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जानलेवा हमले में दो को 10-10 साल की कैद
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बदायूं। मोबाइल को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति पर चाकुओं से किए गए जानलेवा हमले में दो सगे भाइयों को षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने दस-दस साल की कैद के साथ ही 25-25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी रहे एक व्यक्ति की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है, वहीं साक्ष्यों के अभाव में दूसरे को बरी कर दिया गया।
विगत 23 जनवरी-2010 को मुहल्ला कामगरान निवासी असरार अहमद ने रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना से दो माह पहले उसके भतीजे मेेराज अहमद का आसिफ उर्फ बंदर निवासी ईकरी थाना अलापुर और मुजाहिद से झगड़ा हो गया था। 23 जनवरी को उसका भतीजा मेराज नमाज पढ़कर बाजार गया था, तो आसिम उर्फ बंदर, आदिल व मुुजाहिद ने उसको घेर लिया और चाकू-छुरी से जानलेवा हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। भीड़ ने आसिफ को मय छुरी के पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। असरार ने इन तीन के अलावा यूसुफ पुत्र इसरार को आरोपी बनाया। मुजाहिद की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आसिम उर्फ बंदर और आदिल को मुजरिम करार देते हुए 10-10 साल की कैद के साथ ही दोनों पर 25- 25 हजार का जुर्माना डाला। साक्ष्यों के अभाव में यूसुफ को बरी कर दिया गया।
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विगत 23 जनवरी-2010 को मुहल्ला कामगरान निवासी असरार अहमद ने रिपोर्ट लिखाई थी कि घटना से दो माह पहले उसके भतीजे मेेराज अहमद का आसिफ उर्फ बंदर निवासी ईकरी थाना अलापुर और मुजाहिद से झगड़ा हो गया था। 23 जनवरी को उसका भतीजा मेराज नमाज पढ़कर बाजार गया था, तो आसिम उर्फ बंदर, आदिल व मुुजाहिद ने उसको घेर लिया और चाकू-छुरी से जानलेवा हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। भीड़ ने आसिफ को मय छुरी के पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। असरार ने इन तीन के अलावा यूसुफ पुत्र इसरार को आरोपी बनाया। मुजाहिद की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आसिम उर्फ बंदर और आदिल को मुजरिम करार देते हुए 10-10 साल की कैद के साथ ही दोनों पर 25- 25 हजार का जुर्माना डाला। साक्ष्यों के अभाव में यूसुफ को बरी कर दिया गया।
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