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कंप्यूटरीकरण में पिछड़ा पुलिस महकमा
बदायूं
Updated Fri, 02 Oct 2015 11:36 PM IST
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डिजिटल इंडिया के सपने के बीच पुलिस महकमा पिछड़ता जा रहा है। दो साल पहले सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) के तहत पुलिस विभाग को ऑन लाइन करने की कवायद तो शुरू हुई, लेकिन यह अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। थानों में कंप्यूटर, जेनरेटर, इंटरनेट कनेक्शन समेत सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद अब तक एफआईआर ऑनलाइन दर्ज करने का काम शुरू नहीं हो सका है।
सीसीटीएनएस के तहत अपराध, अपराधियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मेंटेन करने के साथ घर बैठे इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी। किसी भी मामले का वादी ऑन लाइन अपने केस की प्रगति भी जान सकेगा। सीसीटीएनएस का काम सूबे में तीन फेज में पूरा किया जाना था। अब तक सूबे के किसी भी थाने में ऑन लाइन एफआईआर दर्ज होना शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि बदायूं तीसरे फेज में है। इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बदायूं में महिला समेत 22 थाने हैं। कंप्यूटरीकरण के नाम पर इन थानों में अब तक कंप्यूटर पर ऑफ लाइन एफआईआर दर्ज करने का काम ही शुरू हो सका है।
सीसीटीएनएस से यह होंगे फायदे
- घर बैठे इंटरनेट से दर्ज करा सकेंगे शिकायत।
- अपराध और अपराधियों की सूचना देना आसान।
- रोजगार, किराएदार, नौकर, वरिष्ठ नागरिकों के सत्यापन और अनापत्ति प्रमाणपत्र की सुविधा।
- नेट के जरिये घर बैठे किसी शिकायत या केस की प्रगति जानना।
- नेट से पुलिस से संबंधित विभिन्न फार्म और विभाग की जानकारी लेना।
- पुलिस देश भर में एक तरीके से वारदात करने वाले गिरोहों को चिन्ह्ति कर सकेगी।
वर्जन-
बदायूं तीसरे फेज में है। इस लिहाज से यहां काम बेहतर चल रहा है। कुछ कमियां हैं, इनको भी दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ऑन लाइन एफआईआर दर्ज करने का काम शुरू हो जाएगा।-अनिल यादव, एसपी सिटी/नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस
सीसीटीएनएस के तहत अपराध, अपराधियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड मेंटेन करने के साथ घर बैठे इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी। किसी भी मामले का वादी ऑन लाइन अपने केस की प्रगति भी जान सकेगा। सीसीटीएनएस का काम सूबे में तीन फेज में पूरा किया जाना था। अब तक सूबे के किसी भी थाने में ऑन लाइन एफआईआर दर्ज होना शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि बदायूं तीसरे फेज में है। इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बदायूं में महिला समेत 22 थाने हैं। कंप्यूटरीकरण के नाम पर इन थानों में अब तक कंप्यूटर पर ऑफ लाइन एफआईआर दर्ज करने का काम ही शुरू हो सका है।
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सीसीटीएनएस से यह होंगे फायदे
- घर बैठे इंटरनेट से दर्ज करा सकेंगे शिकायत।
- अपराध और अपराधियों की सूचना देना आसान।
- रोजगार, किराएदार, नौकर, वरिष्ठ नागरिकों के सत्यापन और अनापत्ति प्रमाणपत्र की सुविधा।
- नेट के जरिये घर बैठे किसी शिकायत या केस की प्रगति जानना।
- नेट से पुलिस से संबंधित विभिन्न फार्म और विभाग की जानकारी लेना।
- पुलिस देश भर में एक तरीके से वारदात करने वाले गिरोहों को चिन्ह्ति कर सकेगी।
वर्जन-
बदायूं तीसरे फेज में है। इस लिहाज से यहां काम बेहतर चल रहा है। कुछ कमियां हैं, इनको भी दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ऑन लाइन एफआईआर दर्ज करने का काम शुरू हो जाएगा।-अनिल यादव, एसपी सिटी/नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस
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