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...सही होने तक का नहीं किया इंतजार, देवर को का थामा हाथ
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:25 AM IST
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संकट की घड़ी में पत्नी
ने भी दिया था साथ
शादी के एक माह बाद ही मजदूरी करने चला गया था पति दिल्ली
फिर निकल आया फोड़ा, उसी में हो गया था मरणासन्न
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज। शादी के एक माह बाद पति मजूदरी करने दिल्ली चला गया। वहां फोड़ा निकल आया। सो इलाज के दौरान उसकी हालत मरणासन्न हो गई। उसके जीवन की आस छोड़कर उसकी पत्नी ने देवर का हाथ थाम लिया।
क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने पत्र में जिक्र किया है कि उसकी शादी कटरा क्षेत्र के एक गांव से हुई थी। शादी के एक माह बाद वह मजदूरी करने दिल्ली चला गया। पत्नी घर पर ही रह गई। वहां पर उसके फोड़ा निकल आया। तब वह वापस आ गया। बदायूं इलाज कराने के बाद उसे बरेली भेज दिया गया। 25 दिन बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चला। तब उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। आरोप है कि ससुराल वालों को लगा कि वह बच नहीं पाएगा, सो उन्होंने उसकी पत्नी का हाथ देवर को थमा दिया। पीड़ित ने कहा है कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य है, लेकिन अब भाई पत्नी को वापस नहीं कर रहा है। इसी को लेकर 15 जुलाई को भाई झगड़ा कर बैठा। पीड़ित ने पत्नी को दिलाने की गुहार की है।
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ने भी दिया था साथ
शादी के एक माह बाद ही मजदूरी करने चला गया था पति दिल्ली
फिर निकल आया फोड़ा, उसी में हो गया था मरणासन्न
अमर उजाला ब्यूरो
दातागंज। शादी के एक माह बाद पति मजूदरी करने दिल्ली चला गया। वहां फोड़ा निकल आया। सो इलाज के दौरान उसकी हालत मरणासन्न हो गई। उसके जीवन की आस छोड़कर उसकी पत्नी ने देवर का हाथ थाम लिया।
क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने पत्र में जिक्र किया है कि उसकी शादी कटरा क्षेत्र के एक गांव से हुई थी। शादी के एक माह बाद वह मजदूरी करने दिल्ली चला गया। पत्नी घर पर ही रह गई। वहां पर उसके फोड़ा निकल आया। तब वह वापस आ गया। बदायूं इलाज कराने के बाद उसे बरेली भेज दिया गया। 25 दिन बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चला। तब उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। आरोप है कि ससुराल वालों को लगा कि वह बच नहीं पाएगा, सो उन्होंने उसकी पत्नी का हाथ देवर को थमा दिया। पीड़ित ने कहा है कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य है, लेकिन अब भाई पत्नी को वापस नहीं कर रहा है। इसी को लेकर 15 जुलाई को भाई झगड़ा कर बैठा। पीड़ित ने पत्नी को दिलाने की गुहार की है।
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