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बच्चों पर ‘डिंगारा’ मुसीबत बनकर टूटने को तैयार
Updated Sun, 22 Feb 2015 06:34 PM IST
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अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय परिसर से सटे ओवरहेड टैंक पर चिपके डिंगारे का झुंड किसी भी वक्त मुसीबत बन कर टूट सकता है।
किलाखेड़ा स्थित अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय के पास ही नगर परिषद प्रशासन के दो ओवरहेड टैंक हैं। पिछले कुछ महीने से टंकी पर डिंगारे (मधुमक्खी का छत्ता) के झुंड ने बसेरा कर लिया है। डिंगारा जहां चिपका है, उसके ठीक सामने स्कूल के बरामदे में बच्चे बैठते हैं। मधु मक्खियों की डिंगारा प्रजाति बेहद खतरनाक कही जाती है।
हालांकि स्कूली बच्चों पर डिंगारा ने हमला नहीं किया है लेकिन आसपास के लोगों का कहना है कि अगर कभी भी डिंगारे ने हमला किया तो स्कूल के बच्चों को सुरक्षित बचना मुश्किल हो जाएगा। इधर, स्कूल की प्रधानाध्यापिका जयंती शर्मा कहती हैं कि डिंगारा तुड़वाने के लिए उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से संपर्क साधा है।
किलाखेड़ा स्थित अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय के पास ही नगर परिषद प्रशासन के दो ओवरहेड टैंक हैं। पिछले कुछ महीने से टंकी पर डिंगारे (मधुमक्खी का छत्ता) के झुंड ने बसेरा कर लिया है। डिंगारा जहां चिपका है, उसके ठीक सामने स्कूल के बरामदे में बच्चे बैठते हैं। मधु मक्खियों की डिंगारा प्रजाति बेहद खतरनाक कही जाती है।
हालांकि स्कूली बच्चों पर डिंगारा ने हमला नहीं किया है लेकिन आसपास के लोगों का कहना है कि अगर कभी भी डिंगारे ने हमला किया तो स्कूल के बच्चों को सुरक्षित बचना मुश्किल हो जाएगा। इधर, स्कूल की प्रधानाध्यापिका जयंती शर्मा कहती हैं कि डिंगारा तुड़वाने के लिए उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से संपर्क साधा है।
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