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झोंपड़ीनुमा घरों में लगी आग, लाखों की क्षति
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आग लगने के बाद धुआं उठते राख के ढेर में सामान तलाशते परिजन। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। खजुरारा निवासी राजकुमार और उसके बेटे दिनेश के झोंपड़ीनुमा घरों में घूरे के ढेर से उठी चिंगारी के कारण आग लग गई। ये लोग निजी संसाधनों से आग पर काबू पाते काफी सामान राख हो गया।
राजकुमार और उसका बेटा दिनेश अलग-अलग रहते हैं। दोनों के झोंपड़ीनुमा घर एक-दूसरे के बराबर हैं। दिनेश दिल्ली में काम करता है। तीन दिन पहले ही वह घर पर आया। राजकुमार ने बताया कि उसकी झोंपड़ी के पास ही घूरे का ढेर लगा है। घूरे के ढेर से चिंगारी कैसे उठी, यह तो किसी को नहीं पता लेकिन दोनों झोंपड़ियां चपेट में आ गईं। झोंपड़ियों में घरेलू सामान के अलावा 10 क्विंटल गेहूं, पांच क्विंटल सरसों के अलावा तीन धान के कट्टे रखे थे। यही नहीं दिनेश ने बक्से में 50 हजार रुपये रख दिए थे, वह भी आग की भेंट चढ़ गए।
आग की लपटें उठतीं देख राजकुमार समेत पड़ोसियों ने बुझाने के लिए काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। दोनों लोगों ने करीब एक लाख रुपये का नुकसान बताते हुए राजस्व कर्मियों को भी अवगत कराया है। दोनों के बच्चों को खाने के लिए अनाज का दाना भी नहीं बचा है। राजस्व कर्मी ने सूचना के बाद मौका मुआयना भी किया।
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राजकुमार और उसका बेटा दिनेश अलग-अलग रहते हैं। दोनों के झोंपड़ीनुमा घर एक-दूसरे के बराबर हैं। दिनेश दिल्ली में काम करता है। तीन दिन पहले ही वह घर पर आया। राजकुमार ने बताया कि उसकी झोंपड़ी के पास ही घूरे का ढेर लगा है। घूरे के ढेर से चिंगारी कैसे उठी, यह तो किसी को नहीं पता लेकिन दोनों झोंपड़ियां चपेट में आ गईं। झोंपड़ियों में घरेलू सामान के अलावा 10 क्विंटल गेहूं, पांच क्विंटल सरसों के अलावा तीन धान के कट्टे रखे थे। यही नहीं दिनेश ने बक्से में 50 हजार रुपये रख दिए थे, वह भी आग की भेंट चढ़ गए।
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आग की लपटें उठतीं देख राजकुमार समेत पड़ोसियों ने बुझाने के लिए काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। दोनों लोगों ने करीब एक लाख रुपये का नुकसान बताते हुए राजस्व कर्मियों को भी अवगत कराया है। दोनों के बच्चों को खाने के लिए अनाज का दाना भी नहीं बचा है। राजस्व कर्मी ने सूचना के बाद मौका मुआयना भी किया।
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