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ये कैसी व्यवस्था... कही एक शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूल, तो कहीं पर शिक्षकों की फौज
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बदायूं। प्रदेश सरकार ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का एक अनुपात निर्धारित किया है। उसी के अनुसार शिक्षकों की तैनाती होना चाहिए, लेकिन जिले के कई स्कूल शिक्षामित्र के सहारे हैं या उनमें एक-दो शिक्षक ही तैनात हैं। इसके विपरीत जिले में कई स्कूल ऐसे भी हैं, जिनमें 12 से 15 शिक्षकों की तैनाती हैं। एक संविलियन स्कूल में तो18 शिक्षक तैनात हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा का बुरा हाल है। अगर जिले में कुछ विद्यालयों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहद खराब है। अधिकांश विद्यालयों में मानक के अनुरूप शिक्षकों का न होना भी बड़ी वजह है। जिन विद्यालयों में एक-एक शिक्षक हैं, उन्हें पढ़ाने के साथ विभाग से जुड़े अन्य काम भी करने होते हैं। ऐसे हालात में सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठा दिया जाता है।
जिले में प्राथमिक स्कूलों की संख्या 1802 है। इनमें तकरीबन 400 विद्यालय ऐसे हैं जो एकल हैं। यहां पर सिर्फ एक-एक शिक्षक ही कार्यरत है। उच्च माध्यमिक विद्यालय जिले में 656 हैं। इसमें 125 एकल विद्यालय हैं। इसके विपरीत जिले में कई संविलियन/ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर 12 से 18 तक शिक्षक तैनात हैं। इनमें घटपुरी में स्थित संविलियन स्कूल में दो हेडमास्टर, नौ सहायक अध्यापक, चार शिक्षामित्र, तीन अनुदेशक तैनात हैं। संविलियन स्कूल असरासी में एक हेडमास्टर, सात सहायक अध्यापक, एक शिक्षामित्र, एक अनुदेशक है, वहीं अल्लेपुर स्कूल में 12 शिक्षक, सिसरका महौरी में 10 शिक्षक कार्यरत हैं।
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1500 शिक्षक करा चुके हैं अंतरजनपदीय तबादले को काउंसलिंग
बदायूं जनपद से अन्य जनपदों में जाने से लिए 1500 शिक्षकों ने आवेदन किया है। अगर ये सभी शिक्षक जनपद से चले गए तो यहां स्कूलों में शिक्षण कार्य बेपटरी होते देर नहीं लगेगी।
जिले के एकल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय
आसफपुर ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय कुआडांडा, परवेज नगर, उच्च प्राथमिक विद्यालय राज टिकौली और मन्नू नगर।
अंबियापुर ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय वन्नीघाट व पालपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय पंडौल और सिरमारा भोजपुर।
बिसौली ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय जरारा व ललुआ, उच्च प्राथमिक विद्यालय नसरौल और सरवा।
दातागंज ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय इस्माईलपुर व केशवपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय चिंजारी और हर्रेनगला।
दहगवां ब्लॉक-प्राथमिक विद्यालय करियामई व शादीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय भज्जी की मढै़या और दानपुर।
शासन के निर्देशों के अनुसार जिले में एक परिसर में चलने वाले स्कूलों को संविलियन किया गया था। ऐसे में वहां पर दोनों विद्यालयों का स्टाफ मिलाकर संख्या ज्यादा हो गई। उन्हें हटाने के लिए स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। हालांकि छात्र संख्या के अनुपात के हिसाब से वहां से शिक्षकों को हटाने और एकल वाले विद्यालयों में भेजने का काम चल रहा है।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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जिले में बेसिक शिक्षा का बुरा हाल है। अगर जिले में कुछ विद्यालयों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहद खराब है। अधिकांश विद्यालयों में मानक के अनुरूप शिक्षकों का न होना भी बड़ी वजह है। जिन विद्यालयों में एक-एक शिक्षक हैं, उन्हें पढ़ाने के साथ विभाग से जुड़े अन्य काम भी करने होते हैं। ऐसे हालात में सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठा दिया जाता है।
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जिले में प्राथमिक स्कूलों की संख्या 1802 है। इनमें तकरीबन 400 विद्यालय ऐसे हैं जो एकल हैं। यहां पर सिर्फ एक-एक शिक्षक ही कार्यरत है। उच्च माध्यमिक विद्यालय जिले में 656 हैं। इसमें 125 एकल विद्यालय हैं। इसके विपरीत जिले में कई संविलियन/ अंग्रेजी माध्यम विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर 12 से 18 तक शिक्षक तैनात हैं। इनमें घटपुरी में स्थित संविलियन स्कूल में दो हेडमास्टर, नौ सहायक अध्यापक, चार शिक्षामित्र, तीन अनुदेशक तैनात हैं। संविलियन स्कूल असरासी में एक हेडमास्टर, सात सहायक अध्यापक, एक शिक्षामित्र, एक अनुदेशक है, वहीं अल्लेपुर स्कूल में 12 शिक्षक, सिसरका महौरी में 10 शिक्षक कार्यरत हैं।
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1500 शिक्षक करा चुके हैं अंतरजनपदीय तबादले को काउंसलिंग
बदायूं जनपद से अन्य जनपदों में जाने से लिए 1500 शिक्षकों ने आवेदन किया है। अगर ये सभी शिक्षक जनपद से चले गए तो यहां स्कूलों में शिक्षण कार्य बेपटरी होते देर नहीं लगेगी।
जिले के एकल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय
आसफपुर ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय कुआडांडा, परवेज नगर, उच्च प्राथमिक विद्यालय राज टिकौली और मन्नू नगर।
अंबियापुर ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय वन्नीघाट व पालपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय पंडौल और सिरमारा भोजपुर।
बिसौली ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय जरारा व ललुआ, उच्च प्राथमिक विद्यालय नसरौल और सरवा।
दातागंज ब्लॉक- प्राथमिक विद्यालय इस्माईलपुर व केशवपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय चिंजारी और हर्रेनगला।
दहगवां ब्लॉक-प्राथमिक विद्यालय करियामई व शादीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय भज्जी की मढै़या और दानपुर।
शासन के निर्देशों के अनुसार जिले में एक परिसर में चलने वाले स्कूलों को संविलियन किया गया था। ऐसे में वहां पर दोनों विद्यालयों का स्टाफ मिलाकर संख्या ज्यादा हो गई। उन्हें हटाने के लिए स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। हालांकि छात्र संख्या के अनुपात के हिसाब से वहां से शिक्षकों को हटाने और एकल वाले विद्यालयों में भेजने का काम चल रहा है।
- रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए