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दिल्ली का दिल जीतेगी एडीपी कॉलेज की टीचर
उझानी (बदायूं)। प्रताप यादव
Updated Thu, 03 Mar 2016 07:38 PM IST
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आर्ट ऑफ लिविंग की 35वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में होने वाले उत्सव में देश और विदेश के लाखों लोगों के बीच मंजूसिंह का सितार बजेगा। वह नगर पालिका इंटर कॉलेज में संगीत की प्रवक्ता हैं। पिछले कई दिनों से रिहर्सल कर रहीं मंजू बरेली के संगीतज्ञों की 95 सदस्यीय उस टीम में शामिल हैं जो दिल्ली का दिल जीतने की तैयारी कर चुक हैं।
संगीत के क्षेत्र में कई अनूठे कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकीं नगर पालिका अशर्फीदेवी कॉलेज की म्यूजिक की टीचर मंजू सिंह आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की फैन हैं। वैश्विक अभियान के तहत दिल्ली में आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय उत्सव 11 मार्च से शुरू होगा। देश और विदेश के लाखों लोगों को ध्यान के जरिए संगीत से ही शांति का संदेश दिया जाएगा। उत्सव में पार्टीसिपेट करने वाले हजारों कलाकाषरों में शामिल मंजू सिंह ने बरेअली ऱ्कॉलेज बरेली में संगीत की हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऊषा खन्ना की मौजूदगी में रिहर्सल भी तेज कर दिया है। उत्सव में तीनों दिन उन्हें सितार बजाने का मौकाक मिलेगा। लाखों लोगों की मौजूदगी में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलने से खुश मंजू कहती हैं कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते। कोशिश होगी कि उत्सव में उनका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ हो। बता दें कि आर्ट ऑफ लिविंग के उत्सव में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शरीक होंगे।
यूपी म्यूजिक एकेडमी से मिला है गोल्ड मेडल
संगीत के क्षेत्र में खास पहचान कायम कर चुकी मंजू सिंह का पैतृक घर यूं तो उत्तराखंड के रानीखेत में है लेकिन इन दिनों पूरा परिवार बरेली में शिफ्ट है। सितार वादन और गजल गायन में उनके अवार्ड उनके नाम के साथ जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से गोल्ड मेडल मिला। बारस में उस्ताद आशिक अली पुरस्कार और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उन्होंने भूपेंद्र नाथ दीक्षित अवार्ड पाया। इसके अलावा मुरादाबाद के आरोही कला संस्थान में भी मंजू को पुरस्कृत किया गया। वर्ष-2002 तक दो साल के लिए वह दूरदर्शन केंद्र बरेली में अस्थायी रूप से कार्यरत रहीं। रामपुर आकाशवाणी केंद्र से उनकी गजलें प्रसारित हो चुकी हैं। वर्ष-2009 में नोएडा में 12 सौ कलाकारों के बीच सितार वादन किया। नोएडा का वह कार्यक्रम विश्व रिकार्ड बना चुका है।
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संगीत के क्षेत्र में कई अनूठे कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकीं नगर पालिका अशर्फीदेवी कॉलेज की म्यूजिक की टीचर मंजू सिंह आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की फैन हैं। वैश्विक अभियान के तहत दिल्ली में आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिवसीय उत्सव 11 मार्च से शुरू होगा। देश और विदेश के लाखों लोगों को ध्यान के जरिए संगीत से ही शांति का संदेश दिया जाएगा। उत्सव में पार्टीसिपेट करने वाले हजारों कलाकाषरों में शामिल मंजू सिंह ने बरेअली ऱ्कॉलेज बरेली में संगीत की हेड ऑफ डिपार्टमेंट ऊषा खन्ना की मौजूदगी में रिहर्सल भी तेज कर दिया है। उत्सव में तीनों दिन उन्हें सितार बजाने का मौकाक मिलेगा। लाखों लोगों की मौजूदगी में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलने से खुश मंजू कहती हैं कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते। कोशिश होगी कि उत्सव में उनका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ हो। बता दें कि आर्ट ऑफ लिविंग के उत्सव में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शरीक होंगे।
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यूपी म्यूजिक एकेडमी से मिला है गोल्ड मेडल
संगीत के क्षेत्र में खास पहचान कायम कर चुकी मंजू सिंह का पैतृक घर यूं तो उत्तराखंड के रानीखेत में है लेकिन इन दिनों पूरा परिवार बरेली में शिफ्ट है। सितार वादन और गजल गायन में उनके अवार्ड उनके नाम के साथ जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से गोल्ड मेडल मिला। बारस में उस्ताद आशिक अली पुरस्कार और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उन्होंने भूपेंद्र नाथ दीक्षित अवार्ड पाया। इसके अलावा मुरादाबाद के आरोही कला संस्थान में भी मंजू को पुरस्कृत किया गया। वर्ष-2002 तक दो साल के लिए वह दूरदर्शन केंद्र बरेली में अस्थायी रूप से कार्यरत रहीं। रामपुर आकाशवाणी केंद्र से उनकी गजलें प्रसारित हो चुकी हैं। वर्ष-2009 में नोएडा में 12 सौ कलाकारों के बीच सितार वादन किया। नोएडा का वह कार्यक्रम विश्व रिकार्ड बना चुका है।
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