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औसत से कम हुई बारिश, किसान परेशान

Thu, 28 Jul 2022 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 01:21 AM IST
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खेत में सूखती धान की फसल। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में इस बार मौसम की दगाबाजी के कारण धान की रोपाई का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। धान रोपाई का सीजन निकलता जा रहा है। अब तक अधिकतर किसान धान की पौध तक तैयार नहीं कर सके हैं। जिन खेतों में पौध को लगाया गया है, वह बारिश नहीं होने की वजह से सूख रही है। केवल जून और जुलाई की बात करें तो दो महीनों में 112 एमएम बारिश हुई है।
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इस बार मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि अच्छी बारिश होगी। समय पर मानसून भी आएगा। इससे किसानों के चेहरे खिल गए थे, लेकिन अपेक्षाकृत बारिश नहीं होने से किसानों के चेहरों पर उदासी दिख रही है। उनको काफी नुकसान हो रहा है। जून में किसानों को बेहतर बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मौसम विभाग का पूर्वानुमान गलत साबित हुआ। जून में सामान्य वर्षा नहीं हुई तो लोगों को उम्मीद थी कि जुलाई में ऐसा नहीं होगा, पर अब तक बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं। इसके अलावा शहर से लेकर गांव तक जलस्तर इस हद तक गिरा है कि हैंडपंपों से लेकर सामान्य बोरिंग पर भी पानी कम आने लगा है। ऐसे में माना जा रहा कि यदि आने वाले दिनों में ठीक से बारिश नहीं हुई, तो जिला सूखे की चपेट में चला जाएगा।
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मई महीने में हुई बारिश
मई 2019--729.25 एमएम
मई 2020--577.50 एमएम
मई 2021--536.00 एमएम
मई 2022--667.75 एमएम
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जून-जुलाई पर एक नजर
वर्ष 2019--222.25 एमएम
वर्ष 2020--239.25 एमएम
वर्ष 2021--185.75 एमएम
वर्ष 2022--112 एमएम
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किसान बोले- भूखे मरने की आ जाएगी नौबत
बारिश न होने से किसान भी परेशान हैं। दातागंज के जगवीर कहते हैं कि इस मौसम में हर साल धान की फसल करते थे, लेकिन बरसात नहीं होने से धान की रोपाई नहीं कर पाए हैं। ऐसे में इस बार खेेत खाली रह जाएगा। अब मजबूरी में गुड़गांव मजदूरी करने के लिए जा रहे हैं, ताकि अपना और बच्चों का पेट पाल सकें। रसूलपुर के धनश्याम ने बताया कि धान की जैसे तैसे रोपाई कर दी हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से फसल सूख रही हैं, दो बार पानी लगा चुके हैं, अब इतने पैसे भी नहीं है कि फसल में बार-बार पानी लगा सके। ऐसे में खेत की तरफ देखा तक नहीं जाता है।
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