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हवा की सेहत खराब...अगले 15 दिन तक नहीं होगा सुधार

Mon, 07 Nov 2022 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 12:55 AM IST
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Air health is bad...doesn't improve for 15 days,
शहर में रविवार को सुबह के वक्त कुछ इस तरह धुंध रही। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। तापमान में कमी आने के साथ वायु की गुणवत्ता भी तेजी से खराब हो रही है। रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद बदायूं का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसतन 210 के आसपास दर्ज किया गया। शहर में नवादा चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा, लालपुल तिराहा, दातागंज तिराहा के इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहा। आगामी 15 दिन तक वायु की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद भी नहीं है।
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मौसम विज्ञान विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुरादाबाद की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार रविवार को वायु में पीएम-10 का स्तर 209 और पीएम-05 का स्तर 193 दर्ज किया गया। डॉ. हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी गढ़वाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि आने वाले दिनों में सांस और फेफड़ा संबंधी बीमारियों का शिकार लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रदूषण के कारण वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। स्मॉग और धुंध का खतरा भी बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुरादाबाद और सेटेलाइट से मिल रहे आंकड़ों के अनुसार एक्यूआई में तेजी से इजाफा हो रहा है।
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बदायूं में एक्यूआई बढ़ने का अहम कारण यहां से एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) का ज्यादा दूर न होना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं, बुलंदशहर, बरेली, मुरादाबाद में भी वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रह है। बदायूं के आसपास वायु में पीएम 2.5 का स्तर 70 और पीएम 10 का स्तर 108 के आसपास रहा। वायुमंडल में पीएम 2.5 का स्तर तेजी से बढ़ेगा। तेज हवाओं के चलने या फिर बारिश होने के बाद ही एक्यूआई में गिरावट और वायु की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
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यह हैं वायु की गुणवत्ता के मानक
वायु का एक्यूआई का स्तर 100 से 200 तक औसतन माना जाता है। एक्यूआई अगर 200 से 300 तक के बीच है, तो खराब माना जाता है। 300 से 400 तक के स्तर को बहुत खराब और 400 से 500 तक के स्तर को सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। वर्ष 2019 में बदायूं में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया था।
इस तरह बिगड़ रही वायु की गुणवत्ता
मंगलवार 152
बुधवार 151
बृहस्पतिवार 185
शुक्रवार 197
शनिवार 200
रविवार 210
एक्यूआई तेजी से खतरे की ओर बढ़ रहा है। अगले 15 दिन तक वायु की गुणवत्ता में सुधार की कोई उम्मीद नजर नहीं है। तापमान गिरने और धूप कम खिलने के दौरान वायु मंडल की परत धरती के करीब आ रही है। वायु मंडल में फिर से उत्सर्जित गैसों नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और पीएम-5, पीएम-10 का स्तर बढ़ रहा है। एक्यूआई बढ़ने के कारण सांस और फेफड़ा संबंधी बीमारियों का शिकार लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी। -डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम वैज्ञानिक

सावधानी बरतें सांस और दमा रोगी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. शिव मोहन कमल का कहना है कि वायु की गुणवत्ता खराब होने से सबसे ज्यादा समस्या सांस, दमा और फेफड़ों से संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को होती है। एक तो सर्दियों का मौसम और प्रदूषण से ऐसे लोगों की समस्या कई गुना तक बढ़ जाती है। दमा के मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन्हेलर अपने पास रखें। जरूरी होने पर भी घर से निकलें। जहां तक संभव हो सुबह और शाम के समय घर से न निकलें। घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर भी वायु की खराब गुणवत्ता का बुरा असर होता है। इनको लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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