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बदायूं बनेगा आर्गेनिक खेती का केंद्र
बदायूं।
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:13 AM IST
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खेती
- फोटो : अमर उजाला
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-अमेरिका तक जाएंगी जिले की सब्जियां, विदेशी कंपनी ने दी दस्तक
सुरजन सिंह यादव
जिले में विकास को रफ्तार देने के लिए विदेशी प्राइवेट कंपनी ने दस्तक देदी है। उसावां ब्लाक के चार गांवों के बीच पड़ी गैर उपजाऊ जमीन पर प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट बनने के साथ अब वहां अमेरिका की एक कंपनी ने आर्गेनिक खेती का मन बनाया है। प्लांट बनने के बाद वहां आर्गेनिक खेती की शुरुआत भी की जाएगी है। इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद कंपनी ने आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बदायूं जिले में निर्माणाधीन 55 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट में बिजली तो बनेगी, अमेरिका की कंपनी आर्गेनिक सब्जियां उगा कर विदेश भी भेजेगी। ये कंपनी यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के साथ 60 प्रतिशत कमीशन बेस पर कार्य करेगी। सोलर पॉवर प्लांट की कार्यदायी संस्था के चेयरमैन शिवकुमार गौड़ ने बताया कि सोलर पॉवर प्लांट के सौर पैनल जमीन से साढ़े छह फुट ऊपर लगाए जाते हैं। इससे इनके नीचे बची हुई जगह पर आर्गेनिक खेती होगी। यूएसए की कंपनी से समझौता कर 60 प्रतिशत कमीशन पर कार्य किया जाएगा। उनका कहना है कि आर्गेनिक खेती से उगाई सब्जियों का मूल्य अधिक होने की वजह से यहां बेच पाना मुश्किल होगा इसलिए इन्हें बाहर भेजा जाएगा।
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पांच सौ बीघा में होगी आर्गेनिक खेती
सोलर पॉवर प्लांट बनाने के लिए कार्यदायी संस्था नीलकंठ डेवलपमेंट एनर्जी ने 12 सौ बीघा जमीन खरीदी है। इसमें करीब पांच सौ बीघा जमीन पर आर्गेनिक खेती कराई जाएगी। कार्यदायी संस्था के चेयरमैन ने बताया कि आर्गेनिक खेती का हर साल का टर्नओवर लगभग तीन से चार करोड़ का रहेगा। इसमें 60 प्रतिशत यूएसए की आर्गेनिक खेती करने वाली कंपनी खुद रखेगी और 40 प्रतिशत यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड को देगी।
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ये उगाई जाएंगी सब्जियां
सोलर पॉवर प्लांट में यूएसए की कंपनी को आर्गेनिक खेती करने के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी। इसमें मशरूम, टमाटर, लौकी, तोरई, फूल गोभी, बंद गोभी, मिर्च, प्याज, परवल, करेला, भिंडी, खीरा आदि उगाई जाएगी।
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सबसे अधिक की जाती है मशरूम की खेती
मशरूम पर अच्छा रेट मिलने और विदेशों में अधिक मांग होने की वहज से मशरूम की खेती प्राथमिकता की जाएगी। संस्था के चेयरमैन ने बताया कि मशरूम की विदेशों में अधिक मांग रहती है।
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सुरजन सिंह यादव
जिले में विकास को रफ्तार देने के लिए विदेशी प्राइवेट कंपनी ने दस्तक देदी है। उसावां ब्लाक के चार गांवों के बीच पड़ी गैर उपजाऊ जमीन पर प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट बनने के साथ अब वहां अमेरिका की एक कंपनी ने आर्गेनिक खेती का मन बनाया है। प्लांट बनने के बाद वहां आर्गेनिक खेती की शुरुआत भी की जाएगी है। इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद कंपनी ने आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बदायूं जिले में निर्माणाधीन 55 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट में बिजली तो बनेगी, अमेरिका की कंपनी आर्गेनिक सब्जियां उगा कर विदेश भी भेजेगी। ये कंपनी यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के साथ 60 प्रतिशत कमीशन बेस पर कार्य करेगी। सोलर पॉवर प्लांट की कार्यदायी संस्था के चेयरमैन शिवकुमार गौड़ ने बताया कि सोलर पॉवर प्लांट के सौर पैनल जमीन से साढ़े छह फुट ऊपर लगाए जाते हैं। इससे इनके नीचे बची हुई जगह पर आर्गेनिक खेती होगी। यूएसए की कंपनी से समझौता कर 60 प्रतिशत कमीशन पर कार्य किया जाएगा। उनका कहना है कि आर्गेनिक खेती से उगाई सब्जियों का मूल्य अधिक होने की वजह से यहां बेच पाना मुश्किल होगा इसलिए इन्हें बाहर भेजा जाएगा।
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पांच सौ बीघा में होगी आर्गेनिक खेती
सोलर पॉवर प्लांट बनाने के लिए कार्यदायी संस्था नीलकंठ डेवलपमेंट एनर्जी ने 12 सौ बीघा जमीन खरीदी है। इसमें करीब पांच सौ बीघा जमीन पर आर्गेनिक खेती कराई जाएगी। कार्यदायी संस्था के चेयरमैन ने बताया कि आर्गेनिक खेती का हर साल का टर्नओवर लगभग तीन से चार करोड़ का रहेगा। इसमें 60 प्रतिशत यूएसए की आर्गेनिक खेती करने वाली कंपनी खुद रखेगी और 40 प्रतिशत यूपी सरिला ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड को देगी।
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ये उगाई जाएंगी सब्जियां
सोलर पॉवर प्लांट में यूएसए की कंपनी को आर्गेनिक खेती करने के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी। इसमें मशरूम, टमाटर, लौकी, तोरई, फूल गोभी, बंद गोभी, मिर्च, प्याज, परवल, करेला, भिंडी, खीरा आदि उगाई जाएगी।
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सबसे अधिक की जाती है मशरूम की खेती
मशरूम पर अच्छा रेट मिलने और विदेशों में अधिक मांग होने की वहज से मशरूम की खेती प्राथमिकता की जाएगी। संस्था के चेयरमैन ने बताया कि मशरूम की विदेशों में अधिक मांग रहती है।