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बदायूं डिपो 50 से ज्यादा बसें कंडम
ब्यूरो /बदायूं
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:20 PM IST
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बदायूं डिपो 50 से ज्यादा बसें कंडम
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रोडवेज के बदायूं डिपो में 50 से ज्यादा कंडम बसें दौड़ाई जा रही हैं। गौरतलब यह कि रोडवेज की अधिकांश बसों में सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं हैं। इन बसों के न दरवाजे ठीक हैं, न ही खिड़कियां। यानी यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बसें चलाई जा रही हैं। रविवार की रात नेशनल हाईवे 24 पर बरेली में रजऊ परसपुर गांव के पास हुए ट्रक की टक्कर लगने के बाद रोडवेज बस में आग लग गई थी। इसमें दो दर्जन लोग जिंदा जल गए और एक दर्जन से अधिक झुलस गए। इस हादसे के बाद सोमवार को अमर उजाला टीम ने बदायूं डिपो की रोडवेज बसों का हाल जाना तो परिवहन निगम की लापरवाही और यात्रियों की जान से खिलवाड़ की स्थिति सामने आई। रोडवेज के अफसर सब कुछ जानकर अंजान बने हुए हैं।
रोडवेज बसों आग बुझाने के इंतजाम नहीं
रोडवेज की अधिकांश बसों में फायर एस्टिंग्यूशर नहीं हैं। बसों में जरूरत पर पानी डालने के लिए बाल्टी तक नहीं है। न ही यात्रियों के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रहता है। यानी बस में आग लगने की दशा में यात्रियों की जान को पूरा खतरा है।
तकनीकी खराबी से कई बार हो चुके हैं हादसे
रोडवेज बसों में कई बार खराबी आने के बाद भी उनके संचालन पर रोक नहीं लगाई गई। कुछ दिन पहले बदायूं डिपो में डीजल लेने को लाइन में खड़ी दो बसों के तकनीकी खराबी आने से स्टार्ट करते ही ब्रेक फेल हो गए थे। इस हादसे में चालक और यात्री बाल-बल बचे थे। इन बसों को ठीक कराने के बाद फिर रोड पर भेज दिया गया।
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मानक से ज्यादा चल चुकीं हैं बसें
बदायूं डिपो में कुल 124 बसें निगम की है। इनमें करीब 50 बसें पूरी तरह कंडम हो चुकी है, जिन्हें जुुगाड़ से चलाया जा रहा है। रोडवेज कर्मी बताते है कि कंडम बसें एक लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी है। फिर भी लापरवाह अधिकारी इन बसों पर रोक नहीं लगाते है। लंबे रूट पर चलने वाले चालक परिचालक और यात्रियों को बस में खराबी आने पर इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है।
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रोडवेज बसों आग बुझाने के इंतजाम नहीं
रोडवेज की अधिकांश बसों में फायर एस्टिंग्यूशर नहीं हैं। बसों में जरूरत पर पानी डालने के लिए बाल्टी तक नहीं है। न ही यात्रियों के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रहता है। यानी बस में आग लगने की दशा में यात्रियों की जान को पूरा खतरा है।
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तकनीकी खराबी से कई बार हो चुके हैं हादसे
रोडवेज बसों में कई बार खराबी आने के बाद भी उनके संचालन पर रोक नहीं लगाई गई। कुछ दिन पहले बदायूं डिपो में डीजल लेने को लाइन में खड़ी दो बसों के तकनीकी खराबी आने से स्टार्ट करते ही ब्रेक फेल हो गए थे। इस हादसे में चालक और यात्री बाल-बल बचे थे। इन बसों को ठीक कराने के बाद फिर रोड पर भेज दिया गया।
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मानक से ज्यादा चल चुकीं हैं बसें
बदायूं डिपो में कुल 124 बसें निगम की है। इनमें करीब 50 बसें पूरी तरह कंडम हो चुकी है, जिन्हें जुुगाड़ से चलाया जा रहा है। रोडवेज कर्मी बताते है कि कंडम बसें एक लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी है। फिर भी लापरवाह अधिकारी इन बसों पर रोक नहीं लगाते है। लंबे रूट पर चलने वाले चालक परिचालक और यात्रियों को बस में खराबी आने पर इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है।