फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   acident

बकरियों को बचाने की कोशिश में ट्रेन की चपेट में आकर महिला की मौत

Fri, 24 Sep 2021 01:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 01:05 AM IST
विज्ञापन
acident
ट्रेन की चपेट में आने से मृत कस्तूरी देवी। (फाइल फोटो) - फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। रेलवे लाइन पर पहुंचीं बकरियों को बचाने की कोशिश में महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दौरान ट्रेन से कटकर तीन बकरियां भी मर गई। हादसे के बाद गार्ड शव को लेकर मानपुर नगरिया स्टेशन पर पहुंचा और उसे जीआरपी के हवाले कर दिया।
विज्ञापन

कछला हाल्ट स्टेशन के पास हादसा बृहस्पतिवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे हुआ। कोतवाली क्षेत्र के गांव जाटवनगला निवासी कस्तूरी देवी (50) पत्नी ओमकार सिंह पूर्वाह्न 11 बजे छह बकरियां चराने के लिए घर से निकलीं थीं। बकरियों को लेकर वह रेलवे लाइन के पास पहुंच गईं और पेड़ की छांव में बैठ गईं। बकरियां रेलवे लाइन के पास चरने लगीं। अचानक ही लालकुआं-कासगंज स्पेशल एक्सप्रेस आ गई। कस्तूरी को लगा कि बकरियां ट्रेन की चपेट में आ जाएंगी, इसलिए वह उन्हें रेलवे लाइन से खदेड़ने के लिए दौड़ पड़ी।
विज्ञापन

उसने दो-तीन बकरियां तो भगा दीं लेकिन तीन बकरियों के साथ वह ट्रेन की चपेट में आकर कट गई। कस्तूरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ने आगे बढ़कर ट्रेन को रोक लिया। गार्ड ने शव ट्रेन में रख लिया और उसे कासगंज जिले के मानपुर नगरिया स्टेशन पर पहुंचाकर जीआरपी के हवाले कर दिया। जानकारी पाकर मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रेलवे लाइन पर कटी पड़ीं तीन बकरियों को हटा दिया। दो बकरियां घायल बताई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उजड़ गईं गरीब परिवार की खुशियां
ट्रेन की चपेट में आने से मृत कस्तूरी देवी का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पति हालांकि मजदूरी करता है लेकिन खुद कस्तूरी पशुपालन के जरिए परिवार के खेवनहार की भूमिका में सहभागी बनी रहीं। परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक दशक पहले सरकारी योजना की रकम से उसका पक्का मकान बन पाया था।
मृतका कस्तूरी देवी की सात संतान हैं। दो बेटे और पांच बेटियों में दो पुत्रियों का शादी भी हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक- कस्तूरी का पति ओमकार मजदूरी करता है। उसे परिवार के भरण-पोषण में पत्नी का भी पूरा सहयोग मिलता रहा। कस्तूरी हालांकि अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उसने पशुपालन में अहम भूमिका निभाई। एक भैंस भी है। अपनी आधा दर्जन बकरियों को चराने के लिए वह रोज ही घर से निकलती और शाम को लौटकर घर पहुंचती। इसके बाद घरेलू काम निपटना उसकी दिनचर्या में शामिल रहा।

हादसे में पत्नी की मौत के बाद ओमकार ने पुलिस कर्मियों को बताया कि उसके परिवार की खुशियां उजड़ गईं हैं। कस्तूरी बकरियों को दूध भी बेच दिया करती थी। जो कुछ बचता, उससे बच्चों के लिए चाय का इंतजाम कर दिया करती थी। ओमकार के पास सिर्फ दो ढाई बीघा कृषि योग्य भूमि है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed