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Budaun News: खाद की एक और रैक पहुंची, अब नहीं रहेगी कोई किल्लत

Fri, 29 Nov 2024 12:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:22 AM IST
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Another rack of fertilizer arrived, now there will be no shortage
उझानी रेलवे स्टेशन पर अनलोड होती डीएपी की रैक। संवाद
उझानी। जिले में डीएपी की किल्लत के बीच नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) की डीएपी की एक और रैक पहुंच गई है। शुक्रवार से वितरण भी शुरू होने की उम्मीद है। दुकानदारों समेत सहकारी समितियों को खाद आवंटित कर दी गई है।
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गेहूं और आलू की बोआई के सीजन में पिछले कई दिन से डीएपी की किल्लत मची हुई थी। समितियों को किसानों की जरूरत के हिसाब से डीएपी नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर कई स्थानों से हंगामा और प्रदर्शन के मामले सामने आ रहे हैं। एआर कोऑपरेटिव महेंद्र सिंह के मुताबिक, उझानी स्टेशन पर बुधवार रात एनएफएल डीएपी की रैक पहुंची। इसे बृहस्पतिवार दोपहर तक अनलोड किए जाने का काम चला।
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एआर ने बताया कि जिले की 67 सहकारी समितियों को 990 मीट्रिक टन एनएफएल आवंटित हुई है। प्राइवेट में तीन सौ मीट्रिक टन पहुंचेगी। समितियों का कोड देर रात अपडेट कर दिया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार से समितियों पर खाद का वितरण शुरू हो जाएगा। वितरण की प्रक्रिया पहले ही तरह की रहेगी। किसानों को खाद आधार कार्ड और खसरा खतौनी के आधार पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि जिले में एनएफएल की पहले भी रैक अनलोड हो चुकी है।
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बाजार में कालाबाजारी से किसान परेशान
इलाके में डीएपी की किल्लत के बीच किसानों को बाजार में तीन सौ रुपये प्रति कट्टा तक अतिरिक्त मूल्य चुकाना पड़ रहा है। किसानों में हरीओम ने बताया कि पिछले दिनों जब समिति पर एक कट्टा से अधिक खाद नहीं मिली तो उसे बाजार जाना पड़ा। दुकानदार ने तय रेट से करीब तीन सौ रुपया अधिक वसूले। शोर तो रैक प्वाइंट से ही कालाबाजारी का मचा हुआ है, लेकिन इस ओर अफसर गौर भी नहीं करते।


वितरण से पहले ही जुगाड़ करने में जुटे किसान
शुक्रवार को सहकारी समितियों पर एनएफएल की डीएपी बांटे जाने की उम्मीद के बीच कई किसानों ने एक दिन पहले से ही जरूरत के हिसाब से खाद लेने के लिए जुगाड़ करनी शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को भी कई किसान समितियों तक पहुंच गए। उन्होंने सचिवों समेत कर्मचारियों से भी संपर्क साधा। किसान अपने राजनीतिक पैरोकारों तक पहुंचने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि इस बार समय पर खाद नहीं मिली तो गेहूं की बोआई काफी लेट हो जाएगी।
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