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Budaun News: गेहूं खरीद में बदायूं पिछड़ा, लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 38 फीसदी खरीद
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बदायूं। जिला इस बार भी गेहूं खरीद में पिछड़ गया। केंद्र प्रभारियों की मनमानी और बिचौलियों के कारण लक्ष्य के सापेक्ष महज 38 फीसदी खरीद हो सकी। शासन की ओर से 62,500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य दिया गया था, पर सिर्फ 24 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। जबकि पिछले साल 26 मीट्रिक टन खरीद हुई थी।
शासन की ओर से गेहूं खरीद के लिए जिले में 114 क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 61, पीसीयू के 18, यूपीएसएस के 11, भाखानि के छह केंद्र थे। गेहूं खरीद 17 मार्च से 19 जून तक चली, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता और केंद्र प्रभारियों की मनमानी के कारण लक्ष्य के सापेक्ष आधी भी खरीद नहीं हो सकी।
अधिकतर केंद्र धरातल से नदारद रहे। किसानों के जाने पर यहां महज बैनर टंगे मिले। ऐसे में किसानों ने आढ़तों पर गेहूं बेचना मुनासिब समझा। इसके अलावा बिचौलियों का भी बोलबाला रहा। नतीजतन करीब दो माह में लक्ष्य के सापेक्ष 38.40 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी। जिले में 62500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था, लेकिन अंतिम दिन तक सिर्फ 23999 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका।
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इसमें सबसे कम खरीद पीसीएफ ने की। उसे 32500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन केवल 6493 मीट्रिक टन यानी 19.98 फीसदी ही खरीद हो सकी। जबकि सबसे ज्यादा खरीद खाद्य विभाग के 18 केंद्रों पर हुई। 11000 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष 1085 मीट्रिक टन यानी 98.64 फीसदी गेहूं खरीदा जा सका।
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शासन की ओर से गेहूं खरीद के लिए जिले में 114 क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 61, पीसीयू के 18, यूपीएसएस के 11, भाखानि के छह केंद्र थे। गेहूं खरीद 17 मार्च से 19 जून तक चली, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता और केंद्र प्रभारियों की मनमानी के कारण लक्ष्य के सापेक्ष आधी भी खरीद नहीं हो सकी।
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अधिकतर केंद्र धरातल से नदारद रहे। किसानों के जाने पर यहां महज बैनर टंगे मिले। ऐसे में किसानों ने आढ़तों पर गेहूं बेचना मुनासिब समझा। इसके अलावा बिचौलियों का भी बोलबाला रहा। नतीजतन करीब दो माह में लक्ष्य के सापेक्ष 38.40 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी। जिले में 62500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था, लेकिन अंतिम दिन तक सिर्फ 23999 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका।
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इसमें सबसे कम खरीद पीसीएफ ने की। उसे 32500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन केवल 6493 मीट्रिक टन यानी 19.98 फीसदी ही खरीद हो सकी। जबकि सबसे ज्यादा खरीद खाद्य विभाग के 18 केंद्रों पर हुई। 11000 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष 1085 मीट्रिक टन यानी 98.64 फीसदी गेहूं खरीदा जा सका।