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Budaun News: बंदरों के उत्पात से गिरा छज्जा, नीचे दबकर किशोर की मौत, चचेरा भाई घायल

Tue, 24 Jan 2023 06:47 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 24 Jan 2023 06:47 PM IST
सार

एक बंदर लड़ते-लड़ते पेड़ से छज्जे पर कूद पड़ा, जिससे छज्जा टूटकर गिर गया। उसके मलबे में दबकर दोनों भाई गंभीर घायल हो गए। इनमें एक की मौत हो गई। 

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boy dies after balcony fell due to the monkeys jumping in budaun
छत पर बैठे बंदर (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के उसहैत क्षेत्र में बंदर के कूदने से गांव नगला शंभू में रविवार शाम मकान का छज्जा गिर गया, जिसके नीचे दबकर 13 वर्षीय अर्जुन की मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई विशाल गंभीर घायल हो गया। उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार वालों ने किशोर के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
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परिवार वालों के मुताबिक रविवार शाम करीब छह बजे 13 वर्षीय अर्जुन पुत्र पन्नालाल और उसका चचेरा भाई 10 वर्षीय विशाल पुत्र ब्रहमानंद घर के दरवाजे पर बैठे थे। उनके दरवाजे पर सीमेंट का छज्जा पड़ा हुआ था। पास में ही पाकड़ के पेड़ पर कुछ बंदर आपस में लड़ रहे थे। 
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बंदरों के उत्पात से गिरा छज्जा

एक बंदर लड़ते-लड़ते पेड़ से छज्जे पर कूद पड़ा, जिससे छज्जा टूटकर गिर गया। उसके मलबे में दबकर दोनों भाई गंभीर घायल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे परिवार और मोहल्ले के लोगों ने मलबा हटाकर दोनों किशोरों को निकाला। परिवार वाले उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां देर रात अर्जुन की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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परिवार वाले रात में ही अर्जुन के शव को अपने घर ले गए। सोमवार सुबह उन्होंने किशोर के शव को अटेना गंगा घाट पर दफन कर दिया। परिवार वालों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को नहीं दी है। इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह ने बताया कि इस हादसे के संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। 

बंदरों के हमले में कई लोग गवां चुके हैं जान

जिले में बंदरों के कूदने और हमले के अब तक तमाम मामले सामने आ चुके हैं। कई इलाके ऐसे हैं जहां बंदरों की संख्या काफी ज्यादा है। क्षेत्र के लोग छुट्टा पशुओं की तरह बंदरों को भी पकड़वाने और उनका बधियाकरण कराने की मांग कर चुके हैं। 

इसके बावजूद अभी तक जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है, जबकि बंदर लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लोगों के कपड़े फाड़ रहे हैं। सामान तोड़ रहे हैं। और तो और इनकी वजह से लोगों की जान जा रही है।

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