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Budaun News: 25 साल बाद जीआरपी ने भगोड़े बंदी रंजीत सिंह को दबोचा
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बदायूं। 25 साल बाद जीआरपी को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। जीआरपी ने एक ऐसा आरोपी पकड़ा है, जो वर्ष 1999 में ट्रेन से कूदकर भाग गया था। काफी समय तक उसकी तलाश चलती रही थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला था। आरोपी बंदी उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर का रहने वाला है। शनिवार को जीआरपी ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया।
जीआरपी एसओ पिंकी चौहान ने बताया कि वर्ष 1999 में सिपाही हरिओम गोण, प्रकाश सिंह, राजेंद्र सिंह और कुंवरपाल आगरा से एक बंदी को लेकर बरेली आए थे। उस बंदी का नाम उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के थाना किच्छा क्षेत्र के कस्बा हाथी खाना निवासी रंजीत सिंह राणा उर्फ रणजीत सिंह है।
उन्होंने रंजीत सिंह को बरेली न्यायालय में पेश किया था। शाम को वह लालकुआं आगरा फोर्ट ट्रेन में सवार होकर आगरा लौट रहे थे। वह ट्रेन बरेली से चलकर बदायूं पहुंची थी। तभी बंदी रंजीत सिंह ट्रेन से कूदकर भाग गया था। उसको काफी तलाश किया गया लेकिन रंजीत का कुछ पता नहीं चला था। उसकी तलाश में आगरा और बदायूं पुलिस लगी थी।
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इस दौरान जीआरपी थाने के एसआई कुंवरपाल सिंह और हेड कांस्टेबल उपेंद्र सिंह को पता चला कि आरोपी रंजीत सिंह अपने घर पर देखा गया है। इस पर रेलवे के पुलिस कर्मी सक्रिय हो गए। उन्होंने टीम बनाकर किच्छा में दबिश दी और आरोपी रंजीत को दबोच लिया। उसे किच्छा से बदायूं जीआरपी थाने लाया गया। उसने बताया कि वह अब तक छिप छिपकर रह रहा था। इससे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। शनिवार दोपहर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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जीआरपी एसओ पिंकी चौहान ने बताया कि वर्ष 1999 में सिपाही हरिओम गोण, प्रकाश सिंह, राजेंद्र सिंह और कुंवरपाल आगरा से एक बंदी को लेकर बरेली आए थे। उस बंदी का नाम उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के थाना किच्छा क्षेत्र के कस्बा हाथी खाना निवासी रंजीत सिंह राणा उर्फ रणजीत सिंह है।
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उन्होंने रंजीत सिंह को बरेली न्यायालय में पेश किया था। शाम को वह लालकुआं आगरा फोर्ट ट्रेन में सवार होकर आगरा लौट रहे थे। वह ट्रेन बरेली से चलकर बदायूं पहुंची थी। तभी बंदी रंजीत सिंह ट्रेन से कूदकर भाग गया था। उसको काफी तलाश किया गया लेकिन रंजीत का कुछ पता नहीं चला था। उसकी तलाश में आगरा और बदायूं पुलिस लगी थी।
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इस दौरान जीआरपी थाने के एसआई कुंवरपाल सिंह और हेड कांस्टेबल उपेंद्र सिंह को पता चला कि आरोपी रंजीत सिंह अपने घर पर देखा गया है। इस पर रेलवे के पुलिस कर्मी सक्रिय हो गए। उन्होंने टीम बनाकर किच्छा में दबिश दी और आरोपी रंजीत को दबोच लिया। उसे किच्छा से बदायूं जीआरपी थाने लाया गया। उसने बताया कि वह अब तक छिप छिपकर रह रहा था। इससे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। शनिवार दोपहर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।