फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   अमरोहा की ढोलक की तान सबसे उम्दा

अमरोहा की ढोलक की तान सबसे उम्दा

Sun, 05 Nov 2017 11:33 PM IST
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:33 PM IST
विज्ञापन
अमरोहा की ढोलक की तान सबसे उम्दा
ढोलकों की ‌बिक्री। - फोटो : अमर उजाला
अमरोहा की ढोलक
विज्ञापन

की तान सबसे उम्दा
मेला ककोड़ा। मेले में इस बार ढोलक का बाजार खूब गरमाया। मेरठ और अमरोहा से ढोलक के व्यापारी यहां आए। इनमें भी अमरोहा की ढोलक की मांग सबसे ज्यादा थी। लोगों ने इन्हें हाथों हाथ लिया।
मेले में इस बार ढोलक की कई दुकानें सजीं। अधिकतर व्यापारी मेरठ और अमरोहा से ढोलक लेकर आए थे। ढोलक व्यापारी साहिल ने बताया कि मार्केट में सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक की ढोलक उपलब्ध है। यह अलग बात है कि अब तक पांच हजार रुपये वाली ढोलक नहीं बिकी है। अधिकतम डेढ़ हजार तक की ढोलक ही बिक सकी हैं। इनमें भी अमरोहा से आई ढोलक ज्यादा बिकी हैं। अमरोहा के ढोलक व्यापारी मुस्लीन ने बताया कि अमरोहा की ढोलक खास तरीके से बनाई जाती है। थाप जोरदार हो तो इसकी तान ज्यादा दूर तक गूंजती है। मेरठ से आई ढोलक भी डिमांड में हैं। मेले में ढोलक खरीदने आईं पालपुर की सरिता ने बताया कि उनके परिवार में जल्द ही एक शादी समारोह है। इसके लिए खासतौर से अच्छी ढोलक खरीदी है।
विज्ञापन

------------------
तिलहर की लाठियां बड़ी जोरदार
मेला ककोड़ा। मेले में लाठी बाजार जीएसटी मुक्त और सबसे ज्यादा रौनक भरा रहा। यहां दूरदराज से आए किसानों ने लाठियों को ठोक बजाकर देखा और उनकी खरीद की। इनमें तिलहर की लाठियों की मांग सबसे ज्यादा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

लाठी बाजार में किसानों की खूब भीड़ लगी। यहां बरेली, तिलहर के अलावा पूर्वांचल के जिलों से आईं लाठियों की खूब बिक्री हुई। मेले में दो सौ से लेकर पांच सौ रुपये तक की लाठी बिक रही है। बैलों को हांकने के लिए पैना भी बिक रहे हैं। इनकी कीमत सौ रुपये के करीब है। किसान अपने अनुभवी साथियों की मदद से लाठियों और पैना की खरीद काफी देखभाल कर कर रहे हैं। वे लाठी के बांस की क्वालिटी पर खास ध्यान देते हैं। लाठी को जमीन में मारकर और हवा में लहराकर उसकी परख की जा रही है। तिलहर से आए लाठी व्यापारी रंजेश ने बताया कि उनके यहां का बांस ज्यादा बेहतर माना जाता है। बरेली के बांस से बनी लाठी लोगों की दूसरी पसंद है। उझानी के लाठी व्यापारी मोरपाल ने बताया कि लाठियों की बिक्री पर जीएसटी का कोई असर न होने से भी फायदा हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed