कर रखी है।
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दो दिन पहले उनके माता-पिता घर लौट गए, लेकिन अमित (10) और क्रांति (12) अपने नाना के घर ही रुक गए। वह रविवार शाम करीब चार बजे पालेज पर गए थे। उन्होंने खरबूजा-तरबूज खाया और वहीं नजदीक में बह रही रामगंगा में नहाने के लिए घुस गए। इसी दौरान दोनों भाई-बहन गंगा में डूब गए। यह देखकर नजदीक में फसल की रखवाली कर रहे किसान दौड़कर पहुंचे और उन्हें बचाने के लिए रामगंगा में कूद गए। उन्होंने अमित को तुरंत बाहर निकाल लिया, लेकिन क्रांति को तलाश करने में समय लग गया। उसे करीब 15-20 मिनट बाद राम गंगा से बाहर निकाला जा सका। परिवार वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
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