फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   A platform was built on the farm, where farmers were spending the night of Poos

Budaun News: खेत पर बना मचान, पूस की रात काट रहे किसान

Thu, 09 Jan 2025 11:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
A platform was built on the farm, where farmers were spending the night of Poos
मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
बदायूं/ उझानी। पूस की ठंड में 6-7 डिग्री सेल्सियस तापमान में किसान रात में खेत पर मचान पर बैठकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। कड़ाके की इस ठंड में उन्हें सबसे ज्यादा चिंता है तो फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने की। रात-रात भर जागकर मचान पर बैठकर किसान इन छुट्टा पशुओं पर नजर रख रहे हैं।
विज्ञापन

गंगा और रामगंगा की कटरी से जुड़े इलाकों में सबसे ज्यादा छुट्टा पशु हैं। बिसौली, बिल्सी, सहसवान, वजीरगंज और बिनावर क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। छुट्टा पशुओं में गोवंश के अलावा नीलगाय और जंगली सूअर भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। जंगली सूअरों की सर्वाधिक आवाजाही कटरी के गांवों के आसपास बताई जा रही है।
विज्ञापन

रेहड़िया गांव के मनील गुप्ता ने बताया कि दिन ढलते ही किसानाें को खेत की चिंता सताने लगती है। वह टार्च लेकर खेत में पहुंच जाते हैं। खुरर्मपुर भमोरी के शिवम मिश्रा ने बताया कि मचान पर उनके साथ दो लोग और बैठते हैं। टार्च से रात में छुट्टा पशुओं को देखते रहते हैं। मचान से पूरा खेत साफ दिख जाता है। बारी-बारी से दो-दो घंटे मचान पर ही तीनों लोग कच्ची नींद सो लेते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अगर रात में फसल की रखवाली न करें तो छुट्टा पशुओं से फसल बचाना मुश्किल हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह हजार रुपये प्रति बीघा आती है आलू की लागत
किसानों के मुताबिक, गेहूं की फसल पर प्रति बीघा करीब दो हजार रुपये लागत आ जाती है। सरसों की लागत भले ही गेहूं के मुकाबले कम है, लेकिन आलू की फसल काफी महंगी साबित होती है। प्रति बीघा करीब पांच-छह रुपये तक खर्च हो जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा भी इन दिनों आलू की फसल को है। छुट्टा जानवर के अलावा सूअर आदि खेत से आलू खोदकर खा जा रहे हैं।

चार हजार से अधिक छुट्टा पशु हैं सड़कों पर
जिले में अधिकतर ग्राम सभाओं और कस्बे के गोआश्रय स्थल हैं। कस्बों में तो नगर पालिका परिषद या फिर नगर पंचायत के कर्मचारी थोड़ी-बहुत कोशिश कर गोवंशीय पशुओं में खासकर गाय-बछड़ों को पकड़कर गोआश्रय स्थलों में पहुंचा देते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों की ओर अफसरों की नजर नहीं जाती। जिले में करीब चार हजार छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जो सबसे ज्यादा किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं।

किसान बोले- छुट्टा पशुओं ने उड़ा रखी है उनकी नींद

पिछले चार-पांच दिन से छुट्टा पशुओं ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। दिन ढलते ही पशुओं का झुंड फसल के आसपास नजर आने लगता है। दो दिन पहले पशु घुस आए थे और आलू की फसल बर्बाद कर गए। - राम अवतार मौर्य, किसान


फसलों को छुट्टा पशुओं से हो रहे नुकसान को लेकर अफसर भी गौर नहीं कर रहे। शाम ढलते ही छुट्टा पशु खेतों में घुस जाते हैं। अगर रात में खेत में न जाओ तो सुबह तक पूरी फसल ये छुट्टा पशु चर चुके होंगे। - हरकिशन पाल, किसान



छुट्टा गोवंशों से परेशान जिजाहट के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मुजरिया। मुजरिया के जिजाहट गांव के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को छुट्टा गोवंशों से परेशान होकर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से गोवंशों को संरक्षित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में गेहूं और आलू की फसल खड़ी है। किसान कड़ाके की ठंड में रात-रात भर खेत पर जागकर फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं। जिले के अधिकारी कुछ भी कहें, लेकिन छुट्टा गोवंशों को संरक्षित करने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही, जिससे गोवंश खेतों में घुसकर खड़ी फसल को तबाह कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों जिला पंचायत ने गोवंशों को पकड़वाकर मुजरिया की गोशाला में संरक्षित किया था, लेकिन वहां गोवंशों की दयनीय हालत हो गई। आरोप है कि गोवंशों को गोशाला में संरक्षित नहीं किया जा रहा। परिणाम स्वरूप गोवंश किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। प्रदर्शन करने वालों में रणवीर सिंह, राजवीर, अशोक, पप्पू, भुवनेश, राकेश कुमार, मनोज, मुकेश, हरवीर आदि ग्रामीण शामिल रहे। संवाद


गोशाला में एक गोवंश का शव पड़े होने का दावा

मुजरिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया जिजाहट की गोशाला में एक गोवंश की बीमारी के चलते मौत हो गई है। उसका शव कई दिन से पड़ा हुआ है। इसको लेकर जिला पंचायत प्रशासन से भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

मुजरिया के गांव जिजाहट की गोशाला पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed