UP: हल्द्वानी हिंसा में बदायूं के युवक की भी हुई थी मौत, सिर में लगी थी गोली; परिजनों ने चुपचाप दफनाया
बदायूं के सहसवान कस्बा निवासी 22 वर्षीय आरिश हल्द्वानी में कबाड़ा खरीदने और बेचने का काम करता था। उसके सिर में गोली लगी थी। उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए उपद्रव में बदायूं के सहसवान कस्बा निवासी युवक की भी मौत हो गई। उसके सिर में गोली लगी थी। बरेली में गोपनीय रूप से उसका उपचार कराया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह मौत के बाद सहसवान कस्बे में चुपचाप उसके शव को दफन कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सहसवान कस्बे के मोहल्ला दहलीज निवासी 22 वर्षीय आरिश पुत्र गौहर हल्द्वानी में कबाड़ा खरीदने और बेचने का काम करता था। इसके अलावा वह एक खराद मशीन पर भी काम करता था। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पथराव के साथ दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। हिंसा में छह लोगों की जान चली गई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान सहसवान कस्बे के आरिश को भी सिर में गोली लगी थी।
उसके साथ के लोगों ने बरेली के एक निजी अस्पताल में उसका गुपचुप रूप से उपचार कराया लेकिन शुक्रवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले गुपचुप रूप से उसका शव सहसवान ले आए और दोपहर बाद उसको दफन कर दिया। परिवार वालों ने इस संबंध में पुलिस को न कोई सूचना दी और न अब कोई कुछ बताने को तैयार है।
साथी ही घायल युवक को लाए
हल्द्वानी में युवक के साथ कुछ और लोग भी थे। जब आरिश को गोली लगी थी तो वह उसे चुपचाप बरेली ले आए। यह भी बताया जा रहा है कि जब हल्द्वानी में बवाल हुआ और उपद्रवी पुलिस पर हमला कर रहे थे। युवक भीड़ में शामिल था। गोली लगने से अनुमान लगाया जा रहा है कि वह भीड़ में सबसे आगे रहा होगा। वह भीड़ में कैसे शामिल हुआ, वहां क्या कर रहा था, इसका खुलासा नहीं हुआ है।
बदायूं के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि इस संबंध में कोतवाली पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली है। वैसे यह मामला हल्द्वानी का है। अगर इस संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। फिर उसके आधार पर कार्रवाई होगी।