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मिट्टी की ढांग ढहने से तीन लड़कियां दबीं, एक की मौत
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बिल्सी (बदायूं)। बुधवार को थाना क्षेत्र के ग्राम बांस बरौलिया में मिट्टी खोदने के दौरान अचानक ढांग ढहने से तीन लड़कियां दब गईं, जिसमें एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि बालिका समेत दो घायल हो गईं। उनमें से एक जिला अस्पताल रेफर की गई है, जबकि तीसरी की हालत सही बताई जा रही है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम बिल्सी ने परिवार वालों को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम बांस बरौलिया निवासी मोमिना (15) पुत्री अंसार अली, रोशनी (9) पुत्री निसार अली और सायरा (18) पुत्री नौशे अली बुधवार को गांव के बाहर एक गड्ढे में पीली मिट्टी निकालने गईं थी। तीनों लड़कियां खुरपी से मिट्टी खोद रहीं थीं। उसी समय अचानक उनके ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई, जिसमें तीनों लड़कियां दब गईं। उस समय पड़ोस के खेत में कुछ किसान काम कर रहे थे। उन्होंने जैसे ही ढांग गिरते देखी वे शोर मचाते हुए गड्ढे की ओर भाग खड़े हुए। उनका शोर शराबा सुनकर अन्य किसान भी मौके पर आ गए। फिर उन्होंने मिट्टी हटानी शुरू कर दी। रोशनी और सायरा को तुरंत निकाल लिया गया, जो मिट्टी में दबकर घायल हो चुकीं थीं, जबकि मोमिना को निकालने में समय लग गया। जब तक लोग उसे निकाल पाते, तब तक उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही मोमिना के परिवार वाले रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। रोशनी को जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि सायरा को उसके परिजन घर ले गए। देर शाम तक मोमिना के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका। इधर, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसडीएम लाल बहादुर सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने किशोरी के परिवार वालों को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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थाना क्षेत्र के ग्राम बांस बरौलिया निवासी मोमिना (15) पुत्री अंसार अली, रोशनी (9) पुत्री निसार अली और सायरा (18) पुत्री नौशे अली बुधवार को गांव के बाहर एक गड्ढे में पीली मिट्टी निकालने गईं थी। तीनों लड़कियां खुरपी से मिट्टी खोद रहीं थीं। उसी समय अचानक उनके ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई, जिसमें तीनों लड़कियां दब गईं। उस समय पड़ोस के खेत में कुछ किसान काम कर रहे थे। उन्होंने जैसे ही ढांग गिरते देखी वे शोर मचाते हुए गड्ढे की ओर भाग खड़े हुए। उनका शोर शराबा सुनकर अन्य किसान भी मौके पर आ गए। फिर उन्होंने मिट्टी हटानी शुरू कर दी। रोशनी और सायरा को तुरंत निकाल लिया गया, जो मिट्टी में दबकर घायल हो चुकीं थीं, जबकि मोमिना को निकालने में समय लग गया। जब तक लोग उसे निकाल पाते, तब तक उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही मोमिना के परिवार वाले रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। रोशनी को जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि सायरा को उसके परिजन घर ले गए। देर शाम तक मोमिना के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका। इधर, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसडीएम लाल बहादुर सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने किशोरी के परिवार वालों को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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