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कॉलेजों में दाखिला की रहेगी मुश्किल

Mon, 01 Jun 2015 08:04 PM IST
badaun
badaun Updated Mon, 01 Jun 2015 08:04 PM IST
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शहर के पसंदीदा कॉलेजों में दाखिले की राह आसान नहीं होगी। हर साल की तरह इस साल भी एक-एक सीट के लिए मारामारी रहेगी। पसंदीदा में शुमार कॉलेजों में सीटों के सापेक्ष पास होने वाले बच्चों की संख्या कई गुना ज्यादा है। चूंकि दाखिले मेरिट पर हुए तो ये भी तय है कि जो हाई मेरिट धारक है, बाजी भी वही मारेगा। बीए, बीएससी, बीकॉम करने में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स को या तो बाहर जाना होगा या फिर निजी कॉलेजों में जेब पर अधिक बोझ डालकर दाखिला लेना होगा। इंजीनियरिंग, मेडिकल की तैयारी करने वाले भी बीएससी में दाखिला लेने के लिए खासा उत्साहित रहते हैं, ताकि कम्पटीशन एग्जाम में नंबर न आने के कारण उनका साल खराब न हो सके।

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जिले में सरकारी, एडेड व निजी कॉलेज मिलाकर करीब डेढ़ दर्जन कॉलेज हैं। वहीं शहर में तीन एडेड, सरकारी कॉलेज हैं। इसमें से भी एनएमएसएन दास कॉलेज छात्र-छात्राओं की पहली पसंद में शुमार है। बाद में राजकीय महाविद्यालय और छात्राओं के लिए गिंदो देवी महिला महाविद्यालय आता है। इसमें ग्रामीण नगरीय से लेकर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी दाखिला पाने को लालायित रहते हैं, लेकिन सीटें कम और हाई मेरिट की वजह से कई स्टूडेंट्स को मायूस होना पड़ता है। स्थिति यह तक होती है कि अगर दाखिला नहीं मिलता, तो कई ग्रामीण अंचल की छात्राएं पढ़ना छोड़ देती हैं तो कई छात्र भी दाखिला न होने पर कहीं और दाखिला नहीं ले पाते हैं। राजकीय कॉलेज में कटऑफ में नाम न आने पर रवि नामक स्टूडेंट कहीं और दाखिला नहीं ले सका। ऐसे और भी उदाहरण हैं। इस बार भी स्थिति अलग होने की उम्मीद कम है। क्योंकि सीटें वहीं हैं और रिजल्ट प्रतिशत 86.47 प्रतिशत यानि यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में ही पास होने वालों की संख्या 19675 है। इतनी अधिक संख्या में पसंदीदा कॉलेजों में प्रवेश मिला संभव ही नहीं बल्कि मुश्किल है।
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तकनीकी और मैनेजमेंट कोर्स के नाम पर कुछ नहीं
बदायूं। इंटरमीडिएट के बाद अगर विद्यार्थी शहर में रहते हुए ही तकनीकी और मैनेजमेंट की शिक्षा ग्रहण करना चाहे तो इन कोर्स के नाम पर भी यहां कुछ नहीं है। शहर के दास कॉलेज में जरूर मैनेजमेंट विषय के रूप में बीबीए का कोर्स जरूर चल रहा है। वहीं निजी कॉलेजों की बात करें तो मैनेजमेंट कोर्सेज की फीस काफी अधिक है। वहीं मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण जरूर चल रहा है। वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए जगह प्रस्तावित है।
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शहर के तीनों कॉलेजों में सीटों की स्थिति
एनएमएसएन दास कॉलेज

कोर्स                    सीटें
बीए                     800
बीएससी (मैथ )           160
बीएससी(बायो)             240
बीकॉम                    60
बीबीए                     60
राजकीय महाविद्यालय
--------------
बीए                     400
बीएससी(मैथ/बायो)         160
बीकॉम                        160
गिंदो देवी महिला महाविद्यालय
-------
बीए            650
----------------

अभी तक सीटें नहीं बढ़ी हैं। पिछले महीने एग्जाम समाप्त हुए हैं। रिजल्ट आ रहे हैं। दाखिले का प्रोसेस अभी शुरू नहीं हुआ है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के आदेश के अनुसार ही दाखिला प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। ऑनलाइन प्रवेश की बात सामने आ रही है। अगर ऐसा नहीं रहा, तो मेरिट के अनुसार ही दाखिले होंगे।
-डॉ. वीके शर्मा, प्राचार्य, एनएमएसएन दास कॉलेज, बदायूं

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