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बीडीओ की लापरवाही से अटका ब्लाकों का सृजन
बदायूं।
Updated Sun, 07 Feb 2016 11:43 PM IST
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जिले में उसावां, ककराला, उसहैत और म्याऊं में तहसील बनाए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों और विभिन्न संगठनों की ओर से धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं जिले में नाधा, दबतोरी और बिनावर को ब्लाक बनाए जाने के लिए शासन से आईं आपत्तियों का निस्तारण करके उन्हें भेजने में लापरवाही की जा रही है, जिससे कि ब्लाक बनाए जाने में देरी हो रही है। साथ ही क्षेत्र के लोगों को नए ब्लाक बनाए जाने के लिए इंतजार बढ़ता ही जा रहा है।
जिले में नाधा, दबतोरी और बिनावर ब्लाक बनाए जाने के लिए सात अगस्त 2013 को 2001 की जनगणना के अनुसार प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने 22 दिसंबर को ब्लाक निर्माण में कुछ आपत्तियां लगाकर दोबारा प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। इस पर सीडीओ ने शासनादेश के आदेशों के अनुक्रम में उन क्षेत्रों के एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को आपत्तियों का निस्तारण करते हुए नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक बीडीओ ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार नहीं कराए हैं। इससे शासन की आपत्तियों का निस्तारण करके नहीं भेजा सका है।
तीन ब्लाक बनाए जाने का नया प्रस्ताव 2011 की जनगणना के अनुसार, वहां पर भूमि उपलब्धता, भवनों के निर्माण की स्थिति और उनमें आने वाला खर्च, कर्मचारियों की उपलब्धता और उनके वेतन में आना वाला खर्च, भूमि की उपलब्धता आदि तमाम बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें से केवल जन संख्या की स्थिति की सूचना को छोड़ अन्य सूचनाएं तैयार करने का काम नहीं हो सका। इस पर तेजी से काम करने के लिए सीडीओ ने एक बैठक करने का तय किया है, जिससे कि काम को गति दी जा सके।
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इन बिंदुओं पर मांगी गई है रिपोर्ट
बदायूं। तीनों ब्लाक बनाने के लिए 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या, ब्लाकों में कार्यरत होने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता एवं वेतन, भवनों के निर्माण की स्थिति और उनमें होने वाला खर्च और ब्लाक मुख्यालय के लिए भूमि की उपलब्धता आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है।
ब्लाक बनाने के मुख्य दो मानक
बदायूं। कोई भी ब्लाक बनाने के लिए तमाम मानकों की जरूरत होती है, लेकिन मुख्य रूप से दो मानक सबसे पहले देखे जाते हैं। पहला तो उस ब्लाक क्षेत्र में 45 से 50 ग्राम पंचायतें शामिल हों। दूसरा यह कि उन गांवों की आबादी 75 हजार से लेकर करीब एक लाख व्यक्तियों की होनी चाहिए।
ये आठ ब्लाक होंगे प्रभावित
बदायूं। तीन ब्लाक बनाए जाने के लिए तहसील सदर, बिसौली और सहसवान क्षेत्र के आठ ब्लाक प्रभावित होंगे। इसमें नाधा ब्लाक में सहसवान, इस्लामनगर एवं दहगवां, बिनावर ब्लाक में समरेर, जगत एवं सालापुर और दबतोरी में बिसौली और आसफपुर ब्लाक प्रभावित होंगे।
ब्लाक बनाने का जिले में शासन के महत्वाकांक्षी कामों में से एक है। इसनिए संबंधित एसडीएम और बीडीओ को पत्र भेजकर सूचनाएं देने के निर्देश दिए थे। जल्द ही सूचनाएं एकत्र करने के लिए 11 जनवरी को संबंधित सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके इस संबंध में जरूरी सूचनाओं को एकत्र करके शासन भेजा जाएगा। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
-प्रताप सिंह भदौरिया, सीडीओ
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जिले में नाधा, दबतोरी और बिनावर ब्लाक बनाए जाने के लिए सात अगस्त 2013 को 2001 की जनगणना के अनुसार प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने 22 दिसंबर को ब्लाक निर्माण में कुछ आपत्तियां लगाकर दोबारा प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। इस पर सीडीओ ने शासनादेश के आदेशों के अनुक्रम में उन क्षेत्रों के एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को आपत्तियों का निस्तारण करते हुए नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक बीडीओ ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार नहीं कराए हैं। इससे शासन की आपत्तियों का निस्तारण करके नहीं भेजा सका है।
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तीन ब्लाक बनाए जाने का नया प्रस्ताव 2011 की जनगणना के अनुसार, वहां पर भूमि उपलब्धता, भवनों के निर्माण की स्थिति और उनमें आने वाला खर्च, कर्मचारियों की उपलब्धता और उनके वेतन में आना वाला खर्च, भूमि की उपलब्धता आदि तमाम बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। इनमें से केवल जन संख्या की स्थिति की सूचना को छोड़ अन्य सूचनाएं तैयार करने का काम नहीं हो सका। इस पर तेजी से काम करने के लिए सीडीओ ने एक बैठक करने का तय किया है, जिससे कि काम को गति दी जा सके।
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इन बिंदुओं पर मांगी गई है रिपोर्ट
बदायूं। तीनों ब्लाक बनाने के लिए 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या, ब्लाकों में कार्यरत होने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता एवं वेतन, भवनों के निर्माण की स्थिति और उनमें होने वाला खर्च और ब्लाक मुख्यालय के लिए भूमि की उपलब्धता आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है।
ब्लाक बनाने के मुख्य दो मानक
बदायूं। कोई भी ब्लाक बनाने के लिए तमाम मानकों की जरूरत होती है, लेकिन मुख्य रूप से दो मानक सबसे पहले देखे जाते हैं। पहला तो उस ब्लाक क्षेत्र में 45 से 50 ग्राम पंचायतें शामिल हों। दूसरा यह कि उन गांवों की आबादी 75 हजार से लेकर करीब एक लाख व्यक्तियों की होनी चाहिए।
ये आठ ब्लाक होंगे प्रभावित
बदायूं। तीन ब्लाक बनाए जाने के लिए तहसील सदर, बिसौली और सहसवान क्षेत्र के आठ ब्लाक प्रभावित होंगे। इसमें नाधा ब्लाक में सहसवान, इस्लामनगर एवं दहगवां, बिनावर ब्लाक में समरेर, जगत एवं सालापुर और दबतोरी में बिसौली और आसफपुर ब्लाक प्रभावित होंगे।
ब्लाक बनाने का जिले में शासन के महत्वाकांक्षी कामों में से एक है। इसनिए संबंधित एसडीएम और बीडीओ को पत्र भेजकर सूचनाएं देने के निर्देश दिए थे। जल्द ही सूचनाएं एकत्र करने के लिए 11 जनवरी को संबंधित सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके इस संबंध में जरूरी सूचनाओं को एकत्र करके शासन भेजा जाएगा। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
-प्रताप सिंह भदौरिया, सीडीओ