{"_id":"5eaefcd48ebc3e90a55e4719","slug":"board-exam-copy-checking-badaun-news-bly404708799","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों के विरोध के बीच पांच मई से शुरू होगा यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों के विरोध के बीच पांच मई से शुरू होगा यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कोरोना की वजह से पूरे प्रदेश में बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने रोक को हटा लिया है। अब पांच मई से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें सामाजिक दूरी के साथ सभी शिक्षक मास्क और दस्ताने पहनकर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। सभी सुरक्षा इंतजाम विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं सात मार्च को समाप्त हुई थी। इसके बाद 16 मार्च से मूल्यांकन का काम शुरू किया गया। जिले के पांच केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ था। दो दिन बाद ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम कोरोना महामारी की वजह से बीच में रोकना पड़ा था। लॉकडाउन की अवधि लगातार बढ़ने के कारण मूल्यांकन कार्य बहाल होने पर संकट बना हुआ था। ऐसे में शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए सरकार ने पांच मई से मूल्यांकन का शेष कार्य पूर्ण करने का निर्णय लिया। लेकिन मूल्यांकन के दौरान एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत सभी केंद्रों पर सामाजिक दूरी बेहद जरूरी है। साथ ही जो भी शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, वह मास्क और दस्ताने अवश्य लगाएंगे। साथ ही पांचों केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले शिक्षकों की स्क्रीनिंग भी कराई जाएगी। उसके उपरांत उन्हें कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
शिक्षक ने जताया विरोध
बदायूं। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारियों ने रविवार शाम बैठक की। इसमें निर्णय लिया कि पांच मई से शुरू होने वाले मूल्यांकन में वह लोग हिस्सा नहीं लेंगे। जिलाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि जब देश में 17 मई तक लॉकडाउन में चल रहा है तो मूल्यांकन पांच मई से मूल्यांकन कराने पर जोर क्यों दिया जा रहा है। यह जल्दबादी का फैसला है। यह अत्यंत अंसवेदनशील निर्णय है। सभी पदाधिकारी इसका विरोध करते हैं और कोई भी शिक्षक मूल्यांकन करने के लिए नहीं जाएगा। संवाद
विज्ञापन
पांच मई से मूल्यांकन को शुरू कराने के निर्देश मिले हैं। इसके बारे में परीक्षकों को अवगत करा दिया गया है। ताकि परीक्षक समय से मूल्यांकन केंद्रों पर समय से पहुंचेंगे। साथ ही सभी शिक्षकों को मास्क और दस्ताने भी मुहैया कराए जाएंगे। - राममूरत, डीआईओएस
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं सात मार्च को समाप्त हुई थी। इसके बाद 16 मार्च से मूल्यांकन का काम शुरू किया गया। जिले के पांच केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ था। दो दिन बाद ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम कोरोना महामारी की वजह से बीच में रोकना पड़ा था। लॉकडाउन की अवधि लगातार बढ़ने के कारण मूल्यांकन कार्य बहाल होने पर संकट बना हुआ था। ऐसे में शैक्षिक सत्र को नियमित करने के लिए सरकार ने पांच मई से मूल्यांकन का शेष कार्य पूर्ण करने का निर्णय लिया। लेकिन मूल्यांकन के दौरान एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत सभी केंद्रों पर सामाजिक दूरी बेहद जरूरी है। साथ ही जो भी शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, वह मास्क और दस्ताने अवश्य लगाएंगे। साथ ही पांचों केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले शिक्षकों की स्क्रीनिंग भी कराई जाएगी। उसके उपरांत उन्हें कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षक ने जताया विरोध
बदायूं। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारियों ने रविवार शाम बैठक की। इसमें निर्णय लिया कि पांच मई से शुरू होने वाले मूल्यांकन में वह लोग हिस्सा नहीं लेंगे। जिलाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि जब देश में 17 मई तक लॉकडाउन में चल रहा है तो मूल्यांकन पांच मई से मूल्यांकन कराने पर जोर क्यों दिया जा रहा है। यह जल्दबादी का फैसला है। यह अत्यंत अंसवेदनशील निर्णय है। सभी पदाधिकारी इसका विरोध करते हैं और कोई भी शिक्षक मूल्यांकन करने के लिए नहीं जाएगा। संवाद
विज्ञापन
पांच मई से मूल्यांकन को शुरू कराने के निर्देश मिले हैं। इसके बारे में परीक्षकों को अवगत करा दिया गया है। ताकि परीक्षक समय से मूल्यांकन केंद्रों पर समय से पहुंचेंगे। साथ ही सभी शिक्षकों को मास्क और दस्ताने भी मुहैया कराए जाएंगे। - राममूरत, डीआईओएस