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मासूम की मौत के बाद परिवार ने काटा हंगामा
Updated Wed, 08 Nov 2017 10:42 PM IST
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जांच के लिए पहुंचे डाक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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दबतोरी। बिसौली सीएचसी क्षेत्र के पपगांव में तीन माह के बच्चे की मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग की टीम पर गलत टीका लगाने का आरोप लगा रहे थे। सूचना पर डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जांच के बाद बच्चे की मौत का कारण वैक्सीन से होने से इंकार किया। इस पर परिवार वाले शांत हो गए और उन्होंने बच्चे को दफना दिया।
मंगलवार को पपगांव में बच्चों का टीकाकरण किया गया। गांव में तैनात नर्स ने आंगनबाड़ी वर्कर और आशा की मौजूदगी में वैक्सीन लगाई। महेश के तीन माह के बच्चे अजय को भी वैक्सीन लगी। मध्यरात्रि के बाद अजय की अचानक मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वाले और ग्रामीण हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीपी श्रीवास्तव और बिसौली सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा के नेतृत्व में टीम सुबह 11 बजे जांच करने पहुंची। दबतोरी चौकी प्रभारी यशपाल आर्या भी पहुंचे। डॉक्टरों ने मृत बच्चे का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत वैक्सीन से नहीं हुई है। अगर ऐसा होता तो उसी वायल से बाकी बच्चों को लगाए गए टीके से भी दिक्कत होती, जिन्हें वैक्सीन लगाई गई है। डॉक्टरों ने मौत की वजह पता करने के लिए बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। इस पर मां ललिता और परिवार के अन्य लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। डॉक्टरों के समझाने के बाद परिवार वाले शव श्मशान भूमि ले गए और उसे दफना दिया। पिता महेश और मां ललिता का कहना है कि उनका बच्चा बिल्कुल ठीक था। उसे कोई तकलीफ नहीं थी।
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हम वैक्सीन की डेट चेक कर चुके हैं जो सही है। बच्चे की मौत का कोई दूसरा कारण रहा होगा। परिवार अगर पोस्टमार्टम कराता तो वजह पता लगती पर उन्होंने इंकार कर दिया।
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- डॉ. पंकज शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी बिसौली सीएचसी
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बच्चे की मौत का टीकाकरण से कोई मतलब नहीं है। उसे जिस वायल की वैक्सीन टीका लगाया गया, उसी लॉट की वैक्सीन से जिले भर के बच्चों को टीके लगाए गए, लेकिन कहीं किसी दूसरे बच्चे को नुकसान नहीं हुआ। बच्चे की मौत का टीका लगाने से कोई संबंध नहीं है। परिवार वालों का कहना है कि मंगलवार रात बच्चा खाना खाने के बाद सामान्य तरीके से सोया था। टीका दिन में दो बजे लगा था। बच्चे की मौत रात में 12 बजे के बाद हुई।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
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मंगलवार को पपगांव में बच्चों का टीकाकरण किया गया। गांव में तैनात नर्स ने आंगनबाड़ी वर्कर और आशा की मौजूदगी में वैक्सीन लगाई। महेश के तीन माह के बच्चे अजय को भी वैक्सीन लगी। मध्यरात्रि के बाद अजय की अचानक मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वाले और ग्रामीण हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीपी श्रीवास्तव और बिसौली सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा के नेतृत्व में टीम सुबह 11 बजे जांच करने पहुंची। दबतोरी चौकी प्रभारी यशपाल आर्या भी पहुंचे। डॉक्टरों ने मृत बच्चे का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत वैक्सीन से नहीं हुई है। अगर ऐसा होता तो उसी वायल से बाकी बच्चों को लगाए गए टीके से भी दिक्कत होती, जिन्हें वैक्सीन लगाई गई है। डॉक्टरों ने मौत की वजह पता करने के लिए बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। इस पर मां ललिता और परिवार के अन्य लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। डॉक्टरों के समझाने के बाद परिवार वाले शव श्मशान भूमि ले गए और उसे दफना दिया। पिता महेश और मां ललिता का कहना है कि उनका बच्चा बिल्कुल ठीक था। उसे कोई तकलीफ नहीं थी।
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हम वैक्सीन की डेट चेक कर चुके हैं जो सही है। बच्चे की मौत का कोई दूसरा कारण रहा होगा। परिवार अगर पोस्टमार्टम कराता तो वजह पता लगती पर उन्होंने इंकार कर दिया।
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- डॉ. पंकज शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी बिसौली सीएचसी
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बच्चे की मौत का टीकाकरण से कोई मतलब नहीं है। उसे जिस वायल की वैक्सीन टीका लगाया गया, उसी लॉट की वैक्सीन से जिले भर के बच्चों को टीके लगाए गए, लेकिन कहीं किसी दूसरे बच्चे को नुकसान नहीं हुआ। बच्चे की मौत का टीका लगाने से कोई संबंध नहीं है। परिवार वालों का कहना है कि मंगलवार रात बच्चा खाना खाने के बाद सामान्य तरीके से सोया था। टीका दिन में दो बजे लगा था। बच्चे की मौत रात में 12 बजे के बाद हुई।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