{"_id":"1c2d85e2da51a5dd2c708090d4fa810d","slug":"acrimony-last-two-years-old-added-step-by-step-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल पुरानी कटुता भुला मिलाए कदम से कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल पुरानी कटुता भुला मिलाए कदम से कदम
Ujani
Updated Mon, 06 Apr 2015 07:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो साल पहले हुए उपद्रव के बाद हनुमान जयंती शोभायात्रा निकली तो पिछली बार भी थी, लेकिन इस बार जो देखने को मिला, वह वाकई सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बन गया। संप्रदाय विशेष के लोगों ने आयोजकों के कदमताल कर जता दिया कि कटुता की उनके दिलों में कोई जगह नहीं।
विज्ञापन
रविवार शाम जब हनुमान जयंती शोभायात्रा शुरू होकर देर रात बिल्सी रोड बाजार में पहुंची, तो पालिका सदस्यों में छोटे कुरैशी और इसरार खलीफा के साथ राशिद नेता समेत जमीर अहमद के हाथों में गुलाब की पंखुड़ियां दिखीं। सामने से झांकी गुजरने पर उन्होंने फूल भी बरसाए। हालांकि आशंकाग्रस्त पुलिस अफसरों ने इस इलाके में दुकानों की छतों के ऊपर से निगरानी को फोर्स भी तैनात किया था, लेकिन सौहार्द की मिसाल के आगे इसके मायने नहीं रहे।
विज्ञापन
बता दें कि पिछले साल जब शोभायात्रा निकली थी, तो आयोजकों ने दिन में धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा कर लिया था। फोर्स उस वक्त भी कम नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अफसर रात तक कार्यक्रम ले जाने के पक्षधर नहीं थे। दो साल पहले तो बवाल ही हो गया था। परस्पर सौहार्द से खुश हनुमान जयंती शोभायात्रा आयोजन समिति के मुखिया राजेंद्र प्रसाद बाबा ने बताया कि ऐसा ही होना चाहिए। इधर, सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से निपट जाने से पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। कोतवाल देवराज राठी कहते हैं कि विश्वास कायम रहे तो गलतफहमी भी पैदा नहीं हो सकती।
विज्ञापन