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सावन का पहला सोमवार आज, लगेंगे बम-बम भोले के जयकारे
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:37 PM IST
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सावन का पहला सोमवार आज, लगेंगे बम-बम भोले के जयकारे
शिवभक्तों को न हो परेशानी किए मंदिरों हुई विशेष प्रबंध
कांवड़ियों के मंदिर आने और जाने के लिए बनाए अलग मार्ग अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सावन के पहले सोमवार को पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए मंदिरों को खास तरीके से सजाया गया है। साथ ही कांवड़ियों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। क्योंकि सोमवार को सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहेगी। ऐसे में किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से मंदिर आने जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कराई गई है।
शहर के अलापुर पर मंडी समिति के पास सहस्त्रधाम गौरी शंकर देवालय है। इस मंदिर में जो रसलिंग (शिवलिंग) स्थापित है, वैसा देश में दूसरा नहीं है। हरिद्वार में एक रसलिंग है भी, तो उसकी गिनती दूसरे नंबर पर होती है। ऐसा रसलिंग काठमांडू (नेपाल) में है। स्वर्ण (सोना) और पारे से निर्मित शिवलिंग ही रसलिंग महाशिवलिंग मानी जाती है। इसलिए यहां पर शिवभक्तों की हमेशा भीड़ रहती है। वहीं सावन में इसका महत्व और बढ़ जाता है। सावन में भक्तों की भीड़ की संभावना को जताते हुए यहां पर मंदिर जाने और आने वाले के लिए अलग से बैरिकेडिंग की जाती है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से सावन भर यहां पर पुलिस की व्यापक व्यवस्था रहती है। शहर में स्थिति प्रसिद्ध बिरुआवाड़ी मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ रहती है। शिव भक्तों को परेशानी न हो इसके लिए वहां पर भी व्यापक व्यवस्था की है। इसके अलावा हरप्रसाद मंदिर, बालाजी मंदिर, पटियाली सराय में सावन के पहले सोमवार की पूजा अर्चना की तैयारी की गई है।
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दिन भर लगेंगे जयकारे
शहर में स्थित सभी शिव मंदिरों में सोमवार को सुबह पांच बजे से कपाट खोल दिए जाएंगे। क्योंकि भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से भी पूरी तैयारी की जा चुकी है।
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कावड़ियों के लिए विशेष प्रबंध
मंदिर में कावड़ियों के ठहरने का विशेष प्रबंध किया गया है। क्योंकि काफी संख्या में कांवड़िये कछला से चल लेकर देर रात में मंदिर पहुचेंगे। ऐसे में परिसर में उनके रुकने की व्यवस्था की गई है।
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सावन का पहला सोमवार आज, लगेंगे बम-बम भोले के जयकारे
शिवभक्तों को न हो परेशानी किए मंदिरों हुई विशेष प्रबंध
कांवड़ियों के मंदिर आने और जाने के लिए बनाए अलग मार्ग अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सावन के पहले सोमवार को पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए मंदिरों को खास तरीके से सजाया गया है। साथ ही कांवड़ियों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। क्योंकि सोमवार को सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहेगी। ऐसे में किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से मंदिर आने जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कराई गई है।
शहर के अलापुर पर मंडी समिति के पास सहस्त्रधाम गौरी शंकर देवालय है। इस मंदिर में जो रसलिंग (शिवलिंग) स्थापित है, वैसा देश में दूसरा नहीं है। हरिद्वार में एक रसलिंग है भी, तो उसकी गिनती दूसरे नंबर पर होती है। ऐसा रसलिंग काठमांडू (नेपाल) में है। स्वर्ण (सोना) और पारे से निर्मित शिवलिंग ही रसलिंग महाशिवलिंग मानी जाती है। इसलिए यहां पर शिवभक्तों की हमेशा भीड़ रहती है। वहीं सावन में इसका महत्व और बढ़ जाता है। सावन में भक्तों की भीड़ की संभावना को जताते हुए यहां पर मंदिर जाने और आने वाले के लिए अलग से बैरिकेडिंग की जाती है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से सावन भर यहां पर पुलिस की व्यापक व्यवस्था रहती है। शहर में स्थिति प्रसिद्ध बिरुआवाड़ी मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ रहती है। शिव भक्तों को परेशानी न हो इसके लिए वहां पर भी व्यापक व्यवस्था की है। इसके अलावा हरप्रसाद मंदिर, बालाजी मंदिर, पटियाली सराय में सावन के पहले सोमवार की पूजा अर्चना की तैयारी की गई है।
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दिन भर लगेंगे जयकारे
शहर में स्थित सभी शिव मंदिरों में सोमवार को सुबह पांच बजे से कपाट खोल दिए जाएंगे। क्योंकि भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से भी पूरी तैयारी की जा चुकी है।
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कावड़ियों के लिए विशेष प्रबंध
मंदिर में कावड़ियों के ठहरने का विशेष प्रबंध किया गया है। क्योंकि काफी संख्या में कांवड़िये कछला से चल लेकर देर रात में मंदिर पहुचेंगे। ऐसे में परिसर में उनके रुकने की व्यवस्था की गई है।