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काकोरी के शहीदों की वीरगाथा जानी
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:00 AM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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उझानी (बदायूं)। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में चल रहे प्रखर बाल संस्कारशाला के बच्चों ने काकोरी कांड के क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक अशफाक उल्ला खां को बलिदान दिवस पर याद किया। अब्दुल्लागंज के बड़े हनुमान मंदिर के महंत कमलाकांत महाराज ने उन्हें क्रांतिकारियों की गौरवगाथा से अवगत कराया।
बलिदान दिवस पर मंदिर के महंत कमलाकांत महाराज और राजीव लोचन ने देश को आजाद कराने में क्रांतिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण बताया। कहा-देश को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारियों ने खुद को न्योछावर कर दिया लेकिन अंग्रेजों के आगे सिर नहीं झुकाया। उनके बलिदान को ताउम्र भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान बनने की सलाह दी। अच्छे संस्कारों से ही खुद को पहचान मिलती है। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरगाथा का पाठ पढ़ाया। काकोरी में क्रांतिकारियों की वजह से ही अंग्रेजों की छक्के छूट गए थे।
बच्चों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गीत सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल में हैं’ की गूंज भी कार्यक्रम में सुनाई दी। इस मौके पर अजब सिंह यादव, सौम्या, दीप्ति, राखी, सोनम, केशव, दिवाकर, अजय, अभिषेक, सचिन सिंह, हेमंत, बालकिशन, नितिन, शिवम, दीपांशु, सर्वेंद्र, अनु, बेबी, संध्या, आयुष, मयंक, सम्मी आदि मौजूद थे।
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बमनौसी कराया गायत्री यज्ञ
उझानी। कादरचौक गांव बमनौसी में गायत्री परिवार की ओर से गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। ग्रामीणों ने गांव की खुशहाली के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं। यज्ञाचार्य रामकिशन नारद और सोरन सिंह ने मंत्रोच्चार कर यज्ञ संपन्न कराया। इस मौके पर सत्यवीर सिंह यादव, मुन्नी देवी, जितेंद्र सिंह, धनपाल सिंह, रामवीर सिंह, श्याम सिंह, कप्तान सिंह, डॉ. ओमकार, परमात्मा सरन, शोभाराम आदि मौजूद रहे।
बलिदान दिवस पर मंदिर के महंत कमलाकांत महाराज और राजीव लोचन ने देश को आजाद कराने में क्रांतिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण बताया। कहा-देश को आजाद कराने के लिए क्रांतिकारियों ने खुद को न्योछावर कर दिया लेकिन अंग्रेजों के आगे सिर नहीं झुकाया। उनके बलिदान को ताउम्र भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान बनने की सलाह दी। अच्छे संस्कारों से ही खुद को पहचान मिलती है। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरगाथा का पाठ पढ़ाया। काकोरी में क्रांतिकारियों की वजह से ही अंग्रेजों की छक्के छूट गए थे।
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बच्चों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गीत सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल में हैं’ की गूंज भी कार्यक्रम में सुनाई दी। इस मौके पर अजब सिंह यादव, सौम्या, दीप्ति, राखी, सोनम, केशव, दिवाकर, अजय, अभिषेक, सचिन सिंह, हेमंत, बालकिशन, नितिन, शिवम, दीपांशु, सर्वेंद्र, अनु, बेबी, संध्या, आयुष, मयंक, सम्मी आदि मौजूद थे।
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बमनौसी कराया गायत्री यज्ञ
उझानी। कादरचौक गांव बमनौसी में गायत्री परिवार की ओर से गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। ग्रामीणों ने गांव की खुशहाली के लिए गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं। यज्ञाचार्य रामकिशन नारद और सोरन सिंह ने मंत्रोच्चार कर यज्ञ संपन्न कराया। इस मौके पर सत्यवीर सिंह यादव, मुन्नी देवी, जितेंद्र सिंह, धनपाल सिंह, रामवीर सिंह, श्याम सिंह, कप्तान सिंह, डॉ. ओमकार, परमात्मा सरन, शोभाराम आदि मौजूद रहे।