{"_id":"59524be24f1c1b5c338b4704","slug":"91498565602-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआरटीओ ने फर्जी रोडवेज बस पकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एआरटीओ ने फर्जी रोडवेज बस पकड़ी
Updated Tue, 27 Jun 2017 05:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस की तरह शक्ल देकर निजी बस को सड़क पर उतार दिया गया। सवारियों को गुमराह करने के लिए धंधेबाज ने निजी बस के शीशे पर उत्तर प्रदेश परिवर्तन लिखवा दिया, ताकि सवारियां यह समझ कर बस में बैठ जाएं कि ये बस उत्तर प्रदेश परिवहन की है। जानकारी मिलने पर एआरटीओ अमिताभ राय ने बस को कब्जे में लेकर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
फर्जीवाड़े का मामला सोमवार को पकड़ में आया। एआरटीओ अमिताभ राय को बरेली-मथुरा हाईवे पर कोतवाली क्षेत्र में एक निजी बस मिली। बस में कई सवारियां थी। सवारियों में ज्यादातर ने एआरटीओ को यही बताया कि बस देख उन्हें लगा कि रोडवेज की है, इसलिए बैठ गए। परिचालक ने सवारियों को सीट पर टिकट मुहैया कराया लेकिन टिकट रोडवेज का नहीं बल्कि निजी बस का था। बस मालिक समेत चालक के खिलाफ अब तक फर्जीवाड़े का मामला दर्ज नहीं कराया गया है लेकिन एआरटीओ ने बस सीज कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दी है। इधर, पुलिस का कहना है कि बस किस केस में पकड़ी गई है, यह तो नहीं पता लेकिन पूरे मामले की जांच खुद एआरटीओ ही कर रहे हैं।
----------------------
पांच साल पहले हुई थी फर्जीवाड़े की शुरुआत
उझानी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को राजस्व का चूना लगाने की शुरुआत करीब पांच साल पहले हुई थी। बदायूं की चार-पांच मिनी बसें रूट पर बेरोकटोक दौड़ती थी। पिछले साल इसकी शिकायत भी अफसरों तक पहुंचीं थी लेकिन बसों को पकड़ा नहीं गया।
विज्ञापन
--
वर्जन
फर्जी बस को सीज कर दिया गया है। जांच भी की जा रही है। जो भी मामला सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रूट पर अवैध बसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- अमिताभ राय, एआरटीओ
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस की तरह शक्ल देकर निजी बस को सड़क पर उतार दिया गया। सवारियों को गुमराह करने के लिए धंधेबाज ने निजी बस के शीशे पर उत्तर प्रदेश परिवर्तन लिखवा दिया, ताकि सवारियां यह समझ कर बस में बैठ जाएं कि ये बस उत्तर प्रदेश परिवहन की है। जानकारी मिलने पर एआरटीओ अमिताभ राय ने बस को कब्जे में लेकर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
फर्जीवाड़े का मामला सोमवार को पकड़ में आया। एआरटीओ अमिताभ राय को बरेली-मथुरा हाईवे पर कोतवाली क्षेत्र में एक निजी बस मिली। बस में कई सवारियां थी। सवारियों में ज्यादातर ने एआरटीओ को यही बताया कि बस देख उन्हें लगा कि रोडवेज की है, इसलिए बैठ गए। परिचालक ने सवारियों को सीट पर टिकट मुहैया कराया लेकिन टिकट रोडवेज का नहीं बल्कि निजी बस का था। बस मालिक समेत चालक के खिलाफ अब तक फर्जीवाड़े का मामला दर्ज नहीं कराया गया है लेकिन एआरटीओ ने बस सीज कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दी है। इधर, पुलिस का कहना है कि बस किस केस में पकड़ी गई है, यह तो नहीं पता लेकिन पूरे मामले की जांच खुद एआरटीओ ही कर रहे हैं।
विज्ञापन
----------------------
पांच साल पहले हुई थी फर्जीवाड़े की शुरुआत
उझानी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को राजस्व का चूना लगाने की शुरुआत करीब पांच साल पहले हुई थी। बदायूं की चार-पांच मिनी बसें रूट पर बेरोकटोक दौड़ती थी। पिछले साल इसकी शिकायत भी अफसरों तक पहुंचीं थी लेकिन बसों को पकड़ा नहीं गया।
विज्ञापन
--
वर्जन
फर्जी बस को सीज कर दिया गया है। जांच भी की जा रही है। जो भी मामला सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रूट पर अवैध बसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
- अमिताभ राय, एआरटीओ