{"_id":"5f8deac58ebc3eefa77733a4","slug":"after-lockdown-school-open-badaun-news-bly423989111","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन कम संख्या में पहुंचे छात्र, कई स्कूलों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन कम संख्या में पहुंचे छात्र, कई स्कूलों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं हुआ पूरा
विज्ञापन
स्कूलों को चेक करने के दौरान छात्रों से बात करते डीएम। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। व्यावसायिक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोलने के बाद अब सरकार ने शिक्षण संस्थान खोलने की भी शुरुआत कर दी है। पहले चरण में कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही स्कूल जाने की अनुमति दी गई है, जिसके तहत सोमवार से दो पालियों में स्कूल खोले गए, लेकिन इनमें विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही। कई स्कूलों में विद्यार्थियों के संख्या दस से भी कम रही। जबकि जनपद में 2198 अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल जाने की अनुमति दी, लेकिन पहुंचे कुल 350 ही। ऐसे में पहले दिन करीब 16 प्रतिशत ही विद्यार्थी स्कूलों में उपस्थित हुए।
प्रदेश में सात माह बाद सरकार ने सशर्त इंटर कॉलेजों को खोलने की अनुमति दी है। इस पर सोमवार को शासन के निर्देशों के क्रम में स्कूलों को खोला गया। हालांकि शासन की ओर से दी गई गाइड लाइन के मुताबिक स्कूल संचालकों की तरफ से स्कूलों को सैनिटाइज किया गया था। वहीं कॉलेज आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के हाथों को सैनिटाइज किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग की गई और तब ही उन्हें कॉलेज में प्रवेश दिया गया, जिन्होंने अभिभावकों का सहमति पत्र दिखाया।
डीआईओएस ने किया कॉलेज का निरीक्षण
शासन के निर्देश पर सोमवार को पहले दिन जनपद के सभी इंटर कॉलेज को खोला गया, जिनमें जीआईसी, जीजीआईसी, इस्लामिया इंटर कॉलेज, विद्यावती वैदिक इंटर कॉलेज, कुंवर रुकुम सिंह वैदिक नगला इंटर कॉलेज, सिगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज, शिव देवी विद्या मंदिर का निरीक्षण जिला विद्यालय निरीक्षक राममूरत ने किया। वहां पर व्यवस्थाएं सही पायी गई, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या कम मिली।
विज्ञापन
डीएम, एसएसपी ने लिया विद्यालयों का जायजा
डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी संकल्प शर्मा ने डीपॉल एवं ब्लूमिंगडेल विद्यालय का निरीक्षण कर अध्यापकों व विद्यार्थियों से भी वार्ता की। उन्होंने देखा कि शासन की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं। कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को ही पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि हर सेक्शन को दो हिस्सों में बांटकर पढ़ाई कराई जाए। बच्चों का स्कूल आना अनिवार्य नहीं है। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन का विकल्प भी है। स्कूल आने वाले बच्चों के लिए मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य है। रोस्टर के अनुसार क्लास लगाई जाएं। सैनिटाइजेशन का कार्य नियमित रूप से चलता रहे।
सीटिंग प्लान के हिसाब से बैठाया छात्रों को
शासन के निर्देश पर सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों को सीटिंग प्लान के हिसाब से दूरी पर बैठाया गया। साथ ही उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिन्होंने मास्क पहना हुआ था। प्रधानाचार्य सीपी सिंह ने बताया कि छात्रों की संख्या न के बराबर थी। सुबह की पाली में नौवीं कक्षा के पांच और हाईस्कूल का एक भी छात्र नहीं आया। जबकि दूसरी पाली में 11वीं के पांच और इंटर के भी पांच छात्र ही उपस्थित हुए।
