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रेलवे क्रासिंग बंद करने के निर्णय का विरोध, रेलवे ट्रैक किया जाम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:41 PM IST
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- फोटो : डेमो
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ततारपुर और मुसिया नगला के पास स्थित मानव रहित रेलवे क्रासिंग बंद करने पर गुस्साए लोगों ने गुरुवार को रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इससे ऊना हिमाचल एक्सप्रेस और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन करीब 15-15 मिनट रोकी गईं। मौके पर पहुंचे अफसरों ने काफी देर ग्रामीणों को समझाने के बाद ट्रैक खाली कराया। इसके बाद दोनों ट्रेनों को रवाना किया गया।
कोतवाली बिसौली क्षेत्र के ग्राम ततारपुर से मुंसिया नगला जाने वाले रास्ते पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग नंबर 21 है। इसके आसपास स्थित गांव में गुरुवार सुबह चर्चा हुई कि रेलवे 21 नंबर रेलवे क्रासिंग बंद करने जा रहा है। यह चर्चा आसपास के कई गांव में आग की तरह फैल गई। इसके विरोध में सैकड़ों लोग मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गए। सभी लोग रेलवे लाइन पर आकर बैठ गए और रेलवे क्रासिंग बंद होने का विरोध करने लगे। यह सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज सुनील कुमार और अजीत सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी भावनाओं और समस्याओं के विपरीत निर्णय लिया है। रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर उनके खेत हैं। ऐसे में उनके खेतों पर जाना बंद हो जाएगा। उनकी खेती ठप हो जाएगी। उन्हें कई किलोमीटर दूर घूम कर खेतों पर जाना पड़ेगा। उनके परिवार रोजी-रोटी के लिए मोहताज हो जाएंगे। इस सूचना पर कोतवाल ओपी गौतम और एसडीएम बिसौली मोहम्मद अवेश मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाया। उसी दौरान ऊना हिमाचल एक्सप्रेस और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेनें भी आ गईं। रेलवे ट्रैक बंद होने की वजह से करीब पंद्रह मिनट तक दोनों ट्रेनें रेलवे लाइन पर खड़ी रहीं। तब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाते रहे। बमुश्किल ग्रामीण माने कि इसके लिए कोई न कोई समाधान किया जाएगा। तब कहीं दोनों ट्रेेनों को रवाना किया गया। उसके बाद ग्रामीण अपने-अपने घर चले गए।
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कोतवाली बिसौली क्षेत्र के ग्राम ततारपुर से मुंसिया नगला जाने वाले रास्ते पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग नंबर 21 है। इसके आसपास स्थित गांव में गुरुवार सुबह चर्चा हुई कि रेलवे 21 नंबर रेलवे क्रासिंग बंद करने जा रहा है। यह चर्चा आसपास के कई गांव में आग की तरह फैल गई। इसके विरोध में सैकड़ों लोग मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गए। सभी लोग रेलवे लाइन पर आकर बैठ गए और रेलवे क्रासिंग बंद होने का विरोध करने लगे। यह सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज सुनील कुमार और अजीत सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी भावनाओं और समस्याओं के विपरीत निर्णय लिया है। रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर उनके खेत हैं। ऐसे में उनके खेतों पर जाना बंद हो जाएगा। उनकी खेती ठप हो जाएगी। उन्हें कई किलोमीटर दूर घूम कर खेतों पर जाना पड़ेगा। उनके परिवार रोजी-रोटी के लिए मोहताज हो जाएंगे। इस सूचना पर कोतवाल ओपी गौतम और एसडीएम बिसौली मोहम्मद अवेश मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाया। उसी दौरान ऊना हिमाचल एक्सप्रेस और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेनें भी आ गईं। रेलवे ट्रैक बंद होने की वजह से करीब पंद्रह मिनट तक दोनों ट्रेनें रेलवे लाइन पर खड़ी रहीं। तब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाते रहे। बमुश्किल ग्रामीण माने कि इसके लिए कोई न कोई समाधान किया जाएगा। तब कहीं दोनों ट्रेेनों को रवाना किया गया। उसके बाद ग्रामीण अपने-अपने घर चले गए।
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