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केवल खानपान का ही नहीं रखें ध्यान, अच्छी दिनचर्या भी बनाएं’
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वजीरगंज के मुन्नालाल इंटर कॉलेज में हुआ ‘अपराजिता का आयोजन’ छात्राओं को दी गई पौष्टिक खाद्य सामग्री लेने की सलाह
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बदायूं। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत वजीरगंज के मुन्नालाल इंटर कॉलेज में ‘रखें खानपान का ध्यान, सुरक्षित रहेगा स्वास्थ्य’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को न केवल खानपान का ध्यान रखने संबंधित जानकारी दी गई बल्कि अच्छी दिनचर्या बनाने पर भी जोर दिया गया।
सोमवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनेश कुमार ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारे भोजन का सीधा संबंध हमारी सेहत से है। भोजन जितना पौष्टिक होगा, हमारी सेहत उतनी ही दुरुस्त रहेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के तीव्र विकास और विस्तार के बावजूद देश के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। इसका प्रमुख कारण हमारे दैनिक खानपान में नमक, मैदा, फास्ट फूड, रिफाइंड और चीनी की बढ़ती मात्रा है। शारीरिक श्रम के अभाव और आरामदायक दिनचर्या के कारण शरीर में काफी विषैले तत्व एकत्र हो जाते हैं, जो अनेक गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि अच्छे खानपान और नियमित व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तो आवश्यक पोषक तत्वों के अभाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, वहीं नमक, रिफाइंड, मैदा, फास्ट फूड, चीनी और हानिकारक तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण मोटापा, शुगर, ब्लडप्रेशर, कैंसर, कब्ज जैसी अनेक बीमारियां हो जाती हैं।
कॉलेज के प्रधानाचार्य पुष्पदेव भारद्वाज ने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली और काम के तनाव के कारण छात्र-छात्राएं घर पर निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन के बजाय बाजार में उपलब्ध ‘रेडी-टू-ईट’ खाद्य पदार्थों का सेवन कर भोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं, लेकिन इन खाद्य पदार्थों के निर्माण में टेस्ट मेकर, हानिकारक रसायनो, सिंथेटिक कलर, वसा, शुगर, ट्रांसफैट आदि नुकसान देने वाले पदार्थों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। इनसे बचने के लिए हमें घर का बना हुआ भोजन ही लेना चाहिए।
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छात्राओं ने नाटक से किया जागरूक
कॉलेज की छात्रा दीक्षा कुमारी एवं फिजा सैफी ने डॉक्टर और मरीज का अभिनय कर नाटक के माध्यम से छात्राओं को अच्छे खानपान के लिए जागरूक किया। संचालन नवीन सक्सेना ने किया। इस अवसर पर राजगोपाल शर्मा, हरीश श्रीवास्तव, राजवीर सिंह, मयंक वार्ष्णेय, प्रवीण गुप्ता आदि स्टाफ मौजूद रहा।
सोमवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनेश कुमार ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारे भोजन का सीधा संबंध हमारी सेहत से है। भोजन जितना पौष्टिक होगा, हमारी सेहत उतनी ही दुरुस्त रहेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के तीव्र विकास और विस्तार के बावजूद देश के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। इसका प्रमुख कारण हमारे दैनिक खानपान में नमक, मैदा, फास्ट फूड, रिफाइंड और चीनी की बढ़ती मात्रा है। शारीरिक श्रम के अभाव और आरामदायक दिनचर्या के कारण शरीर में काफी विषैले तत्व एकत्र हो जाते हैं, जो अनेक गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि अच्छे खानपान और नियमित व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तो आवश्यक पोषक तत्वों के अभाव से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, वहीं नमक, रिफाइंड, मैदा, फास्ट फूड, चीनी और हानिकारक तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण मोटापा, शुगर, ब्लडप्रेशर, कैंसर, कब्ज जैसी अनेक बीमारियां हो जाती हैं।
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कॉलेज के प्रधानाचार्य पुष्पदेव भारद्वाज ने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली और काम के तनाव के कारण छात्र-छात्राएं घर पर निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन के बजाय बाजार में उपलब्ध ‘रेडी-टू-ईट’ खाद्य पदार्थों का सेवन कर भोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं, लेकिन इन खाद्य पदार्थों के निर्माण में टेस्ट मेकर, हानिकारक रसायनो, सिंथेटिक कलर, वसा, शुगर, ट्रांसफैट आदि नुकसान देने वाले पदार्थों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। इनसे बचने के लिए हमें घर का बना हुआ भोजन ही लेना चाहिए।
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छात्राओं ने नाटक से किया जागरूक
कॉलेज की छात्रा दीक्षा कुमारी एवं फिजा सैफी ने डॉक्टर और मरीज का अभिनय कर नाटक के माध्यम से छात्राओं को अच्छे खानपान के लिए जागरूक किया। संचालन नवीन सक्सेना ने किया। इस अवसर पर राजगोपाल शर्मा, हरीश श्रीवास्तव, राजवीर सिंह, मयंक वार्ष्णेय, प्रवीण गुप्ता आदि स्टाफ मौजूद रहा।