स्क्रीनिंग के बाद ही कॉलेज में दिया प्रवेश
राजाराम महिला इंटर कॉलेज में पहले दिन पहली पाली में केवल 26 छात्राएं उपस्थित हुई, वहीं दूसरी पाली में 29 छात्राएं उपस्थित हुई। इन छात्राओं के कॉलेज में प्रवेश से पूर्व गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग से जांच कराई गई, साथ ही सभी के हाथों को सैनिटाइज किया गया और अभिभावकों की ओर से दिए सहमति पत्र को भी देखा। उसके बाद में पढ़ाई कराई गई।
विज्ञापन
प्रदेश में सात माह बाद सरकार ने सशर्त इंटर कॉलेजों को खोलने की अनुमति दी है। इस पर सोमवार को शासन के निर्देशों के क्रम में स्कूलों को खोला गया। हालांकि शासन की ओर से दी गई गाइड लाइन के मुताबिक स्कूल संचालकों की तरफ से स्कूलों को सैनिटाइज किया गया था। वहीं कॉलेज आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के हाथों को सैनिटाइज किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग की गई और तब ही उन्हें कॉलेज में प्रवेश दिया गया, जिन्होंने अभिभावकों का सहमति पत्र दिखाया।
विज्ञापन
डीआईओएस ने किया कॉलेज का निरीक्षण
शासन के निर्देश पर सोमवार को पहले दिन जनपद के सभी इंटर कॉलेज को खोला गया, जिनमें जीआईसी, जीजीआईसी, इस्लामिया इंटर कॉलेज, विद्यावती वैदिक इंटर कॉलेज, कुंवर रुकुम सिंह वैदिक नगला इंटर कॉलेज, सिगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज, शिव देवी विद्या मंदिर का निरीक्षण जिला विद्यालय निरीक्षक राममूरत ने किया। वहां पर व्यवस्थाएं सही पायी गई, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या कम मिली।
विज्ञापन
डीएम, एसएसपी ने लिया विद्यालयों का जायजा
डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी संकल्प शर्मा ने डीपॉल एवं ब्लूमिंगडेल विद्यालय का निरीक्षण कर अध्यापकों व विद्यार्थियों से भी वार्ता की। उन्होंने देखा कि शासन की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं। कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को ही पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि हर सेक्शन को दो हिस्सों में बांटकर पढ़ाई कराई जाए। बच्चों का स्कूल आना अनिवार्य नहीं है। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन का विकल्प भी है। स्कूल आने वाले बच्चों के लिए मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य है। रोस्टर के अनुसार क्लास लगाई जाएं। सैनिटाइजेशन का कार्य नियमित रूप से चलता रहे।
सीटिंग प्लान के हिसाब से बैठाया छात्रों को
शासन के निर्देश पर सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों को सीटिंग प्लान के हिसाब से दूरी पर बैठाया गया। साथ ही उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिन्होंने मास्क पहना हुआ था। प्रधानाचार्य सीपी सिंह ने बताया कि छात्रों की संख्या न के बराबर थी। सुबह की पाली में नौवीं कक्षा के पांच और हाईस्कूल का एक भी छात्र नहीं आया। जबकि दूसरी पाली में 11वीं के पांच और इंटर के भी पांच छात्र ही उपस्थित हुए।
स्क्रीनिंग के बाद ही कॉलेज में दिया प्रवेश
राजाराम महिला इंटर कॉलेज में पहले दिन पहली पाली में केवल 26 छात्राएं उपस्थित हुई, वहीं दूसरी पाली में 29 छात्राएं उपस्थित हुई। इन छात्राओं के कॉलेज में प्रवेश से पूर्व गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग से जांच कराई गई, साथ ही सभी के हाथों को सैनिटाइज किया गया और अभिभावकों की ओर से दिए सहमति पत्र को भी देखा। उसके बाद में पढ़ाई कराई गई।

राजाराम स्कूल में प्रवेश से पहले छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की गई। संवाद- फोटो : BADAUN

राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों को पढ़ाते शिक्षक और पास में खड़े प्रधानाचार्य सीपी सिंह। संवाद- फोटो : BADAUN