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देश में ब्राह्मणों के योगदान की एक बड़ी शृंखला : माधव मिश्रा
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इस्लाम नगर में ब्राह्मण सम्मेलन में स्वागत समारोह के दौरान अतिथि गण। संवाद
- फोटो : मरीजों की जांच करते चिकित्सक।
इस्लामनगर। कस्बा के एक रिसोर्ट में आयोजित अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (भारत) के सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष माधव मिश्रा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि देश में ब्राह्मणों के योगदान की एक बड़ी शृंखला है। हर ब्राह्मण को इस पर गर्व होना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने हरिओम पाराशरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की। सम्मेलन की अध्यक्षता एमएम वशिष्ठ ने की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष माधव मिश्रा ने कहा कि इतिहास में ब्राह्मणों बड़ा योगदान रहा है। इसमें महर्षि दधीचि, भगवान परशुराम, चाणक्य आदि इसके बड़े उदाहरण हैं। सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए वेद, पुराण, उपनिषद, महाभारत व रामायण में उनके उल्लेख सर्वविदित हैं। ब्राह्मणों ने ही सर्वे भवंतु सुखिना का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने ही आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के लिए 33 वर्षों तक संघर्ष किया।
हरिओम पाराशरी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उपस्थित लोगों ने उनका फूलमाला पहनाकर व तालियां बजाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वह ब्राह्मणों के सुख-दुख में पहले भी तैयार थे और आगे भी रहेंगे। अध्यक्षता कर रहे एचएस इंस्टीट्यूट के चेयरमैन एमएम वशिष्ठ ने उपस्थित लोगों से व्यापार व शिक्षा में आगे बढ़ने की अपील की। संचालन डीसीबी डायरेक्टर हितेंद्र शंखधार ने किया। इस दौरान राम कुमार उपाध्याय, केके उपाध्याय, भुवनेश शर्मा, रामवीर शर्मा, निगेश्वर मिश्रा, श्रीनिवास दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष माधव मिश्रा ने कहा कि इतिहास में ब्राह्मणों बड़ा योगदान रहा है। इसमें महर्षि दधीचि, भगवान परशुराम, चाणक्य आदि इसके बड़े उदाहरण हैं। सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए वेद, पुराण, उपनिषद, महाभारत व रामायण में उनके उल्लेख सर्वविदित हैं। ब्राह्मणों ने ही सर्वे भवंतु सुखिना का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने ही आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के लिए 33 वर्षों तक संघर्ष किया।
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हरिओम पाराशरी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उपस्थित लोगों ने उनका फूलमाला पहनाकर व तालियां बजाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वह ब्राह्मणों के सुख-दुख में पहले भी तैयार थे और आगे भी रहेंगे। अध्यक्षता कर रहे एचएस इंस्टीट्यूट के चेयरमैन एमएम वशिष्ठ ने उपस्थित लोगों से व्यापार व शिक्षा में आगे बढ़ने की अपील की। संचालन डीसीबी डायरेक्टर हितेंद्र शंखधार ने किया। इस दौरान राम कुमार उपाध्याय, केके उपाध्याय, भुवनेश शर्मा, रामवीर शर्मा, निगेश्वर मिश्रा, श्रीनिवास दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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